सद्गुरु की कृपा से मेरी आध्यात्मिक यात्रा मेरी किशोरावस्था के शुरुआती वर्षों में शुरू हुई थी।
मैंने वैदिक ज्योतिष, वैदिक कर्मकांड में विशेष शिक्षा प्राप्त की है और मैं आध्यात्मिक पथ के अन्य क्षेत्रों में अपनी स्वाभाविक रुचि विकसित करता रहता हूं, और मेरे कठोर ध्यान और अभ्यास के बाद मेने हस्तलिखित जन्माक्षर लिखना प्रारम्भ किया, ज्योतिष शास्त्र में धीरे धीरे आगे बढ़ते मुझे अनेक प्रकार की अनुभूतिया हुई की मनुष्य जीव मात्र ग्रहो के प्रकोप तथा प्रारब्ध कर्मो से जीवन में अनेक कष्ट उठा रहा हे जैसे की हमारे जीवन में अभ्यास क्षेत्र, स्वास्थ्य, धन, नौकरी, भाग्योदय, विवाह, आर्थिक संकट, भौतिक सफलता से संबंधित जीवन के सभी सामान्य मुद्दे इत्यादि अनेक प्रश्नो से और कष्टों से हमारा जीवन घिरा हुआ हे इन सभी कष्टों के निराकरण के लिए क्या करे ? इसका समाधान हमारे ऋषि मुनियों द्वारा धर्म शास्त्र में दिखाए गए मार्ग पर चलते यानि की ग्रहो का विधि विधान, योग दोष की शांति, शान्तिक कर्म श्रेष्ठ मार्ग हे ऐसा मेरा मानना हे और उसका मेने अनुभव भी किया हे |
Shared 1 week ago
121 views
Shared 2 weeks ago
77 views
Shared 3 weeks ago
96 views
Shared 3 weeks ago
157 views
Shared 4 weeks ago
78 views
Shared 1 month ago
541 views
Shared 1 month ago
868 views
Shared 1 month ago
304 views
Shared 2 months ago
104 views
Shared 2 months ago
195 views
Shared 2 months ago
299 views
Shared 2 months ago
51 views
Shared 2 months ago
86 views
Shared 2 months ago
122 views
Shared 2 months ago
162 views
Shared 3 months ago
386 views
Shared 3 months ago
77 views
Shared 3 months ago
176 views
Shared 3 months ago
48 views
Shared 3 months ago
87 views
Shared 3 months ago
54 views
Shared 4 months ago
870 views
Shared 4 months ago
154 views
Shared 4 months ago
29 views
Shared 4 months ago
58 views
Shared 4 months ago
300 views
Shared 4 months ago
228 views
Shared 5 months ago
46 views
Shared 5 months ago
415 views
Shared 5 months ago
207 views
Shared 5 months ago
140 views
Shared 5 months ago
86 views
Shared 5 months ago
110 views
Shared 5 months ago
80 views
Shared 5 months ago
116 views