कोई भी संवेदनशील इंसान जैसे ही किसी चीज का दुरुपयोग करता है, वो चीज उसे अंदर से परेशान करने लगती है। संवेदनशीलता व्यक्ति के समावेशी भाव के अनुरूप होती है। By Sadhguru