Aatmik Chintan Bk kamal

मैं आत्मा हूँ. मस्तिष्क के बीच में विराजमान हूँ. मेरा पिता परमात्मा शिव है. मैं आत्मा ऊर्जा स्वरूप में हूँ वैसे ही मेरा पिता भी ऊर्जा स्वरूप में है..परमात्मा ही सत्य है. परमात्मा जन्ममरण से न्यारा है मास्टर सर्वशक्तिमान है. जिसने भी जन्म लिया उसे भगवान नहीं कहा जा सकता. परमात्मा हम सभ आत्माओं का पिता है.. जिसे हम इस कलयुग में ज्योतिर्लिंग बनाकर पूजते है. बहुत सारी आत्मा शंकर को ही शिव समझ लेती है जबकि ऐसा कुछ नहीं है शंकर एक देवता है जबकि ज्योतिरबिंदु शिवाय परमात्मा है. इसलिए शंकर हमेशा ध्यान अवस्था में होता है. शंकर की प्रतिमा के सामने ज्योतिर्लिंग की प्रतिमा होती है क्यूंकि शंकर अपने बाप परमात्मा शिवाय को याद कर रहे है. शिव ही सत्य है बाकि सब मिथ्या है.. 🙏🌹ओम नमोः शिवाय 🌹🙏



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