इस चैनल पर रामचरितमानस की पंक्तियों के आधार पर चर्चा(मानस-चर्चा) करते हैं।मानस की ज्ञात-अज्ञात कथाओं को कहते हैं।धार्मिक,लौकिक,तार्किक,व्यावहारिक,सामाजिक, प्रेरणादायक,ज्ञानवर्धक,लोकहितकारी,हास्य,मनोरंजन से भरपूर कथाओं/कहानियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
इनके साथ ही साथ हिन्दी भाषा के समग्र विकास हेतु हिन्दी भाषा की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं एवं कक्षाओं हेतु अलंकार,रस,छन्द,पर्यायवाची शब्द,अनेकार्थी शब्द,आदि काव्य-शास्त्र, व्याकरण सम्बन्धित विन्दुओं पर प्रामाणिक विचार व्यक्त करते हैं।
इस चैनल पर हम केवल और केवल लोकहित में स्वान्तः सुखाय कार्य करते हैं
सधन्यवाद
गिरिजा शंकर तिवारी (शांडिल्य)