Bavele Ji Maharaj

पूज्य आचार्यचरण श्री बवेले जी महाराज का जन्म २०२३ शुद्ध श्रावण द्वितीया - तृतीया(हरियाली तीज)को ठाकुर बाँके बिहारी की कृपा से हुआ आप के पितामह भारत वर्ष के सुप्रसिद्ध सामवेदी-कृष्ण यजुर्वेदी अग्निहोत्री पं. श्री लक्ष्मी नारायण जी चतुर्वेदी(बवेले जी)ने अपने प्रिय पुत्र "गवाराधक"पं. श्रीगौरीशंकर बवेले जी को आशीर्वाद दिया कि आप का पुत्र वैदिक साहित्य का प्रचारक होगा आपके मातामह काशी के प्रसिद्ध विद्वान बैयाकरण एवं दैवज्ञ पं. श्रीगंगादत्त हज़ारी प्रसाद(त्रिपाठी)पटेरिया जी की पुत्री पूज्या हीरा देवी एवं पिता पूज्य श्री गौरीशंकर (बवेले जी)के आप तृतीय पुत्र हैं ।आप का अध्ययन काशी में भोपाल में एवं वृन्दावन के सुप्रसिद्ध विद्वान परम पूज्य श्रीराजवंशी द्विवेदी जी महाराज के पावन सान्निध्य में धर्मशास्त्रीय शिक्षा प्राप्त कर धर्म संघ संस्कृत महाविद्यालय में वेद विभागाध्यक्ष के पद पर रहकर हज़ारों ब्राम्हणों को धर्म शिक्षा दी आपकी पीयूष वर्षणी वाणी से धर्म शास्त्रीय विवेचनपूर्ण भारत वर्ष में अनेक भागवत, रामायण, देविभागवत, शिवपुराण, विष्णुपुराण, ब्रम्हवैवर्तपुराण एवं हरिवंशपुराण पर कथायें हुईं हैं