Abdul Wakil islaami


बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम…“अल्लाह के नाम से शुरू जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।”
यह दुनिया एक इम्तिहान है,
और हम सब मुसाफ़िर…
जिसे अपनी मंज़िल आख़िरत में बनानी है।
जिस दिल में अल्लाह की याद बस जाए,
उस दिल में कभी तन्हाई नहीं रहती।
जिस ज़िंदगी में नमाज़ आ जाए,
उस ज़िंदगी में कभी अंधेरा नहीं रहता।
अगर आज हालात मुश्किल हैं,
तो याद रखो —
अल्लाह मुश्किलों से बड़ा है।
वो रब जो माँ के पेट में हमें रिज़्क देता है,
वो रब आज भी हमारी दुआओं को सुन रहा है।
👉 हार मत मानो…
👉 गुनाह से तौबा करो…
👉 और अपने रब से रिश्ता मज़बूत कर लो।
क्योंकि
जिसने अल्लाह को पा लिया,
उसने सब कुछ पा लिया।