कोटा के कुन्हाड़ी और नान्ता क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां प्रगतिरत और प्रस्तावित विकास कार्यों का जायजा लिया। केडीए, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा कर कार्यों की प्रगति पर चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए। क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नई सड़कों के निर्माण, सड़कों के चौड़ाईकरण, चौराहों के सुधार और नहर किनारे की सड़कों के उन्नयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही विजयवीर और दुर्गादास स्टेडियम सहित अन्य स्थानों पर खेल सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
सभी एंट्री पॉइंट्स पर भव्य प्रवेश द्वार विकसित करने की योजना के तहत चिन्हित स्थानों का भी निरीक्षण किया और जनभावनाओं के अनुरूप योजनाएं बनाने के लिए कहा। इस दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। हमारा प्रयास है कि कोटा शहर को सुव्यवस्थित, सुगम और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए, जहां विकास के साथ आमजन की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
आज कोटा स्टेशन स्थित जिनालय में बंधु त्रिपुटी पूज्य मुनिराज मुनिवर श्री आगमरत्नसागरजी, श्री प्रशमरत्नसागरजी और श्री व्रजरत्नसागरजी महाराज के सान्निध्य में पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। जैन श्रमण परंपरा हमारी संस्कृति में साधना, तप और त्याग की मजबूत धरोहर है, जो संयमित जीवन का मार्ग दिखाती है। मुनिराजों का मार्गदर्शन विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। प्रभु से प्रार्थना है कि उनका सान्निध्य समाज को आगे भी इसी तरह दिशा देता रहे।
आज कोटा स्थित कैंप कार्यालय में क्षेत्रवासियों से संवाद और मुलाकात की। बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और सुझाव लेकर पहुंचे, सभी की बात ध्यान से सुनी। समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
आज हल्द्वानी, उत्तराखंड में माहेश्वरी समाज के बंधुओं-बहनों द्वारा दिए गए स्नेह, अपनत्व और भावपूर्ण सम्मान से अभिभूत हूँ। सेवा, त्याग और सदाचार के गुणों के साथ भगवान महेश के वंशजों ने देशभर में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। व्यापार, उद्योग, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में समाज का योगदान प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। अपनी कर्मठता, ईमानदारी और दूरदृष्टि के बल पर समाज के लोगों ने न केवल आर्थिक समृद्धि हासिल की, बल्कि सामाजिक मूल्यों को भी सशक्त किया है।
हल्द्वानी को उत्तराखंड के प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में माहेश्वरी समाज के बंधुओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ के व्यापारिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक समरसता में समाज का योगदान स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
समाज बंधुओं से संवाद के दौरान साझा किया कि आज के समय में परंपराओं के साथ आधुनिकता का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए नवाचार, शिक्षा और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि समाज और देश दोनों की प्रगति सुनिश्चित हो सके।
देवभूमि उत्तराखंड प्रवास के दौरान हिमालय की सुरम्य पर्वत श्रेणियों में स्थित दिव्य कैंची धाम में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूज्य बाबा श्री नीब करौरी महाराज के इस पावन धाम में एक अद्भुत शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतुलन का अनुभव होता है। यहाँ की साधना-भूमि, वातावरण की पवित्रता और भक्ति का स्पंदन मन को भीतर तक छू जाता है।
बालाजी महाराज से मेरी प्रार्थना है कि सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और सुख का संचार हो तथा हम सभी को सकारात्मकता, सेवा और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करें।
नैनीताल, उत्तराखंड में वन पंचायत, पंचायती राज तथा शहरी निकायों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद सुखद अनुभूति रही। वन, गाँव और शहरी स्तर पर स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की सबसे बुनियादी इकाई है। इन इकाईयों के प्रतिनिधि जब आपस में विचार-विमर्श करते हैं, तो कई महत्वपूर्ण विषयों का समाधान यहां से निकलता है। प्रकृति और विकास के बीच कैसे समन्वय बनाकर रखा जा सकता है, ऐसे कॉन्सेप्ट यहां से विकसित होते हैं।
इस संवाद में मेरा अनुभव रहा कि उत्तराखंड में वन पंचायतें जनभागीदारी का उत्कृष्ट मॉडल हैं। यहॉं के लोग सहभागिता से जल, जंगल, जमीन व प्रकृति के संरक्षण का कार्य कर कर रहे हैं, तथा जनभागीदारी से वन क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता का विकास हो रहा है। इस पूरी संरचना में महिलाओं की सक्रियता और अच्छी संख्या देखकर विशेष प्रसन्नता हुई।
देवभूमि में स्थानीय स्तर पर वन और ग्राम पंचायतें जिस तरह 'ग्राम स्वराज' को साकार कर रही हैं, उसी तरह यहां नगर निकाय भी शहरी विकास को नई गति और दिशा दे रहे हैं। पिछले वर्ष 'नगर निकायों के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन' में भी हमने विमर्श किया था कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हमारे नगर निकाय 'Vikasit Bharat 2047' के सपने को पूरा करने में किस प्रकार अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
निश्चय ही भारत में लोकतंत्र शासन पद्धति होने के साथ ही हमारे जीवन का संस्कार भी है। स्थानीय स्वशासन की इन इकाईयों ने इस भावना को ना सिर्फ़ बनाए रखा है, बल्कि इसे और सशक्त किया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में आज Annual Day समारोह के अवसर पर विद्यार्थियों के साथ सार्थक संवाद हुआ।
भारत आज युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और नवाचार शक्ति के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। ऐसे में प्रत्येक युवा की भूमिका केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। आने वाले वर्षों में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। यह समय है बड़े सपने देखने, नवाचार को अपनाने और देश को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का। राजनीति से दूर रहकर देश का भला संभव नहीं; अच्छे और श्रेष्ठ लोगों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में आना होगा, ताकि वे जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय योगदान दे सकें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस संस्थान से निकलने वाली प्रतिभाएँ अपने संस्कारों, मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा के साथ न केवल अपने जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगी, बल्कि देश को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड में आज विद्यार्थियों के साथ संवाद का अवसर मिला। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के समग्र विकास और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की सतत प्रक्रिया है। आज के परिवर्तित दौर में युवाओं के लिए नवाचार, मौलिक सोच और तकनीक के साथ आगे बढ़ना अनिवार्य है। ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था एक नई दिशा प्राप्त कर रही है, जो छात्रों की जिज्ञासा, प्रतिभा और कौशल को निखारने पर बल देती है। इस अवसर पर विद्यालय में AI लैब का उद्घाटन भी किया, जो विद्यार्थियों को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में उनकी रचनात्मक सोच को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी। मेरा विद्यार्थियों से आग्रह है कि वे अनुशासन, परिश्रम और सेवा की भावना को अपने जीवन का आधार बनाएं, असफलताओं से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ते रहें और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
Pleased to meet the delegation of the France–India Parliamentary Friendship Group at the Parliament House and engage with the distinguished members on strengthening bilateral ties and parliamentary cooperation.
Our discussions highlighted the strength of the India–France special global strategic partnership and the importance of shared democratic values.
Deliberations also covered enhancing cooperation across sectors under the Horizon 2047 Roadmap, along with opportunities for technological collaboration.
Parliamentary exchanges remain a key pillar of cooperation enabling mutual learning and strengthening democratic institutions.
Committed to further deepening our parliamentary exchanges and strengthening people-to-people connections.
भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
बाबासाहेब का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समानता और मानव गरिमा के आदर्शों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा। भारत के संविधान के माध्यम से उन्होंने न केवल राजनीतिक लोकतंत्र को सशक्त किया, बल्कि देश में सामाजिक लोकतंत्र का भी मजबूत आधार तैयार किया। उनका मानना था कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय और अवसर की समानता नहीं मिलेगी, तब तक राष्ट्र का वास्तविक विकास संभव नहीं है।
'सामाजिक न्याय से राष्ट्रीय विकास : डॉ.अम्बेडकर के सिद्धांतों पर आधारित विकसित भारत 2047' विषय पर आयोजित इस परिचर्चा से यह स्पष्ट है कि बाबासाहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता के समय थे। आज आवश्यकता है कि हम उनके सिद्धांतों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार, नीतियों और कार्यों में उतारें।
Om Birla
कोटा के कुन्हाड़ी और नान्ता क्षेत्र का निरीक्षण कर वहां प्रगतिरत और प्रस्तावित विकास कार्यों का जायजा लिया। केडीए, नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा कर कार्यों की प्रगति पर चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए। क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नई सड़कों के निर्माण, सड़कों के चौड़ाईकरण, चौराहों के सुधार और नहर किनारे की सड़कों के उन्नयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही विजयवीर और दुर्गादास स्टेडियम सहित अन्य स्थानों पर खेल सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
सभी एंट्री पॉइंट्स पर भव्य प्रवेश द्वार विकसित करने की योजना के तहत चिन्हित स्थानों का भी निरीक्षण किया और जनभावनाओं के अनुरूप योजनाएं बनाने के लिए कहा। इस दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। हमारा प्रयास है कि कोटा शहर को सुव्यवस्थित, सुगम और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए, जहां विकास के साथ आमजन की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
#kota
1 day ago | [YT] | 85
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Om Birla
आज कोटा स्टेशन स्थित जिनालय में बंधु त्रिपुटी पूज्य मुनिराज मुनिवर श्री आगमरत्नसागरजी, श्री प्रशमरत्नसागरजी और श्री व्रजरत्नसागरजी महाराज के सान्निध्य में पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। जैन श्रमण परंपरा हमारी संस्कृति में साधना, तप और त्याग की मजबूत धरोहर है, जो संयमित जीवन का मार्ग दिखाती है। मुनिराजों का मार्गदर्शन विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। प्रभु से प्रार्थना है कि उनका सान्निध्य समाज को आगे भी इसी तरह दिशा देता रहे।
#kota
2 days ago | [YT] | 68
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Om Birla
आज कोटा स्थित कैंप कार्यालय में क्षेत्रवासियों से संवाद और मुलाकात की। बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और सुझाव लेकर पहुंचे, सभी की बात ध्यान से सुनी। समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
#kota
2 days ago | [YT] | 71
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Om Birla
आज हल्द्वानी, उत्तराखंड में माहेश्वरी समाज के बंधुओं-बहनों द्वारा दिए गए स्नेह, अपनत्व और भावपूर्ण सम्मान से अभिभूत हूँ।
सेवा, त्याग और सदाचार के गुणों के साथ भगवान महेश के वंशजों ने देशभर में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। व्यापार, उद्योग, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में समाज का योगदान प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। अपनी कर्मठता, ईमानदारी और दूरदृष्टि के बल पर समाज के लोगों ने न केवल आर्थिक समृद्धि हासिल की, बल्कि सामाजिक मूल्यों को भी सशक्त किया है।
हल्द्वानी को उत्तराखंड के प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में माहेश्वरी समाज के बंधुओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ के व्यापारिक विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक समरसता में समाज का योगदान स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
समाज बंधुओं से संवाद के दौरान साझा किया कि आज के समय में परंपराओं के साथ आधुनिकता का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए नवाचार, शिक्षा और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि समाज और देश दोनों की प्रगति सुनिश्चित हो सके।
3 days ago | [YT] | 94
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Om Birla
देवभूमि उत्तराखंड प्रवास के दौरान हिमालय की सुरम्य पर्वत श्रेणियों में स्थित दिव्य कैंची धाम में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
पूज्य बाबा श्री नीब करौरी महाराज के इस पावन धाम में एक अद्भुत शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतुलन का अनुभव होता है। यहाँ की साधना-भूमि, वातावरण की पवित्रता और भक्ति का स्पंदन मन को भीतर तक छू जाता है।
बालाजी महाराज से मेरी प्रार्थना है कि सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और सुख का संचार हो तथा हम सभी को सकारात्मकता, सेवा और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करें।
4 days ago | [YT] | 115
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Om Birla
नैनीताल, उत्तराखंड में वन पंचायत, पंचायती राज तथा शहरी निकायों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद सुखद अनुभूति रही।
वन, गाँव और शहरी स्तर पर स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की सबसे बुनियादी इकाई है। इन इकाईयों के प्रतिनिधि जब आपस में विचार-विमर्श करते हैं, तो कई महत्वपूर्ण विषयों का समाधान यहां से निकलता है। प्रकृति और विकास के बीच कैसे समन्वय बनाकर रखा जा सकता है, ऐसे कॉन्सेप्ट यहां से विकसित होते हैं।
इस संवाद में मेरा अनुभव रहा कि उत्तराखंड में वन पंचायतें जनभागीदारी का उत्कृष्ट मॉडल हैं। यहॉं के लोग सहभागिता से जल, जंगल, जमीन व प्रकृति के संरक्षण का कार्य कर कर रहे हैं, तथा जनभागीदारी से वन क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता का विकास हो रहा है। इस पूरी संरचना में महिलाओं की सक्रियता और अच्छी संख्या देखकर विशेष प्रसन्नता हुई।
देवभूमि में स्थानीय स्तर पर वन और ग्राम पंचायतें जिस तरह 'ग्राम स्वराज' को साकार कर रही हैं, उसी तरह यहां नगर निकाय भी शहरी विकास को नई गति और दिशा दे रहे हैं। पिछले वर्ष 'नगर निकायों के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन' में भी हमने विमर्श किया था कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हमारे नगर निकाय 'Vikasit Bharat 2047' के सपने को पूरा करने में किस प्रकार अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
निश्चय ही भारत में लोकतंत्र शासन पद्धति होने के साथ ही हमारे जीवन का संस्कार भी है। स्थानीय स्वशासन की इन इकाईयों ने इस भावना को ना सिर्फ़ बनाए रखा है, बल्कि इसे और सशक्त किया है।
5 days ago | [YT] | 112
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Om Birla
दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में आज Annual Day समारोह के अवसर पर विद्यार्थियों के साथ सार्थक संवाद हुआ।
भारत आज युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और नवाचार शक्ति के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। ऐसे में प्रत्येक युवा की भूमिका केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।
आने वाले वर्षों में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही साकार होगा। यह समय है बड़े सपने देखने, नवाचार को अपनाने और देश को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का।
राजनीति से दूर रहकर देश का भला संभव नहीं; अच्छे और श्रेष्ठ लोगों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में आना होगा, ताकि वे जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय योगदान दे सकें।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस संस्थान से निकलने वाली प्रतिभाएँ अपने संस्कारों, मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा के साथ न केवल अपने जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगी, बल्कि देश को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
1 week ago | [YT] | 117
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Om Birla
दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड में आज विद्यार्थियों के साथ संवाद का अवसर मिला।
शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के समग्र विकास और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की सतत प्रक्रिया है।
आज के परिवर्तित दौर में युवाओं के लिए नवाचार, मौलिक सोच और तकनीक के साथ आगे बढ़ना अनिवार्य है। ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था एक नई दिशा प्राप्त कर रही है, जो छात्रों की जिज्ञासा, प्रतिभा और कौशल को निखारने पर बल देती है।
इस अवसर पर विद्यालय में AI लैब का उद्घाटन भी किया, जो विद्यार्थियों को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में उनकी रचनात्मक सोच को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।
मेरा विद्यार्थियों से आग्रह है कि वे अनुशासन, परिश्रम और सेवा की भावना को अपने जीवन का आधार बनाएं, असफलताओं से सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ते रहें और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
1 week ago | [YT] | 126
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Om Birla
Pleased to meet the delegation of the France–India Parliamentary Friendship Group at the Parliament House and engage with the distinguished members on strengthening bilateral ties and parliamentary cooperation.
Our discussions highlighted the strength of the India–France special global strategic partnership and the importance of shared democratic values.
Deliberations also covered enhancing cooperation across sectors under the Horizon 2047 Roadmap, along with opportunities for technological collaboration.
Parliamentary exchanges remain a key pillar of cooperation enabling mutual learning and strengthening democratic institutions.
Committed to further deepening our parliamentary exchanges and strengthening people-to-people connections.
2 weeks ago | [YT] | 139
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Om Birla
भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
बाबासाहेब का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समानता और मानव गरिमा के आदर्शों को स्थापित करने के लिए समर्पित रहा। भारत के संविधान के माध्यम से उन्होंने न केवल राजनीतिक लोकतंत्र को सशक्त किया, बल्कि देश में सामाजिक लोकतंत्र का भी मजबूत आधार तैयार किया।
उनका मानना था कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय और अवसर की समानता नहीं मिलेगी, तब तक राष्ट्र का वास्तविक विकास संभव नहीं है।
'सामाजिक न्याय से राष्ट्रीय विकास : डॉ.अम्बेडकर के सिद्धांतों पर आधारित विकसित भारत 2047' विषय पर आयोजित इस परिचर्चा से यह स्पष्ट है कि बाबासाहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता के समय थे।
आज आवश्यकता है कि हम उनके सिद्धांतों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार, नीतियों और कार्यों में उतारें।
2 weeks ago | [YT] | 148
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