किशनगंज में भ्रष्टाचार के विरुद्ध विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और अहम कार्रवाई करते हुए जिले के ठाकुरगंज में पदस्थापित CDPOसह प्रभारी DPO(ICDS) किशनगंज कि अनीता कुमारी-2 को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह कार्रवाई नागेन्द्र कुमार की लिखित शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि DPO अनीता कुमारी-2 ने आरोप पत्र गठित कर सस्पेंड कराने की धमकी दी और इस कार्रवाई से बचाने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद SVU ने जाल बिछाया और रिश्वत की पहली किस्त लेते ही आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा-7 के तहत कांड संख्या 08/2026 दर्ज की गई है। आरोपी को शनिवार को पटना स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
🌙 महाशिवरात्रि की दिव्य रात्रि 🌙 जब महादेव की कृपा होती है, तो हर अंधकार मिट जाता है। जब शिव का आशीर्वाद साथ हो, तो कोई भी शक्ति आपको रोक नहीं सकती। 🔱 भय का नाश हो 🔥 साहस का प्रकाश हो 🕉️ जीवन में शांति और सफलता का वास हो आप सभी को असीम शक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ। ✨ आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ। ✨ #हर_हर_महादेव 🕉️ #HarHarMahadev 🕉️
चीखते बच्चे… चारों तरफ भिनभिनाती मधुमक्खियाँ… और उस अफरा-तफरी के बीच एक महिला दीवार बनकर खड़ी हो गई! 🐝🇮🇳 एक छोटे से आंगनवाड़ी केंद्र में जब अचानक मधुमक्खियों का झुंड हमला कर बैठा, तब वहां मौजूद मासूम बच्चे डर से रोने लगे। हर तरफ भगदड़ मच गई, लेकिन आंगनवाड़ी कुक कंचन बाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक-एक कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, खुद हमले का सामना किया और गंभीर हालत में भी पीछे नहीं हटीं। उनके साहस की वजह से करीब 20 बच्चों की जान बच सकी। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उस ममता और जिम्मेदारी की मिसाल है जो एक मां जैसी शिक्षिका अपने बच्चों के लिए निभाती है। आज पूरा इलाका उनकी वीरता को सलाम कर रहा है, क्योंकि उन्होंने साबित कर दिया कि असली हीरो वही होते हैं जो संकट की घड़ी में खुद को भूलकर दूसरों की ढाल बन जाते हैं। 🙏🔥#spring, #holiday#folklore, #weatherfolklore, #tradition, #seasonalevent, #seasonalevents, #prediction, #musicindustry, #culturalheritage
जिनका खुद का घर शीशे का हो वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। ये कहावत यूँ ही नहीं बनी। मतलब साफ़ है 👇 जिसके अपने दामन में दाग हों, उसे दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद की हालत देखनी चाहिए। अक्सर हम देखते हैं— जो खुद समझौता करता है, वही सबसे ज़्यादा भाषण देता है जो खुद फायदा उठाता है, वही दूसरों को गद्दार कहता है जो खुद शीशे के घर में रहता है, वही सबसे ज़ोर से पत्थर उठाता है लेकिन पत्थर बाहर नहीं लगता… घर अपना ही चटकता है।हम जो कह रहे हैं, वो नैतिक बात नहीं, राजनीति और समाज का कड़वा सच है। इसलिए सही रास्ता यही है: आरोप से पहले आत्म-जांच, शोर से पहले सच, और पत्थर से पहले आईना क्योंकि अंत में सच बोलने वाले को पत्थर नहीं, हिम्मत चाहिए। Savita Kumari Yadav
विशेष रिपोर्ट: पश्चिम भारत में हक की हुंकार - 'समान काम, समान वेतन' की ओर बढ़ते कदम रिपोर्टर: सनी शर्मा स्थान: पश्चिम भारत (गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान) पश्चिम भारत के तीन प्रमुख राज्यों—गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान—से सामाजिक न्याय और श्रमिक अधिकारों को लेकर बड़ी खबरें आ रही हैं। हाल के महीनों में अदालतों ने "स्कीम वर्कर्स" (आंगनवाड़ी, आशा) और संविदा कर्मियों के हक में जो फैसले सुनाए हैं, वे आने वाले समय में सरकारी कार्यप्रणाली की तस्वीर बदल सकते हैं। 🔹 गुजरात: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी गुजरात हाई कोर्ट ने एक क्रांतिकारी फैसला सुनाते हुए राज्य की लगभग 1 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन को दोगुने से भी ज्यादा करने का आदेश दिया है। कोर्ट का तर्क: अदालत ने माना कि इन कार्यकर्ताओं को 'मिनिमम वेज' (न्यूनतम वेतन) नहीं, बल्कि 'लिविंग वेज' (सम्मानजनक जीवन जीने लायक वेतन) मिलना चाहिए। नया वेतन: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन ₹10,000 से बढ़ाकर ₹24,800 और सहायिकाओं का ₹5,500 से बढ़ाकर ₹20,300 करने का निर्देश दिया गया है। अधिकार: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गरिमा के साथ जीवन जीना (अनुच्छेद 21) उनका संवैधानिक अधिकार है। 🔹 महाराष्ट्र: 'समान काम-समान वेतन' पर बॉम्बे हाई कोर्ट की मुहर महाराष्ट्र में बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में 'कॉन्ट्रैक्ट लेबर' और 'स्कीम वर्कर्स' के मामले में कड़ी टिप्पणी की है। फैसला: कोर्ट ने माना कि यदि संविदा कर्मचारी (Contract workers) स्थायी कर्मचारियों की तरह ही काम कर रहे हैं, तो वे 'समान काम, समान वेतन' के हकदार हैं। रिक्त पद: अदालत ने नाराजगी जताई कि सरकार स्वीकृत पद खाली होने के बावजूद संविदा पर काम चला रही है, जो श्रमिकों का शोषण है। 🔹 राजस्थान: युवा मित्रों और केयर लीवर्स के लिए न्याय की उम्मीद राजस्थान में "युवा मित्रों" की बहाली और अधिकारों को लेकर कानूनी और सामाजिक संघर्ष जारी है। इसके साथ ही राजस्थान हाई कोर्ट ने 'केयर लीवर्स' (वे युवा जो सरकारी आश्रय गृहों से 18 वर्ष की आयु में निकलते हैं) के लिए स्थायी पहचान और पुनर्वास नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल 18 साल तक नहीं, बल्कि उनके आत्मनिर्भर होने तक है। 📝 मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए: अनुच्छेद 21: अदालतों ने वेतन को केवल पैसा नहीं, बल्कि 'मानवीय गरिमा' से जोड़ दिया है। स्थायीकरण की मांग: लंबे समय से एड-हॉक या डेली वेजर के रूप में काम कर रहे लोगों को अब नियमित करने के लिए अदालती गाइडलाइंस का सहारा मिल रहा है। स्कीम वर्कर्स की जीत: आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को अब केवल 'स्वयंसेवक' नहीं, बल्कि राज्य के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में पहचान मिल रही है। यह बदलाव केवल वेतन तक सीमित नहीं है, यह उनके काम को सम्मान दिलाने की लड़ाई है। #SocialJustice#EqualPay#AnganwadiWorkers#GujaratHigh Court #RajasthanNews#MaharashtraNews#LaborRights#SunnySharmaReports
Savita Kumari Yadav
किशनगंज में भ्रष्टाचार के विरुद्ध विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और अहम कार्रवाई करते हुए जिले के ठाकुरगंज में पदस्थापित CDPOसह प्रभारी DPO(ICDS) किशनगंज कि अनीता कुमारी-2 को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह कार्रवाई नागेन्द्र कुमार की लिखित शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि DPO अनीता कुमारी-2 ने आरोप पत्र गठित कर सस्पेंड कराने की धमकी दी और इस कार्रवाई से बचाने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद SVU ने जाल बिछाया और रिश्वत की पहली किस्त लेते ही आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा-7 के तहत कांड संख्या 08/2026 दर्ज की गई है। आरोपी को शनिवार को पटना स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
6 hours ago | [YT] | 10
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Savita Kumari Yadav
हर सरकारी पद के लिए परीक्षा होती है,
तो देश चलाने वालों के लिए क्यों नहीं?
अगर नेता बनने से पहले भी योग्यता परखी जाए —
✅ देश को समझदार और शिक्षित नेतृत्व मिलेगा
✅ फैसलों में जिम्मेदारी दिखेगी
❌ सिर्फ भाषण देने वाले नहीं, काम करने वाले नेता आएंगे
ये मुद्दा संसद तक पहुँचा है,
अब जवाब जनता चाहती है।
#LeaderTest
#NetaBananeKiYogyata
#SystemReform
#ResponsibleLeadership
#DeshKaSawal
#PublicVoice
#YouthPower
#SachchiSoch
1 day ago | [YT] | 54
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Savita Kumari Yadav
42 lakh कर्मचारियों को राहत।10 लाख तक इलाज का खर्च तत्काल होगा मंजूर।क्या ये फैसलिटी आंगनवाड़ी महिलाओं को भी मिलेगी?
1 day ago | [YT] | 26
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Savita Kumari Yadav
दुष्कर्म मामले में जेल से छूटा आरोपी आंगनबाड़ी पहुंचा।कार्यकर्ता की हत्या के बाद फांसी लगाई, वारदात से पहले बच्चों को आंगनबाड़ी से बाहर निकाला।
1 day ago | [YT] | 15
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Savita Kumari Yadav
Abhi bhi waqt hai jago anganwadi bahno jago.💪💪💪
2 days ago | [YT] | 190
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Savita Kumari Yadav
आंगनवाड़ी केंद्र पर सेविका सहायिका का अनुपस्थित होना क्या दर्शाता है।क्या ये सही है।आपलोग अपनी राय कमेंट्स बॉक्स दें।
5 days ago | [YT] | 90
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Savita Kumari Yadav
🌙 महाशिवरात्रि की दिव्य रात्रि 🌙
जब महादेव की कृपा होती है,
तो हर अंधकार मिट जाता है।
जब शिव का आशीर्वाद साथ हो,
तो कोई भी शक्ति आपको रोक नहीं सकती।
🔱 भय का नाश हो
🔥 साहस का प्रकाश हो
🕉️ जीवन में शांति और सफलता का वास हो
आप सभी को असीम शक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।
✨ आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ। ✨
#हर_हर_महादेव 🕉️
#HarHarMahadev 🕉️
5 days ago | [YT] | 18
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Savita Kumari Yadav
चीखते बच्चे… चारों तरफ भिनभिनाती मधुमक्खियाँ… और उस अफरा-तफरी के बीच एक महिला दीवार बनकर खड़ी हो गई! 🐝🇮🇳
एक छोटे से आंगनवाड़ी केंद्र में जब अचानक मधुमक्खियों का झुंड हमला कर बैठा, तब वहां मौजूद मासूम बच्चे डर से रोने लगे। हर तरफ भगदड़ मच गई, लेकिन आंगनवाड़ी कुक कंचन बाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक-एक कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, खुद हमले का सामना किया और गंभीर हालत में भी पीछे नहीं हटीं। उनके साहस की वजह से करीब 20 बच्चों की जान बच सकी। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उस ममता और जिम्मेदारी की मिसाल है जो एक मां जैसी शिक्षिका अपने बच्चों के लिए निभाती है। आज पूरा इलाका उनकी वीरता को सलाम कर रहा है, क्योंकि उन्होंने साबित कर दिया कि असली हीरो वही होते हैं जो संकट की घड़ी में खुद को भूलकर दूसरों की ढाल बन जाते हैं। 🙏🔥#spring, #holiday #folklore, #weatherfolklore, #tradition, #seasonalevent, #seasonalevents, #prediction, #musicindustry, #culturalheritage
2 weeks ago | [YT] | 270
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Savita Kumari Yadav
जिनका खुद का घर शीशे का हो वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।
ये कहावत यूँ ही नहीं बनी।
मतलब साफ़ है 👇
जिसके अपने दामन में दाग हों,
उसे दूसरों पर उंगली उठाने से पहले
खुद की हालत देखनी चाहिए।
अक्सर हम देखते हैं—
जो खुद समझौता करता है, वही सबसे ज़्यादा भाषण देता है
जो खुद फायदा उठाता है, वही दूसरों को गद्दार कहता है
जो खुद शीशे के घर में रहता है, वही सबसे ज़ोर से पत्थर उठाता है
लेकिन पत्थर बाहर नहीं लगता…
घर अपना ही चटकता है।हम जो कह रहे हैं, वो नैतिक बात नहीं,
राजनीति और समाज का कड़वा सच है।
इसलिए सही रास्ता यही है:
आरोप से पहले आत्म-जांच,
शोर से पहले सच,
और पत्थर से पहले आईना
क्योंकि अंत में
सच बोलने वाले को पत्थर नहीं,
हिम्मत चाहिए।
Savita Kumari Yadav
2 weeks ago | [YT] | 43
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Savita Kumari Yadav
विशेष रिपोर्ट: पश्चिम भारत में हक की हुंकार - 'समान काम, समान वेतन' की ओर बढ़ते कदम
रिपोर्टर: सनी शर्मा स्थान: पश्चिम भारत (गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान)
पश्चिम भारत के तीन प्रमुख राज्यों—गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान—से सामाजिक न्याय और श्रमिक अधिकारों को लेकर बड़ी खबरें आ रही हैं। हाल के महीनों में अदालतों ने "स्कीम वर्कर्स" (आंगनवाड़ी, आशा) और संविदा कर्मियों के हक में जो फैसले सुनाए हैं, वे आने वाले समय में सरकारी कार्यप्रणाली की तस्वीर बदल सकते हैं।
🔹 गुजरात: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी
गुजरात हाई कोर्ट ने एक क्रांतिकारी फैसला सुनाते हुए राज्य की लगभग 1 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के वेतन को दोगुने से भी ज्यादा करने का आदेश दिया है।
कोर्ट का तर्क: अदालत ने माना कि इन कार्यकर्ताओं को 'मिनिमम वेज' (न्यूनतम वेतन) नहीं, बल्कि 'लिविंग वेज' (सम्मानजनक जीवन जीने लायक वेतन) मिलना चाहिए।
नया वेतन: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन ₹10,000 से बढ़ाकर ₹24,800 और सहायिकाओं का ₹5,500 से बढ़ाकर ₹20,300 करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकार: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गरिमा के साथ जीवन जीना (अनुच्छेद 21) उनका संवैधानिक अधिकार है।
🔹 महाराष्ट्र: 'समान काम-समान वेतन' पर बॉम्बे हाई कोर्ट की मुहर
महाराष्ट्र में बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में 'कॉन्ट्रैक्ट लेबर' और 'स्कीम वर्कर्स' के मामले में कड़ी टिप्पणी की है।
फैसला: कोर्ट ने माना कि यदि संविदा कर्मचारी (Contract workers) स्थायी कर्मचारियों की तरह ही काम कर रहे हैं, तो वे 'समान काम, समान वेतन' के हकदार हैं।
रिक्त पद: अदालत ने नाराजगी जताई कि सरकार स्वीकृत पद खाली होने के बावजूद संविदा पर काम चला रही है, जो श्रमिकों का शोषण है।
🔹 राजस्थान: युवा मित्रों और केयर लीवर्स के लिए न्याय की उम्मीद
राजस्थान में "युवा मित्रों" की बहाली और अधिकारों को लेकर कानूनी और सामाजिक संघर्ष जारी है। इसके साथ ही राजस्थान हाई कोर्ट ने 'केयर लीवर्स' (वे युवा जो सरकारी आश्रय गृहों से 18 वर्ष की आयु में निकलते हैं) के लिए स्थायी पहचान और पुनर्वास नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल 18 साल तक नहीं, बल्कि उनके आत्मनिर्भर होने तक है।
📝 मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए:
अनुच्छेद 21: अदालतों ने वेतन को केवल पैसा नहीं, बल्कि 'मानवीय गरिमा' से जोड़ दिया है।
स्थायीकरण की मांग: लंबे समय से एड-हॉक या डेली वेजर के रूप में काम कर रहे लोगों को अब नियमित करने के लिए अदालती गाइडलाइंस का सहारा मिल रहा है।
स्कीम वर्कर्स की जीत: आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को अब केवल 'स्वयंसेवक' नहीं, बल्कि राज्य के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में पहचान मिल रही है।
यह बदलाव केवल वेतन तक सीमित नहीं है, यह उनके काम को सम्मान दिलाने की लड़ाई है।
#SocialJustice #EqualPay #AnganwadiWorkers #GujaratHigh Court #RajasthanNews #MaharashtraNews #LaborRights #SunnySharmaReports
2 weeks ago | [YT] | 285
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