बृहत् पराशर होरा शास्त्र — वैदिक ज्योतिष के सबसे प्राचीन और प्रामाणिक ग्रंथों में से एक — अब कथा के रूप में, हिंदी में, हर दिन एक नया अध्याय।
महर्षि पराशर अपने शिष्य मैत्रेय को सृष्टि की उत्पत्ति से लेकर नवग्रह, बारह राशियाँ, बारह भाव, कारकत्व, लग्न-गणना, कुंडली-निर्माण, सत्ताईस नक्षत्र, पंचांग, ग्रह-दृष्टि, मैत्री-चक्र, षड्बल — और आगे दशा, योग, तथा फलादेश की सम्पूर्ण कला सिखाते हैं। यह शृंखला मूल ग्रंथ की मूल भावना पर आधारित एक स्वरचित, कथात्मक वर्णन है — भय दिखाने के लिए नहीं, आत्मज्ञान के लिए।
📖 कुल 97 अध्यायों की योजना — रोज़ एक नया अध्याय।
अध्याय 1-7: नवग्रह (सूर्य से केतु तक — प्रत्येक ग्रह का स्वरूप, कारकत्व, उच्च-नीच)
अध्याय 8-9: बारह भाव (जीवन के हर क्षेत्र का नक्शा)
अध्याय 10: भावों के स्थायी कारक ग्रह
अध्याय 11-12: लग्न एवं सम्पूर्ण कुंडली-निर्माण
अध्याय 13-14: सत्ताईस नक्षत्र, उनके स्वामी एवं चरण
अध्याय 15: पंचांग के पाँच अंग
अध्याय 16+: ग्रह-दृष्टि, राशि-दृष्टि, मैत्री-चक्र, षड्बल — और आगे...
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Dharma Path USA Foundation की सेवा भावना से प्रस्तुत — ज्योतिष का ज्ञान सबका अधिकार है, इसी विश्वास के साथ।
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