" वृन्दावन कलानाथौ हृदयानंद वध्र्दनौ ।
सुखदौ राधिका कृष्णौ भजेऽहं कुञ्ज गामिनौ।"


! बस इतनी कृपा करना !!
" कि जब मौत आए तो मैं वृंदावन में हूं "
उसे आने में मजा आए और मुझे जाने में मजा आए।


༺꧁जय श्री Զเधे꧂༻