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जब सूर्य चलता है, जीवन धड़कता है
2 months ago | [YT] | 0
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31 मार्च तक मनरेगा के कार्य को पूरा करने का निर्देश
2 months ago | [YT] | 0
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31 मार्च तक मनरेगा के कार्य को पूरा करने का निर्देश
2 months ago | [YT] | 0
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 में लागू हुई, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के रूप में लोकप्रिय हुई.
4 months ago | [YT] | 0
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CWC बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया.
4 months ago | [YT] | 0
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025 को मंज़ूरी दे दी है. इसके साथ ही, दो दशक पुराना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) अब एक नए कानूनी ढांचे से बदल दिया गया है.
4 months ago | [YT] | 0
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मनरेगा के नाम और स्वरूप में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह फैसला महात्मा गांधी की विरासत और गरीबों के रोजगार अधिकार पर हमला है।
4 months ago | [YT] | 0
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केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। कैबिनेट ने इस योजना का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ रखने और इसके तहत मिलने वाले काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने को मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को काम देकर उनकी रोजी-रोटी को सुरक्षित करना है।
मनरेगा की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। इसके तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को एक साल में कम से कम 100 दिन काम देने की गारंटी दी जाती है। लेकिन सरकार के अनुसार, हकीकत में बहुत कम परिवारों को पूरे 100 दिन का काम मिल पाता है। सबसे बड़ी समस्या मजदूरी का समय पर भुगतान न होना है। कई बार बैंक और प्रशासनिक देरी के कारण मजदूरों को 15 दिन के अंदर पैसा नहीं मिल पाता।
इसके अलावा, कई राज्यों में फर्जी जॉब कार्ड, गलत हाजिरी और डिजिटल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आई हैं। फोटो अपलोड करने में दिक्कत, डाटा की गलती और नेटवर्क समस्याओं के कारण मजदूरों को परेशानी होती है। इसी वजह से कुछ राज्यों को डिजिटल हाजिरी रोककर फिर से मैनुअल तरीके अपनाने पड़े हैं।
सरकार का मानना है कि योजना में बजट की कमी, कमजोर निगरानी और अधूरे काम जैसी समस्याएं भी हैं। इन्हें सुधारने के लिए मनरेगा के पूरे ढांचे में बदलाव किया जाएगा ताकि यह योजना ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी बन सके।
साथ ही, सरकार ने यह भी तय किया है कि मनरेगा के तहत होने वाले कामों में जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। आने वाले समय में देशभर में बड़ी संख्या में जल संचय संरचनाएं बनाई जाएंगी, ताकि भविष्य में पानी की कमी से निपटा जा सके।
कुल मिलाकर, सरकार का लक्ष्य है कि बदले हुए नाम और नए नियमों के साथ यह योजना ग्रामीण लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो।
4 months ago (edited) | [YT] | 0
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