Word of God
[15] यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिनमें सबसे बड़ा मैं हूं।
[16] पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सबसे बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उनके लिये मैं एक आदर्श बनूँ। (1तीमुथियुस 1:15-16)
इस चैनल का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या संस्था को ऊँचा करने के लिए नहीं है परंतु सुनने वालों की आत्मिक उन्नति के लिए, आत्मिक विषयों को परमेश्वर के आत्मा की सहायता से समझाने के लिए तथा परमेश्वर की महिमा के लिए इसे बनाया गया है। परमेश्वर की दया और अनुग्रह के द्वारा वचन की जो बातें सीखने का मौका हमें मिला है, उसको नम्रतापूर्वक और प्रेमपूर्वक आपके साथ बाँटने का एक छोटा सा प्रयास है। इसलिए हमारी प्रार्थना है कि इस चैनल के द्वारा प्रत्येक सुनने वाला विश्वास में दृढ़ हो और आत्मिक उन्नति करे। और यदि आत्मिक जीवन से संबंधित कोई भी शक या सवाल है तो आप निसंकोच हमसे संपर्क कर सकते हैं। मारानाथा
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"हे पिता,मैं अपनी आत्मा सौंपता हूँ।"मृत्यु के समय यीशु की प्रार्थना का अर्थ || मसीही हिन्दी संदेश ||
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