Satguru Ravi dass

निराकार ईश्वर की भक्ति: रवि दास महाराज ने भगवान को निराकार (निर्गुण) माना और कहा कि ईश्वर का रूप किसी भी बाहरी रूप में नहीं दिखता, बल्कि वह आत्मा में बसा होता है।
समाज सुधार: उन्होंने जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उनके अनुसार, सभी इंसान समान हैं और किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति, रंग या सामाजिक स्थिति के आधार पर नीचा नहीं समझना चाहिए।
सच्ची भक्ति: रवि दास ने यह सिखाया कि सच्ची भक्ति शुद्ध आत्मा के साथ ईश्वर के प्रति निष्ठा और प्यार में है। धार्मिक कर्मकांडों की बजाय, आंतरिक शुद्धता और प्रेम को महत्व दिया।