सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कला का प्रचार एवं प्रसार करना l
भारत के रमणीक एवं पर्यटक स्थलों चित्र एवं वीडियो का प्रचार प्रसार करना l
स्वस्थ बौद्धिक चर्चा करना, ज्ञान एवं मनोरंजन के चित्र एवं वीडियो प्रसारित करना l
ज्ञान विज्ञान का प्रचार प्रसार करना I
"To promote cultural and traditional arts.
To showcase and promote images and videos of India’s scenic and tourist destinations.
To encourage healthy intellectual discussions and share videos and images of knowledge and entertainment.
To spread awareness of knowledge and science."
Mukul Bahuguna
4 months ago | [YT] | 3
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Mukul Bahuguna
Doon University admission date extend
7 months ago | [YT] | 2
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Mukul Bahuguna
बदलते परिवेश में एक राष्ट्र के रूप में हमे अपनी विशालता और शक्ति को पहचानना ही होगा l अगर अपने आसपास के छोटे-छोटे देशों के साथ बड़े भाई की भूमिका निभानी है, तो उन्हें यह एहसास दिलाना पड़ेगा की बड़े भाई की इज्जत की जाती है l शत्रु देश के साथ मिलकर बड़े भाई की पगड़ी नहीं उछाली जाती है l अगर बड़े भाई के कारण उन्हें उत्तम जीवन, धन ,वैभव , आनंद प्राप्त करना है तो बड़े भाई को सम्मान भी उतना ही देना पड़ेगा l उन्हें अगर बड़े भाई के रूप में स्वीकारता नहीं है,तब भी एक शक्तिशाली और विशाल देश के रूप में छोटे छोटे देश को ही अधिकार नहीं है कि वह देश के शत्रु के साथ गठबंधन करें और हमारे देश को कष्ट दें l वक्त आ गया है एक हाथ में रसगुल्ला और एक हाथ में डंडा लेकर की नीति पर चला जाए l लक्ष्मी माता सदैव शक्तिशाली का साथ देती है l हम दुनिया के सातवें बड़े देश हैं l शक्ति संपन्न है और सभी का सम्मान करते हैं l लेकिन इसका अर्थ नहीं होना चाहिए कि शत्रु के साथ मिलकर के देश के खिलाफ छोटे-छोटे देश भी षड्यंत्र करने लग जाए l देश का हित सर्वोपरि होता है l जैसे शरीर के कमजोर होने पर बीमारियां शरीर को जकड़ लेती है l इसी तरह देश के कमजोर होने पर शत्रु उस पर आक्रमण कर अधीन कर लेते हैं, और अधीन जीवन बड़ा कष्टदाई होता है l इसलिए किसी पर भी रहम ना किया जाए l अगर स्वतंत्रता पूर्वक एवं आनंदमय जीवन का लाभ उठाना है तो, देश को अपनी शक्ति और अपने विशालता का एहसास करना ही पड़ेगा l
II अस्तु l l
7 months ago | [YT] | 1
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Mukul Bahuguna
खबर- बरसाती नाले में पानी आ जाने से आसपास के मकानों को नुकसान हुआ l तो क्या बरसाती नाला, मकान के ऊपर से कूद कर निकल जाता l जब नाला सालों से वहीं पर बह रहा है , मकान तुमने उसके आगे बनाये है l
7 months ago | [YT] | 3
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Mukul Bahuguna
लोकतंत्र की एक खूबी यह भी है कि, जब स्वयं बोलना होता है ,तो फ्रीडम ऑफ स्पीच की खूबसूरती दिखती है l और जब दूसरा बोल दे तो इसका दुरुपयोग कर रहा है, ऐसा लगता है l
8 months ago | [YT] | 3
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Mukul Bahuguna
आज एक वीडियो प्राप्त हुआ जो भगवान केदारनाथ जी का बताया जा रहा है ,जिसमें कुछ लोग लाइन में लगे श्रद्धालु गणों के बीच में से रेलिंग से कूद कर घुस रहे हैं l क्यों घुस रहे हो ? I सैकड़ो किलोमीटर दूर से चलकर, और फिर कई घंटे की चढ़ाई चढ़कर भगवान केदारनाथ के दर्शन करने पहुंचे हो l ऐसे दर्शन करोगे? I सही बताओ दर्शन हो जाएंगे क्या? I दर्शन क्या सामने मूर्ति और पत्थर को देखने से होता है ? I और क्या लगता है फल प्राप्त होगा ? I नहीं होगा l ऐसी हरकतें रेल की लाइनों में खाने की लाइनों में, बसों की लाइनों में चल जाती है , भगवान के आगे नहीं चलता है l जो श्रद्धालु सुबह से लाइन में लगा है उसकी जगह तुम बीच में अचानक घुसकर के लग जाओगे तो तुम्हें भगवान से नहीं पुलिस से फल मिलेगा l भगवान अब 6 महीने कहीं नहीं जाने वाले l जाना तुमको है वापस l भगवान का आशीर्वाद लेकर जाओ l एक और पाप लेकर वापस मत जाओ l
Ii अस्तुll
8 months ago | [YT] | 3
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Mukul Bahuguna
क्या आपने कभी सोचा है कि, बच्चे मोबाइल की तरफ इतना आकर्षित क्यों हो रहे हैं ? I बच्चे तो छोड़िए बड़े ,बूढ़े, जवान, महिला पुरुष, पढ़ा लिखा बिना पढ़ा, डॉक्टर, इंजीनियर वकील अधिकारी आदि आदि भी क्यों मोबाइल की तरफ आकर्षित हो रहे l एक सेकंड यदि मोबाइल ना मिले तो ऐसा लगता है कि कुछ रह गया l तो इसका जवाब मानव के मूल डिजाइन में है l मनुष्य का उन्नत दिमाग l इस दिमाग का डिजाइन इस तरह से किया गया है कि इसे हर समय जानकारियां चाहिए l नई-नई जानकारी से सीखने के लिए इसको डिजाइन किया गया है l इसीलिए पूर्व में किताबों से, प्रकृति से, जानवरों से उन्हें देखकर के मनुष्य ने बहुत कुछ सीखा, और उसको अपने व्यवहारिक जीवन में काम लाया l अब क्योंकि उसके पास एक अद्भुत चीज है l जिसका नाम है मोबाइल और इंटरनेट l उसके जरिए से विश्व की लगभग सभी जानकारी मिल रही है l इसलिए मनुष्य , मोबाइल का आदि होता जा रहा है l खास तौर से नए बच्चे, क्योंकि नए बच्चों में जो पीढ़ी आ रही है उनके दिमाग का स्ट्रक्चर थोड़ा और विकसित होता जा रहा है l इसीलिए उसे ज्यादा जानकारी का संग्रहण करने में दिक्कत नहीं हो रही है l इसलिए भविष्य में भी जानकारी के जितने भी स्रोत और आएंगे मनुष्य उसकी तरफ आकर्षित होगा ही होगा l उसे रोका नहीं जा सकता है l
II अस्तु ll
8 months ago | [YT] | 4
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Mukul Bahuguna
लगता है हम अपने ही शहर में बंधक होते जा रहे हैं l ऋषिकेश से आगे जाना है l घंटो का जाम है l मसूरी, धनोल्टी जाना है l घंटो का जाम है l देहरादून के अंदर कहीं जाना है घंटो का जाम है l कोई घर आता है तो बोलता है कि इतनी देर जाम में फंसा रहा l भीड़ को देखकर खुश हो रहे हैं कि पर्यटक आ रहा है l लेकिन अपने अनुभव से बताता हूं दुकान के आगे हमेशा भीड़ होना शुभ संकेत नहीं होता है l क्योंकि जब भीड़ रहती है दुकान के आगे तो ग्राहक आगे जाने लग जाता है l ग्राहक जगह ढूंढता है जहां सुकून से आराम से खरीदारी कर सके l जिन देशों ने अपना टूरिस्ट डेस्टिनेशन स्थापित किया है , उन्होंने पहले अपनी सुविधाओं को मजबूत किया l भीड़ देखकर के यहां अंदाज नहीं लगना चाहिए कि हमेशा यह भीड़ रहेगी l आप देख लेना कुछ समय बाद सभ्य और पारिवारिक पर्यटक आना छोड़ देगा l केवल हुड़दंगीऔर हुड़दंग रह जाएगा शहर में l धीरे-धीरे यह भी कहीं और जाने लग जाएंगे l आस्था वाली यात्रा में तो कुछ किया नहीं जा सकता l वे लोग तो आएंगे ही चाहे कितनी भी परेशानी हो l लेकिन पर्यटक आना बंद हो जाएगा धीरे-धीरे l खाना थोड़ा-थोड़ा खाया जाए तो पचता है l एक साथ मुंह में डालोगे तो पेट खराब होगा ही होगा l बाकी आपकी मर्जी
II अस्तु ll
8 months ago (edited) | [YT] | 3
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Mukul Bahuguna
एक शाम सौर ऊर्जा के नाम
8 months ago | [YT] | 2
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