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उत्तिष्ठ भारत - एक सन्देश है सनातन धर्म के लिए और इसके दिए जा रहे योगदान की।
प्राचीन भारत में अनेक महापुरुषो का जन्म हुआ, जिन्होंने भारत वर्ष का उद्धार एवं दुनिआ में भारत का परचम लहराया ।
ऐसा भारत वर्ष जहाँ 4 वेद, 18 पुराण एवं 108 उपनिषद का निर्माण हुआ।
यहाँ आपको सारे सनातन धर्म की जानकारी मिलेगी।
उतिष्ठा भारत चैनल आप लोगों को एक कहानी के रूप में बताएगा। अतः उनके सारे संस्कृत के श्लोक के साथ साथ उसके अनुवाद भी आप तक पहुंचाया जायेगा।
1.सुखस्य मूलं धर्मः।
सुख का मूल धर्म है।
2.धर्मस्य मूलं अर्थः।
धर्म का मूल अर्थ है।
3.अर्थस्य मूलं राज्यं।
अर्थ का मूल राज्य है।
4.राज्यस्य मूलं इन्द्रिय जयः।
राज्य का मूल है, इन्द्रियों पर विजय
5.इन्द्रियाजयस्य मूलं विनयः।
इन्द्रिय जय का मूल विनय है।
6.विनयस्य मूलं वृद्धोपसेवा॥
वृद्धों की सेवा ही विनय का मूल है।
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