: प्रदेश के भिवानी जिले के गांव दिनोद को परमसंत हुजूर ताराचंद महाराज की जन्म भूमि बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। नन्हे बालक ताराचंद के रूप में स्वयं कुल मालिक ने दिनोद गांव के मलहान गौत्र के जाट परिवार में चौधरी मूलाराम के घर माता चावली देवी की कोख से 16 अगस्त 1925 को मानव चोला धरा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्राद्धों तदनुसार अमावस्या के दिन 20 सितंबर को परम संत ताराचंद महाराज का अवतरण दिवस के रूप में 93वां जन्म दिवस राधा स्वामी दिनोद आश्रम में मनाया जाएगा। इस मौके पर सत्संग का भी आयोजन किया जाएगा। सत्संग को राधा स्वामी दिनोद के परम संत कंवर महाराज प्रवचन देंगे। परम संत ताराचंद महाराज का संपूर्ण जीवन अपने आप में अद्वितीय था, क्योंकि उन्होंने दुखों का जो उतार चढ़ाव अपने जीवन में देखा उतना संसार में अन्य किसी संत, महात्मा, योगी, पीर, पैगम्बर ने नहीं देखा होगा। संतत्व की मूल परिभाषा को अक्षरश परिभाषित करने वाले परम संत हुजूर ताराचंद महाराज के विलक्षित, अलौकिक जीवन की चंद बानगी तो कोई भी जन राधा स्वामी आश्रम में लगे, भीति-चित्रो को देखकर अथवा उन पर प्रकाशित ग्रन्थ अनमोल चरित्र,