BAHUJAN KA SUNDAR RAJ

बहुजन शब्द का अर्थ है अधिकांश लोग या बहुसंख्यक समाज इसमें वो लोग आते है जो राजनीति की मुख्य धारा से अलग है ,उनकी संख्या अधिक है फिर भी उन लोगों की राजनीत या स्टेट में उनकी हिस्सेदारी बहुत कम है जबकि लोकतंत्र में जिसकी जितनी ज्यादा संख्या होती है उसकी उतनी भागीदारी होनी चाहिए।ये लोग शिक्षा,सुरक्षा,स्वास्थ्य,समानता,स्वतंत्रता,न्याय,सम्मान, के मामले में हंसिए पर है।इन लोगों में आते हैं दिहाड़ी मजदूर , किसान सफ़ाई कर्मचारी ,दुकानदार ,रिक्शा ऑटो चालक पल्लेदार,चरवाहा,खदान मजदूर।इन लोगों को जिन लोगों की राजनीति और स्टेट में हिस्सेदारी अधिक है रसूख दार हैं जमींदार हैं के द्वारा हीन भावना से देखा जाता है इज्ज़त सम्मान नहीं दिया जाता है,संसद तथा संस्थाओं में हिस्सेदारी कम है इसलिए इनके हितों की रक्षा के लिए कोई खास कानून नहीं है। इन बहुजनों को जागना होगा और सुंदर राज स्थापित करना होगा पहले देश के कुछ जगहों पर इनके महापुरुषों ने सुंदर राज स्थापित भी किया है पर मुख्य सत्ता पर अभी तक नहीं किया है इस चैनल के माध्यम से हम यही दिखाना चाहेंगे कि पहले बहुजनों का सुंदर राज कहां कहां स्थापित हुआ है