!! जय श्री राम !!ॐ नमः शिवायΨΙ"आदर्श एक सांचा है जिसमें मनुष्य का जीवन ढलता है। यदि आदर्श श्रेष्ठ है तो जीवन भी श्रेष्ट होगा ।"