Himanshu Tyagi

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

गाजियाबाद की MP-MLA विशेष अदालत ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। मामला साहिबाबाद थाने का 2018 का है ,शादी समारोह में कथित मारपीट, थप्पड़ और धमकी का आरोप। #ChandrashekharAzad #NaginaMP #GhaziabadCourt #NonBailableWarrant #ArrestWarrant #MPMLACourt #AzadSamajParty #Ghaziabad #Sahibabad #UPNews

1 week ago | [YT] | 4

Himanshu Tyagi

आज बीजेपी विधायक Harendra Singh Teotia जी ने अपने विधानसभा क्षेत्र गढ़मुक्तेश्वर के ग्राम मोहम्मदपुर, आजमपुर पहुंचकर स्वर्गीय गौरव त्यागी जी के शोकाकुल परिजनों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से प्राप्त ₹5 लाख की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा और संवेदनाएं व्यक्त कीं।

गत 27 सितंबर को ही लखनऊ में आदरणीय मुख्यमंत्री श्री ‪@myogiadityanath‬ जी से परिजनों की भेंट कराकर सहायता का आग्रह किया था। और मात्र दो ही दिन में यह आर्थिक मदद परिवार तक पहुंच गई।

मुख्यमंत्री जी का आभार।
विधायक जी का आभार।
और बड़े भैया Gyaneshwar Rinku Tyagi जी का भी बहुत बहुत धन्यवाद जो शुरू से स्वर्गीय गौरव त्यागी के परिजनों के साथ खड़े रहे🙏
विधायक जी से प्राथना है आगे भी परिवार की मदद करते रहें 🙏
#JusticeForGauravTyagi

1 week ago | [YT] | 1

Himanshu Tyagi

आम आदमी का घर मत तोड़िए, पहले व्यवस्था की जवाबदेही तय कीजिए!

देश आज 140 करोड़ से अधिक आबादी वाले दौर में है। शहर तेजी से फैल रहे हैं, प्रदूषण बढ़ रहा है, युवाओं के सामने रोजगार और भविष्य की चुनौतियां हैं, महिलाओं की सुरक्षा बड़ा सवाल है और अपराध की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।

लेकिन इन तमाम असली समस्याओं के बीच जब कार्रवाई की बात आती है तो सबसे आसान निशाना कौन बनता है?

आम आदमी।

मेरठ में अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई हो रही है। कानून का पालन होना चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन सवाल यह है कि अगर कोई निर्माण अवैध था तो वह एक-दो दिन में तो नहीं बना होगा।

वर्षों तक निर्माण होता रहा।

लोगों ने जमीन खरीदी।

रजिस्ट्री कराई।

बिजली के कनेक्शन लिए।

सरकारी रिकॉर्ड बने।

लोगों ने अपने जीवन की पूरी जमा-पूंजी लगाकर मकान बनाए।

तो उस समय प्रशासन कहां था?

जब जमीन की रजिस्ट्री होती है, तब सरकारी व्यवस्था को पता चलता है।

जब नक्शा पास होता है या निर्माण होता है, तब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बनती है।

जब बिजली का मीटर लगाया जाता है, तब विभाग को पता होता है कि उस स्थान पर मकान मौजूद है।

जब वर्षों तक सरकारी विभाग अपनी-अपनी सेवाएं देते हैं, तब क्या किसी अधिकारी को यह दिखाई नहीं देता कि निर्माण नियमों के अनुसार है या नहीं?

अगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो उसकी जिम्मेदारी आम आदमी के सिर क्यों डाली जाए?

अगर किसी अधिकारी की लापरवाही से अवैध निर्माण होने दिया गया, तो उस अधिकारी पर कार्रवाई होनी चाहिए।

अगर किसी विभाग ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो उस विभाग से जवाब मांगा जाना चाहिए।

अगर भ्रष्टाचार या मिलीभगत हुई है, तो उसकी जांच होनी चाहिए।

लेकिन जिस परिवार ने अपनी जिंदगी की कमाई लगाकर घर बनाया, उसे अचानक बेघर कर देना ही क्या न्याय है?

हम अवैध निर्माण का समर्थन नहीं कर रहे।

हम यह कह रहे हैं कि गलती अगर व्यवस्था की है तो सजा सिर्फ आम आदमी को क्यों?

प्रशासन के पास निर्माण रोकने के अधिकार और संसाधन थे।
सरकार के पास विभाग और अधिकारी थे।
प्राधिकरण के पास निरीक्षण और कार्रवाई की व्यवस्था थी।

फिर वर्षों तक सब कुछ चलता रहा और अब जब मामला सामने आया तो बुलडोजर लेकर सीधे जनता के दरवाजे पर पहुंच जाना कितना उचित है?

प्रदूषण के लिए कभी पराली, कभी पुराने वाहनों और कभी छोटे कारोबारियों पर सवाल उठते हैं।

अपराध बढ़ रहे हैं तो उसकी रोकथाम पर सवाल होना चाहिए।

युवाओं के भविष्य पर सवाल होना चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल होना चाहिए।

शहर की बदहाल सड़कों, जलभराव, ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल होना चाहिए।

लेकिन हर समस्या का समाधान आम आदमी का घर तोड़ना नहीं हो सकता।

आज जरूरत है कि सरकार और प्रशासन पहले यह तय करें—

इतने वर्षों तक अवैध निर्माण होने क्यों दिया गया?
किस अधिकारी ने निरीक्षण नहीं किया?
किस विभाग ने कार्रवाई नहीं की?
किसकी जिम्मेदारी थी?
और अगर लापरवाही हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई?

कानून लागू होना चाहिए, लेकिन न्याय के साथ।

आम आदमी को अपराधी मानकर नहीं, उसकी समस्या को समझकर कार्रवाई होनी चाहिए।

घर तोड़ना आसान है, घर बनाना बहुत मुश्किल।

एक परिवार का घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं होता—उसमें उसकी जिंदगी की पूरी कमाई, बच्चों का भविष्य और वर्षों की मेहनत लगी होती है।

इसलिए मेरी मांग है—

आम आदमी को बेघर करने से पहले प्रशासनिक लापरवाही की जांच हो।
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
जहां संभव हो, कानून के दायरे में समाधान और नियमितीकरण के रास्ते तलाशे जाएं।
और कार्रवाई हो भी तो कानून, पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया के साथ।

जनता को सजा नहीं, न्याय चाहिए।
आम आदमी को उजाड़ना नहीं, व्यवस्था को सुधारना चाहिए।
✍️ Adv Himanshu Tyagi Sabli

#मेरठ #मेरठकीआवाज #आमआदमी #जनताकीआवाज #प्रशासन #जवाबदेही #MDA #अवैधनिर्माण #BulldozerAction #MeerutNews #न्याय #जनताकेसाथ

2 weeks ago | [YT] | 1

Himanshu Tyagi

क्या लगता है 2027 में उत्तर प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी?

#UttarPradesh #Bjp #SP #BSP #Congress #ASP #YogiAdityanath #AkhileshYadav #Mayawati #AjayRai #chandrashekharazad

2 weeks ago | [YT] | 3