शब्द-संस्कृति

‘शब्द-संस्कृति’ — भाषा की जड़ों और संस्कृति की गहराइयों तक पहुँचने का एक प्रयास।
हिन्दी अभिव्यक्ति की दृष्टि से संसार की किसी भी प्रमुख भाषा से कम नहीं है। संस्कृत की विरासत और हमारी बोलियाँ इसके सामर्थ्य को अनेक गुना बढ़ा देती हैं। देवनागरी जैसी वैज्ञानिक लिपि इसे विशिष्ट बनाती है।
दुर्भाग्य है कि हमारे विद्यालयों में हिन्दी और देवनागरी की क्षमता और वैज्ञानिकता पर उतनी गहराई से चर्चा नहीं होती, जितनी आवश्यक है। ‘शब्द-संस्कृति’ इसी कमी को पूरा करने की दिशा में आरम्भ हुआ है।
भाषा की अशुद्धियों को पहचानना, उन्हें सुधारना और शब्दों के सहारे हमारी सांस्कृतिक विरासत को समझना — यही इस चैनल का ध्येय है।
🔹 मुख्य विषय :
हिन्दी व्याकरण, शुद्ध हिन्दी, शब्दों का सही प्रयोग, हिन्दी सुधार,
संस्कृत व्याकरण, देवनागरी लिपि की वैज्ञानिकता,
हिन्दी for competitive exams (UPSC, SSC, TGT, PGT आदि),
सामान्य हिन्दी, इतिहास-विमर्श, सभ्यता-संस्कृति,
और समाज के ज्वलन्त मुद्दों पर भाषिक दृष्टि से चर्चा।
🔸 उद्देश्य :
हिन्दी को केवल भाव की नहीं, विज्ञान जैसे अन्यान्य विषयों की भाषा के रूप में प्रस्तुत करना।