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Kavya Manch
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3 years ago | [YT] | 4
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*होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते / बशीर बद्र*होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आतेसाहिल पे समंदर के ख़ज़ाने नहीं आते।पलके भी चमक उठती हैं सोते में हमारीआंखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते।दिल उजडी हुई इक सराय की तरह हैअब लोग यहां रात बिताने नहीं आते।उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा मेंफिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते।इस शहर के बादल तेरी जुल्फ़ों की तरह हैये आग लगाते है बुझाने नहीं आते।क्या सोचकर आए हो मुहब्बत की गली मेंजब नाज़ हसीनों के उठाने नहीं आते।अहबाब भी ग़ैरों की अदा सीख गये हैआते है मगर दिल को दुखाने नहीं आते।.....#poem #poetry #poetrylovers #कवि #कविताएं #कविता #हिंदी#hindikavita #हिंदीकविता #हिंदीपंक्तियाँ #हिंदीलेखन #kavya #hindikavitayen #कवितांश
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"सारे गुलशन में तुझे ढूँढ के मैं नाकाराअब हर इक फूल को ख़ुद अपना पता देता हूँकितने चेहरों में झलक तेरी नज़र आती हैकितनी आँखों को मैं बेबात जगा देता हूँ..!" 😊#kumarvishwash
https://youtu.be/YXIUiQDGQC0
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*होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते / बशीर बद्र*
होठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते
साहिल पे समंदर के ख़ज़ाने नहीं आते।
पलके भी चमक उठती हैं सोते में हमारी
आंखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते।
दिल उजडी हुई इक सराय की तरह है
अब लोग यहां रात बिताने नहीं आते।
उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते।
इस शहर के बादल तेरी जुल्फ़ों की तरह है
ये आग लगाते है बुझाने नहीं आते।
क्या सोचकर आए हो मुहब्बत की गली में
जब नाज़ हसीनों के उठाने नहीं आते।
अहबाब भी ग़ैरों की अदा सीख गये है
आते है मगर दिल को दुखाने नहीं आते।
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#poem #poetry #poetrylovers #कवि #कविताएं #कविता #हिंदी
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"सारे गुलशन में तुझे ढूँढ के मैं नाकारा
अब हर इक फूल को ख़ुद अपना पता देता हूँ
कितने चेहरों में झलक तेरी नज़र आती है
कितनी आँखों को मैं बेबात जगा देता हूँ..!" 😊
#kumarvishwash
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