"वो खुद पीछे रह के देश को आगे बढ़ाता है, वो किसान है साहब।" "वो तपती धूप में गेहूं काटता है खेतों में, फिर आटा मिलता है दुकानों में।" "किसान और जवान देश का एक एक पाई चुका कर मरते है।" "हम सिर्फ अपना घर ही नहीं पूरा देश चलाते है, हम किसान है साहब हम मिटटी का कर्ज चुकाते है।"