काल सर्प दोष और त्र्यंबकेश्वर पूजा का संपूर्ण मार्गदर्शक
काल सर्प दोष क्या है और इससे क्या होता है
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब जन्म कुंडली में राहु और केतु के बीच सभी ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) आ जाते हैं, तब 'काल सर्प दोष' का निर्माण होता है। इसे जीवन में आने वाली कई बाधाओं और संघर्षों का मुख्य कारण माना जाता है।
काल सर्प दोष के प्रमुख प्रभाव व लक्षण:
त्र्यंबकेश्वर (नासिक) में ही क्यों की जाती है काल सर्प पूजा?
त्रिपिंडी श्राद्ध और नाग पूजा: यहाँ विशेष विधि-विधान से चांदी के नाग-नागिन की पूजा, महामृत्युंजय जाप और काल सर्प शांति अनुष्ठान कराया जाता है, जिससे दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
मोक्ष प्राप्ति का मार्ग: यहाँ पूजा करने से पितरों को शांति मिलती है और जातक को जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और यश की प्राप्ति होती है।
पूजा से जुड़े मुख्य निर्देश:9146 559803
यह पूजा योग्य और अनुभवी पंडितों के मार्गदर्शन में ही त्र्यंबकेश्वर में संपन्न करानी चाहिए।
पूजा के दौरान शुद्धता, मंत्रोच्चार और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है।
मोबाइल नंबर: 9146 559803
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