मनोरंजन के साथ-साथ अपने उराँव समाज की विभिन्न कला-संस्कृति , रीति-रिवाज ,नेग-चार तथा पुरखों द्वारा पारंपरिक तौर-तरीकों से किये गए सभी छोटे-बड़े कार्यों को जानने समझने और उससे रू-ब-रू कराने की हमारी उद्देश्य।


सहयोग कीजिएगा हम सब मिल कर हमारी आने वाली नई पीढ़ी के लिए हमारे पुरखों द्वारा संजोय गए हमारी संस्कृति एवं परम्पराओं को संजोय रखने की कोशिश करेंगे।

"धन्यवाद"


0:26

Shared 5 years ago

24K views