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••• https://youtu.be/34HB7NjOfkA •••

1 year ago | [YT] | 8

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Hope is the most prior human emotion, without hope there is no life. Believe in yourself, Believe system is a way to to do magic and magic happens when you keep trying your best without thinking of any xyz unnecessary things. Ups and downs are the part of our life it has only 2 solution, first accept it, second is to do whatever is possible for you right now. Keep hustling 🔥🔥

2 years ago | [YT] | 6

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Military, Warfare & Wars in Ancient India
New Video Series soon!!!


#ancientindia

2 years ago | [YT] | 15

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Salute to Major Mohit Sharma 🥺🙏

3 years ago | [YT] | 21

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शुभ दीपावली 💥🎊🎉

3 years ago | [YT] | 31

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Have you watched Ahom Empire video??
Link–https://youtu.be/ccjJVcdeRyA

3 years ago | [YT] | 8

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किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके तीन कर्तव्य होते ही हैं–
1) व्यक्तिगत कर्तव्य, 2) सामाजिक कर्तव्य, 3) आध्यात्मिक कर्तव्य

क्या आपने कभी सोचा है की भारतवर्ष के लोग ‘मानसिक बीमारियो’ से क्यों जूझ रहें है? इसका एक कारण यह भी है की वे अपने कर्तव्यों को भूलते चले जा रहें हैं। लोग अधिकार की बातें करतें है और अपने प्रयासो के फल की इच्छा को लेकर चिंतित रहते हैं जबकि यह सबसे मूर्खता पूर्ण लगता है, यदि आप कर्म को केवल अपना कर्तव्य समझ कर करें तो? अपने कर्मो को निस्वार्थ भाव से करें तो? कर्मो के फल को ईश्वर पे छोड़ कर केवल कर्म करें तो?
तो आप सबसे प्रसन्न व्यक्तियों में से एक होंगे। याद रखिए आपकी इच्छाएं जीवन भर आपका साथ नही छोड़ेंगी जब तक आप कर्म को केवल स्वार्थ भाव से करेंगे और यही दुख का कारक है। भारत को विश्व गुरु कहा जाता था क्योंकि इस देश में हमेशा कर्तव्यों की बात की गई है और इसे हमेशा अधिकारो से ऊपर रखा गया है, चाहे आप राम जी के जीवन को पढ़िए या कृष्ण जी के जीवन को पढ़िए। राम जी राजा बनने के अधिकारी थे परंतु उन्होंने अपने पिता के वचनों को अपना कर्तव्य समझा और उन्हे 14 वर्ष वनवाश जाना पड़ा। भगवान कृष्ण ने अपने कर्तव्यों को सबसे ऊपर रखा और किशोर अवस्था में ही अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने हेतु अपना सर्वश्व त्याग दिया एवम अपना जीवन सदेव समाज कल्याण के लिए दिया।

Conclusion – अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने कर्म को अपना कर्तव्य समझो, अपने लक्ष्य को केवल अपने स्वार्थ के लिए सीमित मत करो इसे समाज कल्याण से जोड़ो और करके दिखाओ। परिणाम के बारें में सोच सोच के अपने वर्तमान को खराब नही करना हैं क्योंकि आपका केवल अपने कर्म पे ही अधिकार है , परिणाम ईश्वर पे छोड़ दीजिए।

Conclusion 2- जो व्यक्ति अपने जीवन में व्यक्तिगत कर्तव्य, सामाजिक कर्तव्य और आध्यात्मिक कर्तव्य तीनो में संतुलन बनाए रखता है वही सफल कहलाएगा।

‪@prototype_yt-x4k‬ #FormulaBook

3 years ago | [YT] | 11