आज की दुनिया में Artificial Intelligence (AI) सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि इंसान की सोच को नई दिशा देने वाला साधन बन चुका है। AI अब मशीनों को सिखा रहा है कि वे सोचें, समझें और निर्णय लें।
चाहे मोबाइल में वॉइस असिस्टेंट हो, सोशल मीडिया का कंटेंट, मेडिकल रिपोर्ट की पहचान या फिर वीडियो-इमेज बनाना — हर जगह AI अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है। इससे काम तेज़, सटीक और आसान हुआ है।
लेकिन AI के साथ कुछ सवाल भी उठते हैं —
क्या यह इंसानों की नौकरियाँ छीनेगा?
क्या मशीनें भावनाओं को समझ पाएँगी?
सच यह है कि AI इंसान का विकल्प नहीं, बल्कि उसका सहयोगी है। सही दिशा और नैतिकता के साथ उपयोग किया जाए, तो AI शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समाज को एक नई ऊँचाई तक ले जा सकता है।