Speaker of the 18th Lok Sabha


Om Birla

संसदीय क्षेत्र कोटा में आज 690 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। हमारा प्रयास है कि विकास कार्य केवल आज की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कोटा के भविष्य को भी मजबूत बनाएं।

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट, मुकुंदरा-रामगढ़ टाइगर रिजर्व, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, चंबल गार्डन, संविधान पार्क, विकास पथ, स्मार्ट रोड सहित आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी 1 हजार करोड़ की अनेक परियोजनाएं कोटा के विकास को नई दिशा और नए आयाम प्रदान करेंगी।

मुझे विश्वास है कि आने वाले तीन वर्षों में हम एक नए और आधुनिक कोटा की तस्वीर देखेंगे। कोटा केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पर्यटन, खेल, स्वास्थ्य, संस्कृति और आधुनिक शहरी विकास के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी शहरों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

#Kota #rajasthan #bundi

3 days ago | [YT] | 242

Om Birla

Healthy Body Should be the goal of All the citizens, And I am here to help Everyone achieve that.
youtube.com/shorts/_2OauPqwhR...

5 days ago (edited) | [YT] | 0

Om Birla

पूर्व प्रधान मंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण नमन।

अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिनके व्यक्तित्व में राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों, संवेदनशीलता और अद्भुत वक्तृत्व का अनूठा संगम था। पाँच दशकों से अधिक लंबे संसदीय जीवन में वे लोक सभा के लिए दस बार और राज्य सभा के लिए दो बार निर्वाचित हुए। एक प्रखर सांसद, ओजस्वी वक्ता, सिद्धहस्त पत्रकार और संवेदनशील कवि के रूप में भी अटल जी सदैव स्मरण किए जाते रहेंगे।
प्रधान मंत्री के रूप में अटल जी ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूती देने के साथ देश की विदेश नीति और वैश्विक भूमिका को नई दिशा दी। उनका नेतृत्व एक ऐसे सशक्त, आत्मविश्वासी और आधुनिक भारत की परिकल्पना से प्रेरित था, जो अपनी गौरवशाली सभ्यता और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ विश्व पटल पर मजबूती से आगे बढ़े।

उनकी वाणी में राष्ट्र के प्रति दृढ़ संकल्प था, उनकी कविता में संवेदनशील मन की अभिव्यक्ति और उनके जीवन में जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण।
अटल जी का व्यक्तित्व, विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की राह दिखाते रहेंगे।
#अटल_बिहारी_वाजपेयी #AtalBihariVajpayee

6 days ago | [YT] | 244

Om Birla

हरियाली तीज (श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया) की हार्दिक शुभकामनाएँ।
सावन के झूलों पर झूलती आसमानी उमंग, धरती पर हरियाली की धानी चुनर, मनचीते लोकगीतों की मधुरता और सोलह श्रृंगार का पर्व हरियाली तीज हमारी जीवंत लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर अभिव्यक्ति है।
यह शुभ अवसर हमारी माताओं-बहनों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों के नए रंग भरने के साथ परिवारों में प्रेम व सौहार्द को और मजबूत करे।
माँ पार्वती और भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे।

#हरियाली_तीज

1 week ago | [YT] | 73

Om Birla

वर्ष 1911 में जब ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम के दिल्ली दरबार में देशी रियासतों के शासकों को बुलाया गया, तब केसरी सिंह बारहठ जी ने मेवाड़ के तत्कालीन महाराणा फतेह सिंह जी को इस दरबार में जाने से रोकने के लिए ‘चेतावनी रा चुंगट्या’ लिखकर भेजे। इन ओजस्वी सोरठों में मेवाड़ के गौरव, राजस्थान के स्वाभिमान और औपनिवेशिक शासन के सामने झुकने से इनकार का संदेश था।

बारहठ जी की लेखनी का प्रभाव इतना गहरा था कि महाराणा फतेह सिंह जी दिल्ली दरबार में उपस्थित नहीं हुए। इस घटना ने विदेशी शासन के सामने भारतीय स्वाभिमान की एक सशक्त मिसाल कायम की। शब्दों के माध्यम से दिया गया यह प्रतिरोध भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक अनोखा अध्याय बन गया। श्री केसरी सिंह बारहठ जी ने अपनी लेखनी को राष्ट्रजागरण का हथियार बनाया। उनके लिए कविता केवल साहित्य नहीं थी, बल्कि वह जनचेतना जगाने, स्वाभिमान को जीवित रखने और विदेशी सत्ता के विरुद्ध आवाज बुलंद करने का माध्यम थी।

राष्ट्रीय स्वतंत्रता की लड़ाई में केसरी सिंह जी और उनके परिवार को भारी उत्पीड़न सहना पड़ा। जागीर जब्त कर ली गई और जीवन को कठिनाइयों से भर दिया गया। इसके बावजूद केसरी सिंह जी अपने विचारों से पीछे नहीं हटे। उनके लिए व्यक्तिगत सुख-सुविधा से कहीं बड़ा देश का सम्मान और स्वतंत्रता का लक्ष्य था। केसरी सिंह बारहठ जी का जीवन उदाहरण है कि सत्य, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के मार्ग पर अडिग रहने वाला व्यक्ति इतिहास में अमर हो जाता है। ऐसे महान राष्ट्रनायक को आज उनकी पुण्यतिथि पर भावपूर्ण नमन।

#केसरी_सिंह_बारहठ

1 week ago | [YT] | 74

Om Birla

Heartfelt tribute on the death anniversary of Lokmata Maharani Ahilyabai Holkar Ji.

The virtuous Ahilyabai Holkar Ji prioritized the interests of farmers, artisans, traders, and common citizens during her reign, while promoting trade, agriculture, and the local economy in Malwa. Her rule remains an inspiring example of public welfare, good governance, and service to the people.

Alongside the preservation of religion and culture, she made significant contributions to the construction and renovation of temples, ghats, wells, stepwells, and rest houses at many of the country's major pilgrimage sites. The breadth of her efforts is still evident today in India's cultural heritage.

In honor of Lokmata's great contributions and legacy, a bronze statue of her has been installed in the courtyard of the Parliament Library Building. This six-and-a-half-foot-tall statue, sculpted in a seated pose by renowned artist Shri Shashikant Varke, was unveiled on August 24, 2006, by the then Vice President and Rajya Sabha Chairman Shri Bhairon Singh Shekhawat Ji.

#अहिल्याबाई_होल्कर #AhilyabaiHolkar

1 week ago | [YT] | 121

Om Birla

Elephants are the 'Keystone Species' of our forests, playing an extremely vital role in maintaining the balance of biodiversity. Therefore, protecting elephants is not just about safeguarding one species, but about securing the future of the entire forest ecosystem and the generations to come.

It is a matter of pride that India is home to the world's largest population of wild Asian elephants. Through numerous initiatives such as Project Elephant, Elephant Reserves, Elephant Corridors, Habitat Restoration, efforts to mitigate human-elephant conflict, and community-based conservation, India is continuously working towards the conservation of elephants and the protection of their natural habitats.

On this #WorldElephantDay, let us all pledge to protect nature, wildlife, and biodiversity; because protected forests, conserved wildlife, and a balanced environment form the strongest foundation for a prosperous, secure, and sustainable future.

#wildlife #elephants #India

1 week ago | [YT] | 194

Om Birla

भारतीय अंतरिक्ष युग के शिल्पकार, पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. विक्रम साराभाई जी की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन।

डॉ. साराभाई का विश्वास था कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। इसी दूरदृष्टि ने भारत में आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान की मजबूत नींव रखी और अंतरिक्ष विज्ञान को राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बनाया। उनके नेतृत्व में स्थापित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारत को आत्मनिर्भर, सक्षम और विश्वसनीय अंतरिक्ष शक्ति बनने की दिशा प्रदान की।

उन्होंने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को संचार, मौसम पूर्वानुमान, कृषि, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों से जोड़कर यह सिद्ध किया कि विज्ञान तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे। आज चंद्रमा से लेकर सूर्य और मंगल तक भारत की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्राएँ, स्वदेशी तकनीक की सफलता, अंतरिक्ष अनुसंधान में युवाओं की सक्रियता और वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती वैज्ञानिक प्रतिष्ठा, डॉ. साराभाई के अमूल्य योगदान की जीवंत विरासत हैं।
उनके आदर्श, विचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
#विक्रम_साराभाई

1 week ago | [YT] | 116

Om Birla

श्रावण मास की पावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।

महादेव की आराधना हमें संयम, सत्य और कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। मेरी प्रार्थना है कि देवाधिदेव सभी के जीवन को मंगलमय बनाएं और देश व समाज में सुख, शांति एवं प्रगति की भावना को और मजबूत करें।

ॐ नमः शिवाय।

#महादेव #श्रावण_मास_शिवरात्रि #shivji #mahadev

1 week ago | [YT] | 86

Om Birla

Shri T. Radhakrishnan, Hon. Speaker of the Kerala Legislative Assembly, called on at my office in Parliament House today.

#Delhi #Kerala #India

1 week ago | [YT] | 238