जोहार मित्रों
मेरा नाम राजेश है मैं एक ग्रामीण क्षेत्र से हूं और भारत का नागरिक हूं जो आप लोगों को वीडियो का ज्यादा एडिटिंग किया हुवा नही मिलेगा,जो आप सबको रियल वीडियो के साथ जानकारी मिलेगा,भारत देश के बड़ा आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं और हमारा देश भारत गांवों का देश है गांव बदल रहा है गांव - शहर,नदी - नाला,पहाड़ - पर्वत, पर्व - त्योहार, बच्चे - युवा, बुजुर्ग, महिला - पुरुष, मेला, यात्रा,मंदिर, तीर्थ स्थल, पर्यटक स्थल, बजार - हाट,शादी - विवाह,कृषि,पशु पालन,मत्स्य पालन,आजीविका,महिला समूह,सफर,पढ़ाई- लिखाई,खेल- कूद,सेवा कार्य,ऐसे तमाम ग्रामीण भारत का कार्यक्रम जानकारी दिया जायेगा और मैं असा करता हूं की आप लोग को वीडियो पसंद आएगा, साथ ही आप लोगों से आग्रह पूर्वक विश्वास करता हूं की आप लोग मेरा वीडियो को लाइक करते हुए मेरा चैनल को सबकराइब जरूर कीजिएगा साथ ही और मित्रों को शेयर कीजिए जिससे उन लोगों को भी इस चैनल पर अपलोड वीडियो को देखकर अच्छी अच्छी जानकारी प्राप्त होगा,,आप सब आगे का वीडियो देखने के लिए मेरे चैनल पर बने रहिएगा, धन्यवाद, जोहार मित्रों,जोहार झारखण्ड, जय भारत l


Gramin Bharat

Computer Course Certificate Vitran Kiya gya

3 weeks ago | [YT] | 11

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एक नज़र यहां भी… 🌿
अनगड़ा प्रखंड के राजाडेरा पंचायत में स्थित धुरलेटा गांव आज बदलाव और अनुशासन की मिसाल है।
बुजुर्गों के अनुसार, पुराने समय में राजा यहां शिकार खेलने आते थे। शिकार के बाद खुशी में मिट्टी-धूल में लोट-पोट होने के कारण इस गांव का नाम धुरलेटा पड़ा।
कुछ साल पहले तक यह गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित था—
❌ न सड़क
❌ न बिजली
❌ न शुद्ध पेयजल
लोगों को रोज़गार के लिए पलायन करना पड़ता था।
आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है… ✨
✔️ सड़क, बिजली, पेयजल व स्वच्छता की सुविधा
✔️ जीवित पेड़ काटना पूरी तरह बंद 🌳
✔️ नशापान पर पूर्ण रोक 🚫
✔️ खुले में शौच पूरी तरह बंद 🚽
✔️ कोरोना काल में एक भी पॉजिटिव केस नहीं
✔️ अब पलायन नहीं, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता गांव
धुरलेटा ने साबित कर दिया है कि विकास सिर्फ सुविधाओं से नहीं,
सोच, एकता और अनुशासन से होता है।
आज यह गांव देश-विदेश के लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
धुरलेटा – जहां प्रकृति, संस्कृति और प्रगति साथ-साथ चलती है। 💚
#धुरलेटा #आदर्शगांव
#नशामुक्तगांव #स्वच्छगांव #हरितगांव
#ग्रामीणविकास #Jharkhand #प्रेरणा

1 month ago (edited) | [YT] | 2

Gramin Bharat

TRI@10 tri@10

1 month ago | [YT] | 3

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3 months ago | [YT] | 5

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3 months ago | [YT] | 6

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🌼 हमारी पीढ़ी – दो युगों की दास्तां 🌼

(1985 से 1995 में जन्मी पीढ़ी के नाम)

हम वो पीढ़ी हैं, जो बीच में पले,
ना पूरी तरह पुराने, ना नए ही चले।
स्याही से लिखे ख़तों का जादू जाना,
और अब उंगलियों से स्क्रीन पर फिसलते जमाना।

हमने देखे सिक्के – 10, 25, 50 पैसे के,
और वो दिन भी, जब मोबाइल में पैसे भेजे।
टेलीफोन की घंटी पर भागते थे कभी,
अब कॉल्स को म्यूट करना रोज़मर्रा की चीज़ बनी।

साइकिल की चाबी जैसे खजाना होती थी,
आज कार की चाबी भी उतनी खुशी नहीं देती।
कभी चिट्ठियों में इंतज़ार का मज़ा था,
अब व्हाट्सएप में "Last seen" की सज़ा है।

टीवी पर रामायण देख पूरा मोहल्ला जुटता था,
आज हर कोई अपनी स्क्रीन में सिमटता जा रहा है।
कंप्यूटर आया तो डर लगा था चलाने से,
अब मोबाइल में बच्चे भी गेम्स डाउनलोड कर लाते हैं।

हम वो हैं,
जिन्होंने संघर्ष देखा, संकोच जिया,
फिर भी संस्कारों से रिश्ता नहीं तोड़ा।
ना ज़्यादा मांगें की, ना ज़माने को कोसा,
जो मिला, उसे हौसले से ढोया।

हमने जिम्मेदारियाँ कम उम्र में सीखी,
और बचपन को जल्दी अलविदा कहा।
आज चाहे बालों में सफेदी घुली हो,
पर दिल अब भी बचपन की गलियों में चला।

> ये उम्र नहीं, अनुभव है हमारा,
हर मोड़ पर बदला, फिर भी रहा सच्चा सहारा।
हम वो पीढ़ी हैं, जो इतिहास की किताबों में नहीं,
दिलों की यादों में ज़िंदा रहेगी – हमेशा।

5 months ago | [YT] | 1

Gramin Bharat

5 months ago | [YT] | 4

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MASS प्रशिक्षण सितम्बर 2025 अनगड़ा रांची

6 months ago | [YT] | 8