जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा ।
हिन्दु मुसलिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।
प्रिय भक्तजनों !
आज से लगभग पाँच हजार वर्ष पहले कोई भी धर्म या अन्य सम्प्रदाय नहीं था। न हिन्दु, न मुसलिम, न सिक्ख और न ईसाई थे। केवल मानव धर्म था। सभी का एक ही मानव धर्म था और है। लेकिन जैसे-2 कलयुग का प्रभाव बढ़ता गया वैसे-2 हमारे में मत-भेद होता गया। कारण सिर्फ यही रहा कि धार्मिक कुल गुरुओं द्वारा शास्त्रों में लिखी हुई सच्चाई को दबा दिया गया। कारण चाहे स्वार्थ हो या ऊपरी दिखावा। जिसके परिणाम स्वरूप आज एक मानव धर्म के चार धर्म और अन्य अनेक सम्प्रदाएँ बन चुकी हैं। जिसके कारण आपस में मतभेद होना स्वाभाविक ही है। सभी का प्रभु/भगवान/राम/अल्लाह/रब/गोड/खुदा/परमेश्वर एक ही है। ये भाषा भिन्न पर्यायवाची शब्द हैं। सभी मानते हैं कि सबका मालिक एक है लेकिन फिर भी ये अलग-2 धर्म सम्प्रदाएँ क्यों ?
Gyan Ganga
@FactfulDebates
1 month ago | [YT] | 12
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Gyan Ganga
1 month ago | [YT] | 391
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Gyan Ganga
@FactfulDebates
बहुत सुंदर विडियो
1 month ago | [YT] | 6
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Gyan Ganga
एक बार अवश्य देखिए इस अद्भुत विडियो को
@FactfulDebates
4 months ago | [YT] | 13
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Gyan Ganga
@SaintRampalJiMaharaj
5 months ago | [YT] | 22
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Gyan Ganga
@SaintRampalJiMaharaj
5 months ago | [YT] | 19
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Gyan Ganga
@SaintRampalJiMaharaj
5 months ago | [YT] | 19
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Gyan Ganga
@SaintRampalJiMaharaj
5 months ago | [YT] | 16
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Gyan Ganga
5 months ago | [YT] | 99
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Gyan Ganga
@SaintRampalJiMaharaj
5 months ago | [YT] | 10
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