🇮🇳 करगिल विजय दिवस: शौर्य, बलिदान और राष्ट्रगौरव का अमर पर्व 🇮🇳
26 जुलाई 1999... यह वह ऐतिहासिक दिन है जब भारतीय सेना के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान ने दुनिया को बता दिया कि भारत अपनी एक-एक इंच भूमि की रक्षा करना जानता है।
करगिल युद्ध केवल सीमाओं की लड़ाई नहीं था, बल्कि यह भारत के सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा का युद्ध था। दुर्गम पहाड़ों, हड्डियाँ जमा देने वाली ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बीच हमारे वीर सैनिकों ने अद्वितीय पराक्रम का परिचय दिया। हजारों फीट ऊँची चोटियों पर दुश्मन को परास्त कर तिरंगा फिर से शान से लहराया।
हम उन सभी अमर वीरों को नमन करते हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता, देशभक्ति और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
आज हम उन शहीद परिवारों को भी हृदय से प्रणाम करते हैं, जिन्होंने अपने बेटे, पति, भाई और पिता को देश की रक्षा के लिए समर्पित किया। उनका त्याग भी उतना ही महान है जितना सीमा पर लड़ने वाले सैनिकों का।
करगिल के वीरों ने हमें यह सिखाया कि राष्ट्र सर्वोपरि है। जब भी देश की सुरक्षा और सम्मान की बात आती है, भारतीय सैनिक अपने प्राणों की परवाह किए बिना कर्तव्य निभाते हैं। इसी अटूट साहस के कारण आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले पा रहे हैं।
आइए, इस करगिल विजय दिवस पर हम केवल श्रद्धांजलि ही न दें, बल्कि यह संकल्प भी लें कि हम अपने देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव सजग नागरिक बनेंगे। अपने वीर जवानों का सम्मान करेंगे, उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ रहेंगे और राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोपरि रखेंगे।
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।"
भारत माँ के उन सभी अमर सपूतों को शत-शत नमन। जय जवान। जय हिन्द। 🇮🇳 वंदे मातरम्। भारत माता की जय। 🇮🇳
हरियाणा की जाट बेटी... जिस महिला अफसर पर लगे लाठीचार्ज के आरोप, जानिए कौन हैं RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत... नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर जिस महिला अधिकारी का चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, वह हैं रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत। एक ओर उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती के आरोप लगाए गए, तो दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग उन्हें ड्यूटी के दौरान साहस और नेतृत्व का प्रतीक बता रहे हैं। घटना में उनके हाथ में भी गंभीर चोट आई।
सोनिया सहरावत का सफर संघर्ष और अनुशासन की मिसाल माना जाता है। हरियाणा में जाट परिवार में पली-बढ़ीं सोनिया ने पारंपरिक सोच की चुनौतियों के बीच अपने सपनों को नहीं छोड़ा। NCC से मिली प्रेरणा ने उन्हें वर्दी की राह दिखाई और उन्होंने UPSC CAPF परीक्षा पास कर CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में जगह बनाई।
सेवा के दौरान वे मेरठ स्थित RAF Academy of Public Order (RAPO) में भी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। प्रशिक्षण और नेतृत्व क्षमता के कारण वे जवानों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच भी लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके लाखों प्रशंसक हैं, जहां वे फिटनेस, अनुशासन और प्रेरक संदेश साझा करती हैं।
7 साल जम्मू कश्मीर में रही हैं तैनात जम्मू-कश्मीर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवा का अनुभव रखने वाली सोनिया सहरावत का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संयम ही सबसे बड़ा हथियार होता है। जंतर-मंतर की घटना के बाद उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पहले स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने का प्रयास किया, लेकिन हालात बिगड़ने पर कई पुलिसकर्मी घायल हुए और उन्हें भी ड्यूटी के दौरान चोट लगी। यह उनका पक्ष है; घटना की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
वर्दी में सख्ती उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा हो सकती है, लेकिन उनके साथ काम कर चुके कई लोग उन्हें अनुशासित, शांत स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जानते हैं। समर्थकों का कहना है कि वे बल प्रयोग को प्राथमिकता नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी पहली जिम्मेदारी मानती हैं।
जंतर-मंतर की घटना ने सोनिया सहरावत को राष्ट्रीय चर्चा का विषय जरूर बना दिया है, लेकिन उनके समर्थकों की नजर में उनकी पहचान किसी विवाद से नहीं, बल्कि एक ऐसी महिला अधिकारी के रूप में है जिसने कठिन राह चुनकर देश की सेवा को अपना लक्ष्य बनाया।
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे सोनिया सहरावत की सराहना सोशल मीडिया पर सोनिया सहरावत लगातार वायरल हो रही हैं। लोग उनकी प्रशंसा कर रहे हैं कि हरियाणा की बेटी ने बहुत अच्छा कार्य किया। जो अनियंत्रित भीड़ थी उसको संसद ले जाने से रोका। उन्होंने देश के लिए बहुत अच्छा कार्य किया है। ऐसी बेटी की भारत को जरूरत है। यह सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो रहा है।
Himanshu Tyagi
https://youtu.be/JexU0GAd-iw?si=OQPdh...
5 days ago | [YT] | 0
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Himanshu Tyagi
https://youtu.be/x4GXokqwceM?si=8O5Mq...
1 week ago | [YT] | 0
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Himanshu Tyagi
हर हर महादेव 🚩 🙏
2 weeks ago | [YT] | 12
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Himanshu Tyagi
"पहाड़ों की ठंडी वादियाँ, झील का सुकून और अपनों का साथ... ज़िंदगी को खूबसूरत बनाने के लिए इतना ही काफ़ी है। 🏔️💙
#Nainital #Friends
3 weeks ago | [YT] | 14
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Himanshu Tyagi
https://youtu.be/m0bQ43-A8go?si=-N3xu...
4 weeks ago | [YT] | 3
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Himanshu Tyagi
🇮🇳 करगिल विजय दिवस: शौर्य, बलिदान और राष्ट्रगौरव का अमर पर्व 🇮🇳
26 जुलाई 1999... यह वह ऐतिहासिक दिन है जब भारतीय सेना के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान ने दुनिया को बता दिया कि भारत अपनी एक-एक इंच भूमि की रक्षा करना जानता है।
करगिल युद्ध केवल सीमाओं की लड़ाई नहीं था, बल्कि यह भारत के सम्मान, स्वाभिमान और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा का युद्ध था। दुर्गम पहाड़ों, हड्डियाँ जमा देने वाली ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बीच हमारे वीर सैनिकों ने अद्वितीय पराक्रम का परिचय दिया। हजारों फीट ऊँची चोटियों पर दुश्मन को परास्त कर तिरंगा फिर से शान से लहराया।
हम उन सभी अमर वीरों को नमन करते हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता, देशभक्ति और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
आज हम उन शहीद परिवारों को भी हृदय से प्रणाम करते हैं, जिन्होंने अपने बेटे, पति, भाई और पिता को देश की रक्षा के लिए समर्पित किया। उनका त्याग भी उतना ही महान है जितना सीमा पर लड़ने वाले सैनिकों का।
करगिल के वीरों ने हमें यह सिखाया कि राष्ट्र सर्वोपरि है। जब भी देश की सुरक्षा और सम्मान की बात आती है, भारतीय सैनिक अपने प्राणों की परवाह किए बिना कर्तव्य निभाते हैं। इसी अटूट साहस के कारण आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले पा रहे हैं।
आइए, इस करगिल विजय दिवस पर हम केवल श्रद्धांजलि ही न दें, बल्कि यह संकल्प भी लें कि हम अपने देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव सजग नागरिक बनेंगे। अपने वीर जवानों का सम्मान करेंगे, उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ रहेंगे और राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोपरि रखेंगे।
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।"
भारत माँ के उन सभी अमर सपूतों को शत-शत नमन।
जय जवान। जय हिन्द।
🇮🇳 वंदे मातरम्। भारत माता की जय। 🇮🇳
#KargilVijayDiwas #KargilDay #IndianArmy #SaluteToHeroes #RememberTheBrave #JaiHind #भारतमाताकीजय #करगिलविजयदिवस #भारतीयसेना #अमरशहीद #वंदेमातरम्
1 month ago | [YT] | 11
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Himanshu Tyagi
हरियाणा की जाट बेटी... जिस महिला अफसर पर लगे लाठीचार्ज के आरोप, जानिए कौन हैं RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत...
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर जिस महिला अधिकारी का चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, वह हैं रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत। एक ओर उन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती के आरोप लगाए गए, तो दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग उन्हें ड्यूटी के दौरान साहस और नेतृत्व का प्रतीक बता रहे हैं। घटना में उनके हाथ में भी गंभीर चोट आई।
सोनिया सहरावत का सफर संघर्ष और अनुशासन की मिसाल माना जाता है। हरियाणा में जाट परिवार में पली-बढ़ीं सोनिया ने पारंपरिक सोच की चुनौतियों के बीच अपने सपनों को नहीं छोड़ा। NCC से मिली प्रेरणा ने उन्हें वर्दी की राह दिखाई और उन्होंने UPSC CAPF परीक्षा पास कर CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में जगह बनाई।
सेवा के दौरान वे मेरठ स्थित RAF Academy of Public Order (RAPO) में भी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। प्रशिक्षण और नेतृत्व क्षमता के कारण वे जवानों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच भी लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके लाखों प्रशंसक हैं, जहां वे फिटनेस, अनुशासन और प्रेरक संदेश साझा करती हैं।
7 साल जम्मू कश्मीर में रही हैं तैनात
जम्मू-कश्मीर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सेवा का अनुभव रखने वाली सोनिया सहरावत का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संयम ही सबसे बड़ा हथियार होता है। जंतर-मंतर की घटना के बाद उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पहले स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने का प्रयास किया, लेकिन हालात बिगड़ने पर कई पुलिसकर्मी घायल हुए और उन्हें भी ड्यूटी के दौरान चोट लगी। यह उनका पक्ष है; घटना की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
वर्दी में सख्ती उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा हो सकती है, लेकिन उनके साथ काम कर चुके कई लोग उन्हें अनुशासित, शांत स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जानते हैं। समर्थकों का कहना है कि वे बल प्रयोग को प्राथमिकता नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी पहली जिम्मेदारी मानती हैं।
जंतर-मंतर की घटना ने सोनिया सहरावत को राष्ट्रीय चर्चा का विषय जरूर बना दिया है, लेकिन उनके समर्थकों की नजर में उनकी पहचान किसी विवाद से नहीं, बल्कि एक ऐसी महिला अधिकारी के रूप में है जिसने कठिन राह चुनकर देश की सेवा को अपना लक्ष्य बनाया।
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे सोनिया सहरावत की सराहना
सोशल मीडिया पर सोनिया सहरावत लगातार वायरल हो रही हैं। लोग उनकी प्रशंसा कर रहे हैं कि हरियाणा की बेटी ने बहुत अच्छा कार्य किया। जो अनियंत्रित भीड़ थी उसको संसद ले जाने से रोका। उन्होंने देश के लिए बहुत अच्छा कार्य किया है। ऐसी बेटी की भारत को जरूरत है। यह सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो रहा है।
#raf #DelhiProtest #studentprotest #jantarmantarnews #cjp
1 month ago | [YT] | 14
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Himanshu Tyagi
क्या आप जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर चल रहे धरने का समर्थन करते हैं?
1 month ago | [YT] | 4
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Himanshu Tyagi
चिराग भाई,
अगर अगला जन्म लो, तो त्यागी समाज में मत लेना...
यहाँ लोग आज भी पार्टियों के समर्थन में ज़्यादा व्यस्त हैं,
और तुम्हारे जैसे अनमोल हीरे की कीमत समझने वाले बहुत कम नज़र आए।
दिल मे यही पीड़ा है कि अगर तुम किसी और समाज में जन्मे होते, तो शायद तुम्हारे लिए न्याय की आवाज़ इतनी कमजोर न पड़ती।
ईश्वर तुम्हारी आत्मा को शांति दे।
हमारी उम्मीद आज भी सिर्फ़ एक है—निष्पक्ष न्याय। 🙏
#JusticeForChiragTyagi #Justice #ChiragTyagi #न्याय_दो #TyagiSamaj
1 month ago | [YT] | 21
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Himanshu Tyagi
जो त्यागी समाज के भाई आज योगी जी को जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं, उन्हें योगी जी से यह भी पूछना चाहिए कि उनकी सरकार में एक मृतक एथलीट के साथ भेदभाव क्यों हो रहा है?
#JusticeForChiragTyagi @myogiadityanath #ghaziabad #yogiadityanath #chiefminister #UttarPradesh
2 months ago | [YT] | 25
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