ज्योतिष विज्ञान को समझने के लिये भचक्र समझना होगा। भचक्र आसमान में फैला एक चौड़ा विस्तार है जो सूर्य पथ के दोनों और नौ-नौ डिग्री तक फैला होता है। इसको Zodiac कहते ।यह 360°का एक कल्पित Elliptical circle होता है जिसको हमारे ऋषि मुनि रूपी वैज्ञानिकों ने 12 भागों में विभाजित किया तो प्रत्येक भाग 30° का हुआ। यह 30 अंश का भाग ही राशि कहलाता है। अतः राशियाँ 12 हुई : 1.मेष 2 वृष 3 मिथुन 4 कर्क 5 सिंह 6 कन्या 7 तुला 8 वृश्चिक 9 धनु 10 मकर 11 कुम्भ 12 मीन।
आपने देखा होगा कुंडलियों में राशि के स्थान पर नम्बर लिखा होता है। वह सम्बन्धित राशि का नम्बर होता है। उपरोक्त नंबर के सामने राशि लिखी है वो राशि के नम्बर हैं जो कि कभी भी परिवर्तित नहीं होते हैं कुँडली में न ही इनका क्रम परिवर्तित होता है।उपरोक्त क्रम के अनुसार ही कुँडली राशि बैठी होती है।कुँडली के 12 भाव यानी House होते हैं।प्रत्येक भाव में एक राशि स्थित होती है।
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इंजी0 अजय सोलंकी।
एस्ट्रो-एडवाइजर।
Flutist (बाँसुरी वादक)
Ex-Senior Executive Engineer -BHEL Ranipur.
Mob No:9058105739.