हमारी बाहरी दुनिया में चाहे कितनी भी अशांति, समस्याएं और दुख हों, असली शांति और सुकून हमें केवल हमारे अपने मन के भीतर ही मिल सकता है।
यहाँ "अग्नि से जलता संसार" का मतलब है:
तनाव और चिंता: रोजमर्रा की जिंदगी में हम जिन दबावों और परेशानियों का सामना करते हैं, वे हमें मानसिक रूप से जलाते रहते हैं।
लालच और प्रतिस्पर्धा: दूसरों से आगे निकलने की होड़, ज्यादा पाने की चाहत हमें कभी शांत नहीं रहने देती।
नकारात्मक भावनाएँ: क्रोध, ईर्ष्या, नफरत जैसी भावनाएँ हमारे मन को अशांत रखती हैं।
दुख और कष्ट: जीवन में आने वाले शारीरिक और मानसिक कष्ट।
जब हम इन सभी "अग्नियों" से घिरे होते हैं, तो हमारा मन बेचैन और अशांत हो जाता है। ऐसे में, अगर हम बाहर की दुनिया में शांति खोजने की कोशिश करें, तो वह हमें नहीं मिलती।
इसके विपरीत, एक शांत मन ही हमें इन सब से राहत दिला सकता है। शांत मन का मतलब है:
आत्म-नियंत्रण: अपने विचारों और भावनाओं को नियंत्रित करना।
स्वीकृति: जीवन की अच्छी और बुरी दोनों परिस्थितियों को स्वीकार करना।
सकारात्मकता: हर स्थिति में कुछ अच्छा देखने की कोशिश करना।
ध्यान और चिंतन: अपने मन को शांत रखने के लिए ध्यान का अभ्यास करना।
जब हमारा मन शांत होता है, तो बाहर की कोई भी समस्या या चुनौती हमें बहुत ज्यादा परेशान नहीं कर पाती। हम उन्हें बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और उनका समाधान निकाल पाते हैं। इस प्रकार, असली राहत बाहरी परिस्थितियों में बदलाव से नहीं, बल्कि हमारे भीतर के शांत मन से मिलती है।
Buddha Rashmi
हमारी बाहरी दुनिया में चाहे कितनी भी अशांति, समस्याएं और दुख हों, असली शांति और सुकून हमें केवल हमारे अपने मन के भीतर ही मिल सकता है।
यहाँ "अग्नि से जलता संसार" का मतलब है:
तनाव और चिंता: रोजमर्रा की जिंदगी में हम जिन दबावों और परेशानियों का सामना करते हैं, वे हमें मानसिक रूप से जलाते रहते हैं।
लालच और प्रतिस्पर्धा: दूसरों से आगे निकलने की होड़, ज्यादा पाने की चाहत हमें कभी शांत नहीं रहने देती।
नकारात्मक भावनाएँ: क्रोध, ईर्ष्या, नफरत जैसी भावनाएँ हमारे मन को अशांत रखती हैं।
दुख और कष्ट: जीवन में आने वाले शारीरिक और मानसिक कष्ट।
जब हम इन सभी "अग्नियों" से घिरे होते हैं, तो हमारा मन बेचैन और अशांत हो जाता है। ऐसे में, अगर हम बाहर की दुनिया में शांति खोजने की कोशिश करें, तो वह हमें नहीं मिलती।
इसके विपरीत, एक शांत मन ही हमें इन सब से राहत दिला सकता है। शांत मन का मतलब है:
आत्म-नियंत्रण: अपने विचारों और भावनाओं को नियंत्रित करना।
स्वीकृति: जीवन की अच्छी और बुरी दोनों परिस्थितियों को स्वीकार करना।
सकारात्मकता: हर स्थिति में कुछ अच्छा देखने की कोशिश करना।
ध्यान और चिंतन: अपने मन को शांत रखने के लिए ध्यान का अभ्यास करना।
जब हमारा मन शांत होता है, तो बाहर की कोई भी समस्या या चुनौती हमें बहुत ज्यादा परेशान नहीं कर पाती। हम उन्हें बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और उनका समाधान निकाल पाते हैं। इस प्रकार, असली राहत बाहरी परिस्थितियों में बदलाव से नहीं, बल्कि हमारे भीतर के शांत मन से मिलती है।
2 weeks ago | [YT] | 1,473