ध्यान के शिखर पर पहुंचने का सबसे आसान तरीका है, भक्ति

ध्यान के शिखर पर पहुंचने का यदि कोई सबसे आसान तरीका है तो वह भक्ति ही है, क्योंकि इसमें न तो कोई तर्क होता है, न विचार होता है और न ही इसे उत्पन्न करने के लिए किसी ज्ञान की आवश्यकता होती है। यह बस हृदय में समाए प्रेम का उद्गार है जिसे भक्त गीत और संगीत में पिरोकर अभिव्यक्त करता है।
वास्तव में जो व्यक्ति भक्ति के रस को पीता है वह निश्चित ही इसके आनंद में जीता है। वस्तुत: भक्ति के शब्दों में उतना रस नहीं होता जितना इन शब्दों की धुन में होता है। शब्द तो प्राय: बौने भी होते हैं, किंतु जब इन्हें भक्ति के रस और रंग में लपेटा जाता है तब ये अनूठे हो जाते हैं।
@bhaktidhyaan