सन्तमत धारा - Santmat Dhara

संतमतधारा के अंतर्गत दासानुदास सुर्यदास जी अपने रूहानी सुवचनों द्वारा जिज्ञाशु भक्तों को चेताकर तथा सगुण भक्ति, निर्गुण भक्ति और सतभक्ति का पूर्ण भेद बताकर तथा योग्य हंसों को सतभक्ति का तत्व बोध करवाकर सतलोक यानि अमरलोक जाने का मार्ग प्रसस्त करते हैं । परमात्मा की प्राप्ति के नाम पर समाज में फैले हुए भरमों व अधूरी साधनाओं का निराकरण करते हुए एक पूर्ण सत्यपुरुष की भक्ति जिसको वास्तव में पूर्ण परमात्मा कहा गया है की अनुभूति वास्तव में संतमतधारा के अंतर्गत करवाई जाती है । जिस भक्ति को अशिक्षित तथा शिक्षित मानव आसानी से गृहस्थ आश्रम को निभाते हुए तथा घर में ही रहकर कर सकते हैं । इसमें किसी जाति, देश, धर्म का बंधन नहीं आता है । सर्वसंतों की अनुभवी वाणियों के आधार पर आत्मज्ञान व परमात्म ज्ञान की अनुभूति साक्षात् रूप से करवाई जाती है ।

सत्संग स्थान :- प्रभा आत्मबोध कुटिया, संतमतधारा, पुराना रोहतक रोड बाईपास, नया किशन पूरा रोड पर (निकट कृषि अनुसन्धान केंद्र ATI), जींद ।

संपर्क सूत्र :- 9416934493 ------ 9518034892