Bharatiya Bhasha Parishad

भारतीय भाषा परिषद कोलकाता में भारतीय भाषाओं की साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के उद्देश्य से 1975 में स्थापित हुई थी| इसके संस्थापकों में प्रमुख थे सीताराम सेकसरिया और भागीरथ कानोड़िया| इस गैर-सरकारी संस्थान ने अपनी स्थापना के समय से ही राष्ट्रीय अखंडता, बहुलतावादी संस्कृति और सभी भाषाओं के साहित्य की सृजनशीलता को प्रोत्साहित करना अपना मुख्य लक्ष्य बना लिया | भाषा परिषद का लगभग 20,000 पुस्तकों से संपन्न अपना भागीरथ कानोड़िया ग्रंथालय है, इसमें पाठकों को पुस्तकों के अलावा पत्र-पत्रिकाएँ भी पढ़ने के लिए सुलभ हैं | इसका एक प्रकाशन विभाग है, जो हिंदीतर भारतीय भाषाओं की श्रेष्ठ कृतियों के हिंदी अनुवाद का प्रकाशन करता है| भारतीय भाषा परिषद द्वारा एक साहित्यिक मासिक पत्रिका ‘वागर्थ’ का प्रकाशन 1995 से नियमित रूप से हो रहा है| इसके माध्यम से देश भर के वरिष्ठ साहित्यकार और नई पीढ़ी के लेखक हमसे जुड़े हुए हैं | भारतीय भाषा परिषद हिंदीतर प्रदेश पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से सक्रिय रहते हुए भी अपनी अखिल भारतीय पहचान रखती है| यह हिंदी के साथ-साथ सभी भारतीय भाषाओं के प्रति समर्पित है |