॥वैकुंठ धाम॥

॥ वैकुण्ठ धाम ॥
कर्म भूमि पर फल के लिए
श्रम तो सभी को करना ही पड़ता है!
भगवान सिर्फ़ भाग्य बनाते हैं
उसे सौभाग्य और दुर्भाग्य में
हमारे कर्म ही बदलते हैं!