Dr Fazal MD ( AM ) Consultant MMA Fighter Urdu shayari & Writer hello dosto ...LIKE SHARE COMMENT
Dr Fazal 0514
कभी कपड़े बदलता है कभी लहजा बदलता हैमगर इन कोशिशों से क्या कहीं शजरा बदलता हैतुम्हारे बाद अब जिसका भी जी चाहे मुझे रख लेजनाज़ा अपनी मर्ज़ी से कहाँ काँधा बदलता हैरिहाई मिल तो जाती है परिंदे को मगर इतनीसफ़ाई की ग़रज़ से जब कभी पिंजरा बदलता हैमिरी आँखों को पहली आख़िरी हद है तिरा चेहरानहीं मैं वो नहीं जो रोज़ आईना बदलता हैअजब ज़िद्दी मुसव्विर है ज़रा पहचान की ख़ातिरमिरी तस्वीर का हर रोज़ वो चेहरा बदलता है
4 months ago | [YT] | 10
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Fehmi Budauni Sb ke misre par chaar misroñ ki jasarat mujhse bhi hui thiShadab jabedतसव्वुर अल-मदद कोई मफ़र हैमैं वो पिछला ज़माना चाहता हूँ تصور المدد، کوئی مفر ہے میں وہ پچھلا زمانہ چاہتا ہوں तग़ाफ़ुल का तमाशा ख़त्म हो तोमैं तुम को याद आना चाहता हूँتغافل کا تماشہ ختم ہو تومیں تم کو یاد آنا چاہتا ہوں
1 year ago | [YT] | 0
रौशनी के क़ाफ़िए और तपते सहरा का ख़्याल सर्द काली रात मैं ने शायरी में काट दी
1 year ago | [YT] | 9
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Intizar e mohabbat mein thak na jana samanham mangte rahenge tujhe dua qubool hone tak
1 year ago | [YT] | 36
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जब इंसान की अकल मुकम्मल हो जाती है तो उसकी गुफ्तगू मुख्तसर हो जाती है!हज़रत अली!
1 year ago | [YT] | 23
हमारे बीच में जो है सही नहीं है वोउसे ये याद भी आया तो 7 साल के बाद
1 year ago | [YT] | 19
Made by Farhat Akhtar
1 year ago | [YT] | 34
उनके माथे पे कहॉं कोई शिकन होती हैजिनमें कुछ करके दिखाने की लगन होती है।ज़िंदगी इतनी मशक्कत से गुज़ारी है कि अबमैं जो आराम से बैठूँ तो थकन होती है।@ImranPratapgarhiVideos @drfazal0514
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दिल ऐसे मुबतला हुआ तेरे मलाल मेंज़ुल्फ़ें सफ़ेद हो गईं उन्नीस साल में हिमांशी बाबरा
Unke Andaaz-e-Karam Un Pe Wo Aana Dil Ka,Haye Wo Waqt Wo Baateñ Wo Zamana Dil Ka.
1 year ago | [YT] | 30
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Dr Fazal 0514
कभी कपड़े बदलता है कभी लहजा बदलता है
मगर इन कोशिशों से क्या कहीं शजरा बदलता है
तुम्हारे बाद अब जिसका भी जी चाहे मुझे रख ले
जनाज़ा अपनी मर्ज़ी से कहाँ काँधा बदलता है
रिहाई मिल तो जाती है परिंदे को मगर इतनी
सफ़ाई की ग़रज़ से जब कभी पिंजरा बदलता है
मिरी आँखों को पहली आख़िरी हद है तिरा चेहरा
नहीं मैं वो नहीं जो रोज़ आईना बदलता है
अजब ज़िद्दी मुसव्विर है ज़रा पहचान की ख़ातिर
मिरी तस्वीर का हर रोज़ वो चेहरा बदलता है
4 months ago | [YT] | 10
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Dr Fazal 0514
Fehmi Budauni Sb ke misre par chaar misroñ ki jasarat mujhse bhi hui thi
Shadab jabed
तसव्वुर अल-मदद कोई मफ़र है
मैं वो पिछला ज़माना चाहता हूँ
تصور المدد، کوئی مفر ہے
میں وہ پچھلا زمانہ چاہتا ہوں
तग़ाफ़ुल का तमाशा ख़त्म हो तो
मैं तुम को याद आना चाहता हूँ
تغافل کا تماشہ ختم ہو تو
میں تم کو یاد آنا چاہتا ہوں
1 year ago | [YT] | 0
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रौशनी के क़ाफ़िए और तपते सहरा का ख़्याल
सर्द काली रात मैं ने शायरी में काट दी
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Dr Fazal 0514
Intizar e mohabbat mein thak na jana saman
ham mangte rahenge tujhe dua qubool hone tak
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जब इंसान की अकल मुकम्मल हो जाती है तो उसकी गुफ्तगू मुख्तसर हो जाती है
!हज़रत अली!
1 year ago | [YT] | 23
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हमारे बीच में जो है सही नहीं है वो
उसे ये याद भी आया तो 7 साल के बाद
1 year ago | [YT] | 19
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Made by Farhat Akhtar
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उनके माथे पे कहॉं कोई शिकन होती है
जिनमें कुछ करके दिखाने की लगन होती है।
ज़िंदगी इतनी मशक्कत से गुज़ारी है कि अब
मैं जो आराम से बैठूँ तो थकन होती है।
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दिल ऐसे मुबतला हुआ तेरे मलाल में
ज़ुल्फ़ें सफ़ेद हो गईं उन्नीस साल में
हिमांशी बाबरा
1 year ago | [YT] | 23
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Unke Andaaz-e-Karam Un Pe Wo Aana Dil Ka,
Haye Wo Waqt Wo Baateñ Wo Zamana Dil Ka.
1 year ago | [YT] | 30
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