Hii.......friends
मुश्किलें जरूर है, मगर ठहरा नहीं हूँ मैं.
मंजिल से जरा कह दो, अभी पहुँचा नहीं हूँ..
कदमों को बाँध न पाएँगी, मुसीबत की जंजीरें.
रास्तों से जरा कह दो, अभी भटका नहीं हूँ मैं..
सब्र का बाँध टूटेगा, तो फना कर के रख दूँगा.
दुश्मन से जरा कह दो, अभी गरजा नहीं हूँ मैं..
साथ चलता है, दुआओं का काफिला.
किस्मत से जरा कह दो, अभी तनहा नहीं हूँ मैं..
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