चेचक वेरिओला वायरस के कारण होने वाला एक अत्यंत संक्रामक रोग है और यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खाँसने, छींकने या बात करने पर हवा में निकली छोटी बूंदों के माध्यम से फैलता है. इसके अलावा, चेचक संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रव्यों, कपड़ों या बिस्तर जैसी दूषित वस्तुओं के सीधे संपर्क से भी फैल सकता है. बीमारी के दौरान, संक्रमण का जोखिम तब तक बना रहता है जब तक कि दाने से सभी पपड़ी नहीं गिर जातीं.
चेचक फैलने के तरीके:
हवा से फैलना:
जब चेचक से संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है, तो हवा में वायरस से युक्त छोटी बूंदें फैल जाती हैं. ये बूंदें पास खड़े दूसरे व्यक्ति के साँस लेने से शरीर में प्रवेश कर सकती हैं और उसे संक्रमित कर सकती हैं.
सीधे संपर्क से फैलना:
संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले शारीरिक तरल पदार्थ या उसके शरीर के दाने और पपड़ी के सीधे संपर्क में आने से भी चेचक फैल सकता है.
दूषित वस्तुओं के माध्यम से फैलना:
संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए कपड़े, बिस्तर या अन्य वस्तुओं के सीधे संपर्क में आने से भी संक्रमण हो सकता है.
संक्रमण कब होता है?
बीमारी की शुरुआत में:
चेचक का रोगी अपनी बीमारी के पहले सप्ताह के दौरान सबसे अधिक संक्रामक होता है, जब गले में वायरस की मात्रा सबसे ज़्यादा होती है.
रोगी के ठीक होने के बाद भी:
संक्रमण का कुछ जोखिम तब तक बना रहता है, जब तक कि चेचक के दाने पूरी तरह से पपड़ी बनकर गिर न जाएं.
महत्वपूर्ण बातें:
चेचक केवल मनुष्यों में फैलता है, कीड़े या जानवरों से नहीं.
बंद स्थानों जैसे इमारतों, बसों और ट्रेनों में हवा के माध्यम से चेचक फैलना दुर्लभ है.
Allroundertecnical890
4 months ago | [YT] | 2
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Allroundertecnical890
Crazy 266 please my sabcribe
4 months ago | [YT] | 2
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Allroundertecnical890
चेचक वेरिओला वायरस के कारण होने वाला एक अत्यंत संक्रामक रोग है और यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खाँसने, छींकने या बात करने पर हवा में निकली छोटी बूंदों के माध्यम से फैलता है. इसके अलावा, चेचक संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रव्यों, कपड़ों या बिस्तर जैसी दूषित वस्तुओं के सीधे संपर्क से भी फैल सकता है. बीमारी के दौरान, संक्रमण का जोखिम तब तक बना रहता है जब तक कि दाने से सभी पपड़ी नहीं गिर जातीं.
चेचक फैलने के तरीके:
हवा से फैलना:
जब चेचक से संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है, तो हवा में वायरस से युक्त छोटी बूंदें फैल जाती हैं. ये बूंदें पास खड़े दूसरे व्यक्ति के साँस लेने से शरीर में प्रवेश कर सकती हैं और उसे संक्रमित कर सकती हैं.
सीधे संपर्क से फैलना:
संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले शारीरिक तरल पदार्थ या उसके शरीर के दाने और पपड़ी के सीधे संपर्क में आने से भी चेचक फैल सकता है.
दूषित वस्तुओं के माध्यम से फैलना:
संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए कपड़े, बिस्तर या अन्य वस्तुओं के सीधे संपर्क में आने से भी संक्रमण हो सकता है.
संक्रमण कब होता है?
बीमारी की शुरुआत में:
चेचक का रोगी अपनी बीमारी के पहले सप्ताह के दौरान सबसे अधिक संक्रामक होता है, जब गले में वायरस की मात्रा सबसे ज़्यादा होती है.
रोगी के ठीक होने के बाद भी:
संक्रमण का कुछ जोखिम तब तक बना रहता है, जब तक कि चेचक के दाने पूरी तरह से पपड़ी बनकर गिर न जाएं.
महत्वपूर्ण बातें:
चेचक केवल मनुष्यों में फैलता है, कीड़े या जानवरों से नहीं.
बंद स्थानों जैसे इमारतों, बसों और ट्रेनों में हवा के माध्यम से चेचक फैलना दुर्लभ है.
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