Pankaj yogi uk 13

Hi and welcome to my YouTube channel. I am Pankaj Sem, a certified yoga coach and therapist. I want to make Yoga accessible for everyone, and I am so happy you have landed on my channel to learn more about Yoga and pursue a healthy lifestyle.

Yoga is more than just a physical practice. It has both physical and mental elements that can help you lead a peaceful and fulfilling life.

So are you ready to build a better version of yourself through Yoga? If yes, then grab your mat and practice with me. And dont forget to subscribe to my channel so you never miss an update.


Pankaj yogi uk 13

Ayurveda healing massage - आयुर्वेद में तेल के उपयोग से संबंधित सुझाव - अगर आपके घर में शुद्ध तेल है - चाहे तिल का हो, सरसों का हो, नारियल का हो - तो समझ लो आपके घर में ही मिनी हॉस्पिटल पड़ा है।

छोटे बच्चों की बीमारी से लेकर बुज़ुर्गों की तक,
सिर से लेकर पैर के तलवे तक —
100 से ज्यादा बीमारियां सिर्फ तेल से घर पर ही संभाली जा सकती हैं।

बस शर्त एक है — तेल शुद्ध होना चाहिए।

तो समझते हैं कि आखिर ये तेल करता क्या-क्या है।

सब जीना चाहते हैं… पर बुढ़ापा कोई नहीं चाहता
एक कहावत है —

“स्वर्ग सब जाना चाहते हैं,
पर मरना कोई नहीं चाहता।”

सब चाहते हैं कि लंबी उम्र हो, अच्छे से जिएं।
पर अंदर ही अंदर एक डर बैठा रहता है —

जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी…

हाथ-पैर कमजोर हो जाएंगे
भूख कम हो जाएगी
शरीर जवाब देने लगेगा
उठने-बैठने में दिक्कत होगी

और तब दिमाग में एक ही सवाल आता है —
उस टाइम खाना-पानी कौन देगा?
कौन संभालेगा?

इसीलिए लोग बोलते हैं -
“चलते-फिरते निकल जाए तो अच्छा है,
वरना एक बार बिस्तर पकड़ लिया तो भगवान जाने कब तक।”

मतलब जीना तो चाहते हैं…
पर बुढ़ापे की कमजोरी से डर लगता है।

इस डर का एक ही इलाज – अभ्यंग (तेल मालिश)
अब यहां एंट्री होती है अभ्यंग की।

अभ्यंग मतलब — पूरे शरीर पर तेल लगाकर मालिश करना।
गुजराती में बोलो तो सीधा - मालिश।
आयुर्वेद की भाषा में - अभ्यंग।

अगर ये आदत जिंदगी में डाल ली,
तो बुढ़ापे का टेंशन आधा वैसे ही खत्म।

आयुर्वेद के बड़े-बड़े ऋषियों ने मोटी-मोटी किताबों में साफ लिखा है -
रोजमर्रा की दिनचर्या में एक जरूरी काम है:

रोज तेल मालिश।

आयुर्वेद के अनुसार -
ऋषि कहते हैं - जो आदमी रोज शरीर पर तेल लगाता है, उसको ये फायदे मिलते हैं:

1. बुढ़ापा देर से आता है
जरा मतलब - बुढ़ापा।

जो रोज तेल लगाता है -

घुटनों का दर्द
कमर दर्द
कमजोरी
बालों की परेशानी
भूख न लगना
हाथ पकड़ ढीला पड़ना
ये सब जल्दी नहीं आता।

मतलब उम्र तो बढ़ेगी,
पर शरीर जल्दी बूढ़ा नहीं होगा।

2. थकान भाग जाती है (शरीर की भी, दिमाग की भी)
थकान दो तरह की होती है -
बॉडी की
माइंड की

कई बार काम नहीं किया फिर भी एनर्जी नहीं रहती।

रोज तेल मालिश करने से -
स्टैमिना तीन गुना बढ़ जाता है।

जो काम पहले मुश्किल लगता था,
वही काम आसान लगने लगता है।

3. वात की बीमारी कंट्रोल में रहती है
आयुर्वेद में तीन दोष बताए गए हैं -

वात
पित्त
कफ

इनमें सबसे ज्यादा बीमारी होती है वात (हवा) से।

40–45 के बाद ज्यादातर प्रॉब्लम्स वात की वजह से आती हैं:

नींद नहीं आना
बेचैनी
दिमाग का ज्यादा चलना
बिना वजह बड़बड़ाना
जोड़ दर्द
ऑपरेशन वाली हालत

सब वात के खेल हैं।

लेकिन अगर रोज तेल लगाते हो -
वात कंट्रोल में रहता है।

मतलब हवा की बीमारी पास भी नहीं फटकती।

आंखें, नींद और ताकत – तीनों सेट
आंखें
आजकल मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर -
सबका लाइफ पार्टनर यही बन गया है।
फोन थोड़ी देर ना मिले तो मिनी हार्ट अटैक जैसा लगता है।
बच्चों तक की आंखें खराब हो रही हैं।

रोज तेल मालिश करने से -
आंखों की ताकत बनी रहती है।

नींद
जिनको रात भर करवटें बदलनी पड़ती हैं…
10 बजे लेटो, 4 बजे तक जागते रहो…
ऐसे लोगों के लिए तेल मालिश रामबाण है।

रोज तेल लगाओ -
नींद गहरी और सुकून वाली आती है।

शरीर जब तक जिंदा, तब तक मजबूत
आयुर्वेद के अनुसार -

तेल मालिश करने वाला इंसान
पूरी जिंदगी Strong, Fit and Fine रहता है।

कोई टॉनिक, कोई डॉक्टर ये गारंटी नहीं दे सकता।
पर तेल दे सकता है।

स्किन सबसे बड़ा ऑर्गन है – उसे मत भूलो
हम खाने-पीने पर ध्यान देते हैं,
पर स्किन को भूल जाते हैं।

जबकि शरीर का सबसे बड़ा ऑर्गन है - त्वचा।

खाने की लिमिट होती है -
2 रोटी की ताकत है, 4 खाओगे तो गैस होगी।
पर स्किन की कोई लिमिट नहीं।
पूरे शरीर की चमड़ी से पोषण सीधा अंदर जाता है।

रिसर्च के अनुसार -
अगर स्किन 100ml तेल सोख ले,
तो उसका फायदा लगभग 5 किलो बादाम जितना होता है।

अब सोचो -
5 किलो बादाम खाओगे या
100ml तेल लगाओगे?

वात की मेन जगह है स्किन
आयुर्वेद में साफ लिखा है -
वात (हवा) की सबसे बड़ी जगह है त्वचा।

तो जब रोज तेल लगाते हो -

स्किन अच्छी रहती है
शरीर को पोषण मिलता है
वात कंट्रोल में रहता है
तीनों एक साथ।

Conclusion – आज से ही शुरू करो
अगर आप चाहते हो कि:

बुढ़ापा देर से आए
शरीर मजबूत रहे
आंखें ठीक रहें
नींद अच्छी आए
वात की बीमारी दूर रहे

तो जिंदगी में एक आदत जरूर जोड़ो:

-रोज अभ्यंग – यानी पूरे शरीर पर तेल मालिश।

यही है आज की पहली और सबसे जरूरी आदत।
बाकी सब बाद में… पहले तेल से दोस्ती करो।

oil massage - तेल मालिश खुद से कैसे करे - Check in pinned comments👇.

अगर आप भी रोज तेल लगाते हो, comment करो

1 week ago | [YT] | 2

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🟡 1. खट्टे फल (नींबू, संतरा)
लाभ: विटामिन C से सर्दी-जुकाम से बचाव, इम्यूनिटी मजबूत
कैसे लें: सुबह गुनगुने पानी में नींबू, या रोज 1 संतरा
🥦 2. ब्रोकली
लाभ: विटामिन C, A, E – शरीर की रक्षा शक्ति बढ़ती
कैसे लें: हल्का भाप में पकाकर या सब्जी में
🧄 3. लहसुन
लाभ: इन्फेक्शन से लड़ने में मदद, दिल के लिए अच्छा
कैसे लें: 1–2 कली कच्ची या खाने में पकाकर
🍠 4. शकरकंद
लाभ: विटामिन A – त्वचा और इम्यून सिस्टम मजबूत
कैसे लें: उबालकर या भूनकर
🥣 5. दही
लाभ: पेट के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाता, पाचन सही
कैसे लें: दिन में 1 कटोरी, ज्यादा ठंडी न हो
🎃 6. कद्दू के बीज
लाभ: जिंक से भरपूर – रोगों से बचाव
कैसे लें: 1 मुट्ठी भुने हुए
🌶️ 7. शिमला मिर्च
लाभ: विटामिन C बहुत ज्यादा
कैसे लें: सलाद या हल्की सब्जी
🥭 8. पपीता
लाभ: पाचन सुधारता, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट
कैसे लें: सुबह खाली पेट या नाश्ते में
🥕 9. गाजर
लाभ: आँखों और त्वचा के लिए अच्छा, विटामिन A
कैसे लें: सलाद या जूस
🥬 10. गहरे हरे पत्तेदार साग
लाभ: आयरन, फोलेट, एंटीऑक्सीडेंट
कैसे लें: पालक, मेथी, सरसों का साग
🫚 11. अदरक
लाभ: सूजन कम करता, गले के लिए अच्छा
कैसे लें: चाय में या काढ़ा
🍄 12. मशरूम
लाभ: इम्यून सेल्स को एक्टिव करता
कैसे लें: सब्जी या सूप
⚠️ जरूरी बातें
सब चीजें संतुलित मात्रा में लें
सिर्फ इनसे इलाज नहीं, ये सहायक हैं
पानी, नींद और व्यायाम भी जरूरी
गंभीर बीमारी हो तो डॉक्टर की सलाह लें
#health #life #knowledge #nature #meta #healthcare

1 week ago | [YT] | 4

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लहसुन और गुड़

खाली पेट खाने के 5 अद्भुत फायदे 🌞

अगर आप दिन की शुरुआत लहसुन + गुड़ से करते हैं, तो यह छोटा-सा उपाय शरीर के लिए बड़ी दवा बन सकता है।

✅ खाली पेट लहसुन और गुड़ खाने के फायदे

🥗 बेहतर पाचन

एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।

❤️ मजबूत हृदय

कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में मदद करता है।

🛡️ शक्तिशाली इम्युनिटी

मौसमी संक्रमण, सर्दी-जुकाम और कमजोरी से शरीर की रक्षा करता है।

🔥 बॉडी डिटॉक्स

लिवर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक।

⚡ बढ़ी हुई ऊर्जा

कमजोरी दूर करता है और हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार करता है।

📝 सेवन की सही विधि

👉 1 कली लहसुन को बारीक काटें या कूटें
👉 5–7 ग्राम गुड़ के साथ चबाकर खाएँ
👉 इसके बाद गुनगुना पानी पी सकते हैं

🌡️ गर्मियों में सावधानी

▪️ मात्रा कम रखें (½ कली लहसुन)
▪️ सप्ताह में 2–3 बार ही सेवन करें

🚫 इन्हें सेवन से बचना चाहिए

❌ एसिडिटी की गंभीर समस्या वाले
❌ डायबिटीज़ रोगी
❌ गर्भवती महिलाएँ
❌ स्किन एलर्जी वाले लोग

🌿 याद रखें

👉 देसी नुस्खे असरदार होते हैं, लेकिन संतुलन ज़रूरी है
👉 किसी बीमारी में डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें

#love #dailychallenge #EmotionalMoment #kitchenhacks

1 week ago | [YT] | 2

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पैरों में शरीर के सभी हिस्सों से जुड़े खास "एक्यूप्रेशर पॉइंट" (दबाव बिंदु) होते हैं, जिन्हें दबाने से उस अंग से जुड़ी समस्याओं में आराम मिल सकता है, जैसे पेट, किडनी, दिमाग, हृदय और फेफड़े; यह रिफ्लेक्सोलॉजी (Reflexology) का सिद्धांत है, जो शरीर के विभिन्न अंगों और पैरों के बीच संबंध बताता है. हालांकि, यह चिकित्सा का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक तरीका है, जो रक्त संचार बढ़ाकर तनाव और थकान कम करता है, पर गंभीर बीमारियों के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है #facts #health #healthylifestyle #knowledge #knowledgeispower

1 month ago | [YT] | 4

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1 month ago | [YT] | 4

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🇮🇳 वात–पित्त–कफ : रोगों की जड़ और समाधान
📌 इस पोस्ट को सेव कर लीजिए — बार-बार नहीं मिलेगी

⚠️ पोस्ट को ध्यान से 2 बार पढ़ें
यह जानकारी त्रिदोष पर आधारित तीसरी पोस्ट है।

शरीर के तीन दोष – हर रोग की शुरुआत यहीं से

मानव शरीर मुख्यतः तीन दोषों से बना है👇

🔹 वात (GAS) – लगभग 80 रोग
🔹 पित्त (ACIDITY) – लगभग 40 रोग
🔹 कफ (COUGH) – लगभग 28 रोग

👉 यहाँ केवल त्रिदोषों के मुख्य लक्षण और घरेलू समाधान बताए जा रहे हैं, जो सही परहेज़ के साथ आसानी से ठीक हो सकते हैं।

🧠 ध्यान रखें:
जिस व्यक्ति की बड़ी आंत गंदी है, वही व्यक्ति बीमार रहता है।
👉 एनीमा एक ऐसी पद्धति है जो बड़ी आंत को साफ कर अनेक रोगों में राहत देती है।

🌍 संसार के लगभग सभी रोग इन तीन दोषों के बिगड़ने से ही पैदा होते हैं।

⭐ वात दोष (GAS / वायु दोष)

🔸 शरीर में जहाँ-जहाँ वायु रुककर टकराती है, वहीं दर्द पैदा होता है।
दर्द = वायु रुकी हुई है।

🔹 मुख्य लक्षण

पेट, कमर, सिर, घुटने, सीना दर्द

बार-बार डकार

चक्कर, घबराहट, हिचकी

🔹 कारण

गैस बनाने वाला भोजन (दालें आदि)

यूरिक एसिड का जमाव → हड्डियों का घिसना
(जिसे डॉक्टर स्लिप डिस्क, सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस कहते हैं)

मैदा, बिना चोकर का आटा

बेसन की चीज़ें

दूध व दुग्ध-पदार्थ

व्यायाम की कमी, कमजोर आँतें

🧠 तन भोजन से बिगड़ता है
🧠 मन विचारों से बिगड़ता है
🧠 मनोदशा गलत संगत से बिगड़ती है

🔹 निवारण

अदरक / सोंठ – आधा चम्मच रात में गुनगुने पानी से

लहसुन – गैस, कफ, यहाँ तक कि ब्लॉकेज में भी राहत

सर्दी में: 2-2 कली सुबह-शाम

गर्मी में: 1-1 कली

सब्ज़ी, चटनी या जूस में कच्चा मिलाकर लें

मेथीदाना – अदरक-लहसुन जैसा ही प्रभावी

🔹 प्राकृतिक उपचार

जिस अंग में दर्द हो:

गरम लगे → ठंडी सिकाई

ठंडा लगे → गरम सिकाई

सामान्य हो → 1 मिनट गरम + 1 मिनट ठंडा

⭐ कफ दोष (COUGH)

🔹 मुख्य लक्षण

मुँह-नाक से बलगम

सर्दी, ज़ुकाम, खाँसी

टीबी, निमोनिया, प्लूरिसी

अस्थमा, सांस फूलना

🔹 कारण

अधिक तेल-चिकनाई

दूध व दुग्ध-पदार्थ

ठंडा पानी, फ्रिज की चीज़ें

धूल-धुआँ

धूप न लेना

🔹 निवारण

विटामिन C (आँवला) – कफ का सबसे बड़ा दुश्मन

लहसुन – पसीने के ज़रिये कफ बाहर

अदरक – श्रेष्ठ कफनाशक
✔ BP संतुलित
✔ ब्लड सर्कुलेशन बेहतर
✔ नींद गहरी

🔹 प्राकृतिक उपचार

गुनगुने नमक-पानी से गरारे

गुनगुने पानी में पैर डालकर बैठें

2 गिलास सादा पानी पिएँ

सिर पर ठंडा कपड़ा

रोज़ 30–60 मिनट धूप

⭐ पित्त दोष (ACIDITY / पेट के रोग)

👉 वात और कफ के रोग हटाने के बाद बचे सभी रोग पित्त दोष से जुड़े हैं —
BP, शुगर, मोटापा, अर्थराइटिस आदि

🔹 मुख्य लक्षण

पेट, पेशाब, मल, त्वचा में जलन

खट्टी डकार

शरीर में भारीपन

🔹 कारण

तीखे मसाले, लाल मिर्च, अधिक नमक-चीनी

चाय, कॉफी, सिगरेट, तंबाकू, शराब

मांस, मछली, अंडा

लगातार पका हुआ भोजन

क्रोध, चिंता, तनाव

दवाइयों का अधिक सेवन

मल व प्राकृतिक वेग रोकना

🔹 निवारण (पुराने-नए सभी रोगों का एक समाधान)

फटे दूध का पानी
👉 गर्म दूध में नींबू डालें, पानी छानकर पिएँ
✔ पेट के रोग
✔ सभी प्रकार के बुखार

फल-सब्ज़ी के रस

अनार, लौकी, पत्ता गोभी

नींबू पानी

🔹 प्राकृतिक उपचार

पेट पर गीला ठंडा कपड़ा

रीढ़ की हड्डी पर ठंडी पट्टी
(रीढ़ की गर्मी से लकवा तक हो सकता है)

योग, व्यायाम

गहरी नींद

🙏 इलाज से बेहतर है बचाव
🇮🇳 स्वदेशी बनें – प्रकृति से जुड़ें

🙏 आपसे निवेदन है इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें

2 months ago | [YT] | 2

Pankaj yogi uk 13

#JIBH_KE_NICHE_FADE_KA_DESI_ILAAJ

1. नमक पानी से कुल्ला:
- 1 गिलास गुनगुना पानी में ½ चम्मच नमक
- दिन में 2–3 बार कुल्ला करें

2. हल्दी का लेप:
- हल्दी पाउडर में थोड़ी पानी मिलाकर फोड़े पर लगाएँ
- दिन में 1–2 बार

3. नीम की पत्ती:
- नीम की पत्ती चबाएँ या पेस्ट बना कर प्रभावित जगह पर हल्का लगाएँ

4. गर्म पानी का सेवन:
- दिन में 2–3 गिलास गुनगुना पानी पीएँ

5. ध्यान रखें:
- मसालेदार, खट्टा, बहुत गरम भोजन न लें
- मुंह साफ रखें

⚠️ Disclaimer:
यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है।
यह किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।
अगर फोड़ा बढ़े या दर्द/सुजन अधिक हो तो डॉक्टर से परामर्श लें।

2 months ago | [YT] | 1

Pankaj yogi uk 13

#टॉन्सिल_का_घरेलू_इलाज

1. नमक पानी से गरारे:
- 1 गिलास गुनगुना पानी में ½ चम्मच नमक
- दिन में 2–3 बार गरारे करें

2. हल्दी वाला दूध:
- 1 गिलास दूध में ½ चम्मच हल्दी मिलाकर पीएँ
- दिन में 1–2 बार

3. शहद और अदरक:
- 1 चम्मच शहद + थोड़ा अदरक चबाएँ या चाय में मिलाएँ

4. तुलसी की पत्तियाँ:
- तुलसी के 5–6 पत्ते चबाएँ या चाय बनाकर पीएँ

5. ध्यान रखें:
- ठंडा पानी, ठंडा भोजन और जंक फूड से बचें
- ज्यादा जोर से बोलने या चिल्लाने से बचें

⚠️ Disclaimer:
यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है।
यह किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।
अगर टॉन्सिल सूजन या दर्द लगातार बढ़े तो डॉक्टर से परामर्श लें।

#pankaj yogi

2 months ago | [YT] | 0

Pankaj yogi uk 13

वात पित ओर कफ के बारे में कुछ महत्व जानकारी.....

वात पित्त कफ के दोष तीनों को संतुलित करे इस आयुर्वेदिक उपाय से...अंत तक जरुर पढ़े

वात पित्त और कफ के दोष:-

पोस्ट को धयान से 2 बार पढ़े

शरीर 3 दोषों से भरा है
#वात(GAS) -लगभग 80 रोग
#पित्त(ACIDITY)- लगभग 40 रोग
#कफ(COUGH) -लगभग 28 रोग

यहां सिर्फ त्रिदोषो के मुख्य लक्षण बतये जायेगे और वह रोग घरेलू चिकित्सा से आसानी से ठीक होते है

सभी परहेज विधिवत रहेंगे जैसे बताता हूं।

💙जिस इंसान की बड़ी आंत में कचड़ा होता है बीमार भी केवल वही होता है

💙एनीमा एक ऐसी पद्धति है जो बड़ी आंत को साफ करती है और किसी भी रोग को ठीक करती है

💚संसार के सभी रोगों का कारण इन तीन दोष के बिगड़ने से होता है

वात(#GAS) अर्थात वायु:-💛

--शरीर मे वायु जहां भी रुककर टकराती है, दर्द पैदा करती है, दर्द हो तो समझ लो वायु रुकी है
--पेट दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द, घुटनो का दर्द ,सीने का दर्द आदि
--डकार आना भी वायू दोष है
--चक्कर आना,घबराहट और हिचकी आना भी इसका लक्षण है

कारण:-
°°°°°°°°°°°
--गैस उत्तपन्न करने वाला भोजन जैसे कोई भी दाल आदि गैस और यूरिक एसिड बनाती ही है
--यूरिक एसिड जहां भी रुकता है उन हड्डियों का तरल कम होता जाता है हड्डियां घिसना शुरू हो जाती है ,उनमे आवाज आने लगती है, उसे डॉक्टर कहते है कि ग्रीस ख़त्म हो गई, या फिर स्लिप डिस्क या फिर स्पोंडलाइटिस, या फिर सर्वाइकल आदि
--प्रोटीन की आवश्यकता सिर्फ सेल्स की मरम्मत के लिए है जो अंकुरित अनाज और सूखे मेवे कर देते है
--मैदा औऱ बिना चोकर का आटा खांना
--बेसन की वस्तुओं का सेवन करना
--दूध और इससे बनी वस्तुओं का सेवन करना
-आंतो की कमजोरी इसका कारण व्यायाम न करना

निवारण:-
°°°°°°°°°°°
--अदरक का सेवन करें,यह वायु खत्म करता है, रक्त पतला करता है कफ भी बाहर निकालता है, सोंठ को लेकर रात में गुनगने पानी से आधा चम्मच खायेँ
--लहसुन किसी भी गैस को बाहर निकालता है,
यदि सीने में दर्द होने लगे तो तुरन्त 8-10 कली लहसुन खा ले, ब्लॉकेज में तुरंत आराम मिलता है
--लहसुन कफ के रोग और टीबी के रोग भी मारता है
--सर्दी में 2-2 कली सुबह शाम, और गर्मी में 1-1 कली सुबह शाम ले, और अकेला न खायेँ सब्जी या फिर जूस , चटनी आदि में कच्चा काटकर डालकर ही खायेँ
--मेथीदाना भी अदरक लहसुन की तरह ही कार्य करता है

प्राकृतिक उपचार:-
°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
गर्म ठंडे कपड़े से सिकाई करे, अब उस अंग को पहले छुएं यदि वो गर्म है तो ठंडे सिकाई करे और वह अंग अगर ठंडा है तो गर्म सिकाई करे औऱ अगर न गर्म है और न ठंडा तो गर्म ठंडी सिकाई करे एक मिनट गर्म एक मिनट ठंडा

कफ(#COUGH):-

--मुंह नाक से आने वाला बलगम इसका मुख्य लक्षण है
--सर्दी जुखाम खाँसी टीबी प्लूरिसी निमोनिया आदि इसके मुख्य लक्षण है
--सांस लेने में तकलीफ अस्थमा आदि या सीढी चढ़ने में हांफना

कारण:-
°°°°°°°°°°°
--तेल एव चिकनाई वाली वस्तुओं का अधिक सेवन
--दूध और इससे बना कोई भी पदार्थ
--ठंडा पानी औऱ फ्रिज की वस्तुये खांना
--धूल ,धुंए आदि में अधिक समय रहना
--धूप का सेवन न करना

निवारण:-
°°°°°°°°°°°°°
--विटामिन C का सेवन करे यह कफ का दुश्मन है यह संडास के रास्ते कफ निकालता है, जैसे आवंला
--लहसुन, यह पसीने के रूप में कफ को गलाकर निकालता है
--Bp सामान्य हॉगा
--ब्लड सर्कुलेशन ठीक हॉगा
--नींद अच्छी आएगी
--अदरक भी सर्वश्रेष्ठ कफ नाशक है

प्राकृतिक उपचार
°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
--एक गिलास गुनगने पानी मे एक चम्मच नमक डालकर उससे गरारे करे
--गुनगने पानी मे पैर डालकर बैठे, 2 गिलास सादा।पानी पिये और सिरर पर ठंडा कपड़ा रखे, रोज 10 मिनट करे
--रोज 30-60 मिनट धूप ले

पित्त(#ACIDITY):-पेट के रोग

--वात दोष और कफ दोष में जितने भी रोग है उनको हटाकर शेष सभी रोग पित्त के रोग है, BP, शुगर, मोटापा, अर्थराइटिस, आदि
--शरीर मे कही भी जलन हो जैसे पेट मे जलन, मूत्र त्याग करने के बाद जलन ,मल त्याग करने में जलन, शरीर की त्वचा में कही भी जलन,
--खट्टी डकारें आना
--शरीर मे भारीपन रहना

कारण:-
°°°°°°°°°°
--गर्म मसाले, लाल मिर्च, नमक, चीनी, अचार
--चाय ,काफी,सिगरेट, तम्बाकू, शराब,
--मांस ,मछली ,अंडा
--दिनभर में सदैव पका भोजन करना
--क्रोध, चिंता, गुस्सा, तनाव
--दवाइयों का सेवन
--मल त्याग रोकना
--सभी 13 वेग को रोकना जैसे छींक, पाद, आदि

निवारण
°°°°°°°°°°
--फटे हुए दूध का पानी पिये, गर्म दूध में नीम्बू डालकर दूध को फाड़े, वह पानी छानकर पिए, पेट का सभी रोग में रामबाण है, सभी प्रकार का बुखार भी दूर करता है
--फलो व सब्जियों का रस, जैसे अनार का रस, लौकी का रस, पत्ता गोभी का रस आदि
--निम्बू पानी का सेवन

प्राकृतिक उपचार
°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
--पेट को गीले कपड़े से ठंडक दे
--रीढ़ की हड्डी को ठंडक देना, लकवा इसी रीढ़ की हड्डी की गर्मी से होता है, गीले कपड़े से रीढ़ की हड्डी पर पट्टी रखें
--व्यायाम ,योग करे।
--गहरी नींद ले।

#pankaj yoga

5 months ago | [YT] | 14