"यहाँ लिखी गईं,गायी गईं सभी कविताएँ पूज्य गुरुदेव को समर्पित हैं।"
गुरुकृपा: केवलम्”,श्रीगुरु: शरणं मम।श्रीसीताशरणं मम,श्रीराम: शरणं मम।
"श्रीराधा श्रीराधा"
💐हिन्दी भाषा के प्रचार प्रसार में संलग्न है यह चैनल💐
आदर्श वाक्य है- “स्वे स्वे कर्मण्यभिरत: संसिद्धिं लभते नर:”,
“तेरे थपे उथपे न महेश, थपे तिनकों जे घर घाले
तेरे निवाजे गरीब निवाज़, विराजत वैरिन के उर साले”
मच्चित्ता मद् गतप्राणा बोधयन्तः परस्परम्।
कथयन्तश्च मां नित्यं तुष्यन्ति च रमन्ति च ।।9।।
तेषां सततयुक्तानां भजतां – प्रीतिपूर्वकम्।
ददामि बुद्धियोगं तं येन मामुपयान्ति ते।।10।।
👉 ‘गीताज्ञानमञ्जरी’ का सम्पादन।
👉I expert in steal the words surreptitiously.
(जैसा हूँ वही लिख रहा हूँ)
👉संसारी प्रेम में अस्पृश्य।ईश्वरीय प्रेम मेरा अपना।हनुमन्त कभी मेरा हाथ नहीं छोड़ते।पराम्बा मुझे पुचकारतीं रहतीं हैं।
💐हम न किसी के,हमरा न कोइ,हम जो मरेंगे रोना न कोई~कबीर💐
💥जो तोड़ दे मेरे हौसलौं को,अभी वो तूफाँ उठा नहीं हैं💥
✍️दो कौड़ी की राजनीति पर कभी कुछ नहीं बोलूँगा यहाँ से।
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🌺श्री हरि: शरणम्-मैं कृष्ण का था,हूँ और रहूँगा-जीव,जीव ही रहेगा।-ममेवांशो जीव लोके-हम उसके अंश हैं 🌺
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