ब्रज की लता-पता मोहि कीजै।
गोपी-पद-पंकज की पावन,
रज जामै सिर भीजै।
आबत जावत कुंज की गलियन
रूप-सुधा नित पीजै
श्री राधे-राधे मुख यह बर,
हरीचंद कौ दीजै🌹

श्रीमन्नित्यनिकुंजबिहारिने नमः🪔🪔

श्री हरिदास🙏🙏💫💫