यह संगठन किसी भी दलगत राजनैतिक पार्टी के करीब नहीं है ।
इसकी विचारधारा को धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्रवाद के आधार पर बांटा नहीं जा सकता ।
संस्था के संविधान 4 के अनुसार संस्था का उद्देश्य है -
क-लोक कला, लोक साहित्य, लोककथा, लोकगाथा, लोक संस्कृति, लोक संगीत( गायन,वादन एवं नृत्य ) का अध्ययन, संवर्द्धन, संरक्षण और अनुसंधान करना ।
ख-देश के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, लोक कलाकारों को विभिन्न कार्यक्रमों में आमन्त्रित करना, उनकी प्रतिभा, विचारों और कार्यों का प्रचार -प्रसार करना ।
ग- लोक कला, संगीत, साहित्य को समर्पित `लोक-रंग´ पत्रिका का प्रचार-प्रसार करना ।
घ- विचार गोष्ठियां आयोजित करना ।
ड.- जनोपयोगी लोकगीतों , फिल्मों, कविताओं के पोस्टरों का प्रदर्शन करना ।
च-अंधविश्वास,अश्लीलता,पाखण्ड,पतनशीलसाहित्य, साम्प्रदायिकता, जातिवाद, क्षेत्रवाद, अपसंस्कृति का निषेध करना और जनसामान्य के बीच प्रगतिशील,संवेदनशील संस्कृति विकसित करना ।