IQG Islamic Production

Ahle Sunnat Wal Jamat :
Maslak E AlaHazrat Zindabaad :
Huzur TajushShariya Zindabaad :

*इल्मे दीन कि अहमियत*
इल्मे दीन का मतलब है अल्लाह व रसूलﷺ की तरफ से मदद मिलना, इल्मे दीन साथी की तरह है। जिस तरह दुनिया मे इंसान ये चाहता है कि मुसीबत में कोई उसकी मदद करे कोई कुछ मशवरा दे, कोई कुछ साथ दे, कोई कुछ उपाय बता दे, ठीक उसी तरह शैतान से ईमान बचाने के लिए इंसान को किसी के साथ की ज़रूरत होती है, किसी की मदद की ज़रूरत होती है। उस वक़्त यही इल्मे दीन यानी अल्लाह व रसूलﷺ का फ़रमान ईमान बचाने की कोशिश करने वाले के हक़ में मददगार साबित होता है। यानी इल्मे दीन से अल्लाह व रसूलﷺ का साथ मिलता है । इल्मे दीन हासिल करना यानी अल्लाह और रसूलﷺ को दोस्त बना लेना है।

मगर जिसके पास इल्मे दीन न हो वो अल्लाह व रसूलﷺ की मदद से महरूम रह जाता है, यानि जाहिल के दोस्त अल्लाह और रसूलﷺ नही होते और शैतान उसे हलाक़ कर देता है ।

अब अल्लाह और रसूल ﷺ को दोस्त या मददगार बनाना चाहते है तो इल्मे दीन हसिल कीजिये इसी में एक भला है दुनिया और आख़िरत के लिए ..