Scienyifically ये सिद्ध किया गया है कि गर्भस्थ बच्चे का अवचेतन मन ही विकसित होता है और चेतन मन पैदा होने के बाद विकसित होता हैं, इसीलिए यदि माँ अपने बच्चे को गर्भ में जो भी शिक्षा देना चाहती है और जो भी गुण उसमे चाहती है वो दे सकती है और बच्चा य lifelong याद भी रख सकता है। गर्भावस्था में किसी भी चीज पर ज्यादा ध्यान देती है, जो सुनती है,देखती है वो सब बच्चा ग्रहण करता है, और इसका असर बच्चे की मानसिक स्थिति पर पड़ता हैं। माता की सकारात्मक य नकारात्मक सोच क बच्चे पर असर पड़ता है। इसलिए माता को हमेशा खुश और सकारात्मक रहने के लिए कहा जाता है।