किसी के त्यौहार में रंग भरने की कोशिश लगातार जारी है। कल केंद्र में बच्चे थे तो आज दादी काकी और कुछ असहाय लोग। चाहता हूं कि हर कोई त्यौहार मनाएं रोटियां बनाए और खाएं। उत्सव सबको अच्छा लगता है। गरीब हो या अमीर हर किसी को उत्सव का हक है। लगातार 3 दिन हो गए हैं मैं लोगों से मिलने की कोशिश कर रहा हूं। पहले दिन सुनी बाई दुकान में मिली तो सीधे दुकान से ही समान दिलवा दिया। बिरसो काकी को स्कूल बुलाया और साड़ी के साथ अन्य सामग्री दी। कुछ के लिए बच्चों के हाथों भिजवाए। आज शुक्वारोऔर बूंद कुंवर स्कूल आई। दोनों को भी सामग्री प्रदान की। बूंद कुंवर ने जंगल में बकरी चराने की बात कह चप्पल मांगी। उन्हें तुरंत की नए चप्पल दिए। सबको सामग्री देते हुए एक ही बात जरूर कहीं। घर में जैसा भी चल रहा हो, अलग रहते हो, छोटी छोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो। लेकिन त्यौहार में रोटी साथ मिलकर खाए। क्योंकि मुझे इस बात का एहसाह है कि परिवार का बिखरना क्या होता है। गलतफहमी में मनमुटाव होती और फिर दरारें बढ़ती चली जाती हैं और फिर बातचीत बंद और सब कुछ खत्म। खैर उत्सव का माहौल है और यह हर किसी का हक है। बस ऐसे ही खुश हूं।
दो दिन बाद अनंत चतुर्दशी का त्यौहार है। स्थानीय लोग इसे आनंद चौदस कहते हैं। जंगल गांवों में यह सबसे प्रमुख त्यौहार है। इस दिन सभी घरों में रोटी, भजिया, पूड़ी या अन्य पकवान बनते हैं। इस दिन हर घर में उत्सव सा माहौल होता है। इस उत्सव के अवसर पर कुछ अधूरा सा था। मेरे पास दो छोटी छोटी कहानियां हैं। दीप्ति कक्षा 2 में पढ़ती है। उसके मम्मी पापा कुछ बच्चों को लेकर कमाने खाने दिल्ली गए हैं। दीप्ति अपनी बूढ़ी दादी के साथ घर में रहकर पढ़ाई करती है। पता नहीं उसके मम्मी पापा कब लौटेंगे। त्यौहार तो अपने ही समय पर आता है। दूसरी ओर अन्नू और उसका छोटा भाई है। अन्नू कक्षा 4 में और उसका छोटा भाई आंगनबाड़ी में है। छोटा भाई महज 4 साल का है। इनकी मां 6 माह पहले इन्हें छोड़ मायके चली गई और फिर कभी नहीं लौटी। अब अन्नू की पढ़ाई अनियमित है। वह मां की भूमिका में भी है। जब देखा कि वह अपने भाई की देखभाल में व्यस्त है। तो उसे अपने साथ भाई को भी स्कूल लाने कहा। अब भाई भी आता है, साथ बैठता है, बीच बीच में चॉकलेट देकर उसे घर का अहसास कराते रहते है। अब वह पूरे समय स्कूल में रहता है, खेलता कूदता है। मैं चाहता था ये तीनों बच्चे भी त्यौहार मनाएं, रोटी बनाए और खाएं। इसलिए इन्हें आटा, बेसन, गुड़ और तेल दिए गए हैं। दीप्ति अपनी दादी से रोटी बनवाएगी तो अन्नू के लिए उसकी भाभी को कह रखा है। मुझे यह भी पता है कि दी गई चीजें पर्याप्त नहीं है। पर यह एक कोशिश है कि कुछ नहीं से बेहतर कुछ तो सही। इसको लेकर मेरी आलोचनाएं भी होंगी लेकिन भावना एक है और सबका सम्मान है। इन बच्चों की खुशियों में ही मेरी खुशी है। खूब मजे करो बच्चों। त्यौहार तुम लोगों के लिए आती हैं। #inspiration#actofkindness#motivation#HumanityFirst#InspiringStories
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) इस माह इस बार इस मुहीम से लाभान्वित हुए है प्राथमिक शाला अजगरबहार के कक्षा 1 और 2 के बच्चे। प्रिंसिपल मैम के कहे अनुसार प्रत्येक बच्चे को 3-3 कॉपियां मिली। इंग्लिश के लिए 4 लाइन, गणित के लिए डिब्बा और हिंदी के लिए नॉर्मल कॉपी। इस तरह अलग कॉपियां खरीदने मुझे अलग से समय निकलना पड़ा। कुल 17 बच्चों में 51 कॉपियों का वितरण किया गया। अब बच्चे इनमें अच्छे लेखन का आनंद ले सकेंगे। बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। जल्दी ही हम पहाड़ी कोरवा बच्चो से मिलने जाएंगे। उन्हें कॉपियां देंगे। कुछ स्लेट भी दिया जा सकता है। जल्दी आता हूं बच्चों। हमारे टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद।
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) हाईस्कूल सतरेंगा के 5 बच्चियों के लिए जूते खरीदे गए। बहुत कम मौके ऐसे आते हैं जब बच्चे स्वयं कॉल करके अपनी जरूरतें बताते हैं। अदिति और उनकी सहेलियों ने करीब 2 महीने पहले कॉल करके जूते की मांग की थी। बारिश के कारण तब संभव नहीं हो पाया। अब जब बारिश रुकी तो एक चैनल बना। दुकान से जूते किरण मैम से होते हुए सविता मैम तक पहुंची और स्टाफ ने मिलकर बच्चों को जूते वितरित किए। बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अब बारी अजगरबहार के नन्हें मुन्नों की है। जल्दी आता हूं बच्चों। हमारे टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद।
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) हमारी मुहीम पहुंच चुकी है छत्तीसगढ़ के एक और जिले दुर्ग में। पिछले माह सुनील बंछोर सर दुर्ग से हमारे साथ जुड़े हैं। उन्होंने दुर्ग जिले के जरूरतमंद बच्चों तक कॉपी पहुंचाने कहा था। उन्होंने ही प्राथमिक विद्यालय पथर्रा (ब्लॉक धमधा) का चयन किया। इस विद्यालय के 22 बच्चों को कॉपियां पेन पेंसिल आदि का वितरण बंछोर सर के माध्यम से किया गया। बंछोर सर और हमारे टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। इसी माह से राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका वसुंधरा कुर्रे मैम भी हमारे साथ है। मैम जी का वॉर्म वेलकम है।
हमारी इस छोटी से मुहीम को 2 वर्ष पूरे हो गए। 2 वर्षों में 20 से अधिक आदरणीय जुड़कर सहयोग कर रहे हैं। पहले तो केवल संकुल और आसपास के स्कूल होते थे। अब पूरे छत्तीसगढ़ में बच्चों की मदद करते हैं। जहां जहां से शिक्षकों की मांग आती है वहां के बच्चों तक मदद पहुंच जाती है। बच्चों को बैग, कॉपी किताबें, यूनिफॉर्म, जूते मोजे और स्कूल फीस भरने का काम इस मुहीम के तहत होता है। अब तक 45 स्कूल या छात्र समूह के 1254 बच्चों की मदद की जा चुकी है और मित्रो के सहयोग से यह सिलसिला अनवरत जारी है। हमें केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं राजस्थान और दिल्ली से भी मदद मिलती है। इससे प्रेरित होकर रसीदा मैम (पोड़ी उपरोड़ा) अपने बच्चों के लिए हर माह 1% लगाती हैं तो महाराष्ट्र के सर अपने क्षेत्र में लगाते हैं। और भी साथी हैं जो अपने स्तर पर पर प्रयास करते रहते हैं उन सबका प्रयास काबिलेतारीफ है। हमारी यह मुहीम डाइट कोरबा से निकल पत्रकार भाई तक पहुंची और फिर हमारे लिए एक उत्साहवर्धन का साधन बन गई। डाइट परिवार, सुरेश भैया और नई दुनिया का आभार और धन्यवाद। मेरे साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रहे मेरे तमाम साथियों का भी आभार। दूर दराज के पिछड़े बच्चों के लिए हमसे किसी तरह की सहयोग की आवश्यकता होगी तो हमें जरूर बताएं। हम पूरी कोशिश करेंगे बच्चों की मदद करने की। आभार...आभार...आभार...🙏🤝🙏
23 अगस्त को तनिषा का जन्मदिन था। इस खुशी के अवसर पर रोहित (तनिषा के पापा) ने अपने बच्चों को स्टेशनरी वितरण करने सहयोग किया था। बारिश और व्यस्तता के कारण समय आगे बढ़ता गया। मैंने इस सहयोग से अपने नहीं वरन छातासरई के पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए कॉपियां, पेंसिल और वेक्स कलर खरीदा। कल स्कूल के शिक्षक के माध्यम से सभी चीजें वितरित हो गई। कक्षानुसार सबको पर्याप्त कॉपियां मिली। थैंक यू रोहित और तनिषा को प्यार। आप भी विभिन्न खुशियों के अवसर पर ऐसे जनजातीय बच्चों को शामिल कर सकते हैं। इन्हें बैग, कॉपियां, कपड़े, जूते मोजे या अन्य सामग्री वितरित कर सकते हैं। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना बेहद जरूरी है। हम आगे और भी बच्चों की मदद करेंगे। ❤️👌🙏👍😊🤝🤗
अब तक 25 जी हां यह डेटा केवल इस वर्ष का है। ऐसे तो हमारे कॉरिडोर में 200 से ऊपर पौधे हैं। इस वर्ष इसमें 25 और जुड़ गए और यह संख्या लगातार बढ़ रहा है। आज हमारे कब बुलबुल ने बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच जामुन और कदम के दो पौधे लगाए। पौधे लगाने के साथ ही उसे ट्री गार्ड से सुरक्षित भी किया। रविशंकर गुप्ता सर से मिले ट्री गार्ड हमारे लिए वरदान से कम नहीं। थैंक यू गुप्ता सर और गुड जॉब बच्चा पार्टी।। ❤️💐😊🙏💪👍🤝👌🌳
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) मंझवार जनजाति से आने वाले दो भाई बहन अनुराग और प्रियंका क्रमशः 6वी और नवमी में अध्ययन करते हैं। अनुराग को शुरुआत में ही कॉपियों का सेट दिया जा चुका था। इस बार उसने अपने लिए गाईड के साथ ही दीदी के लिए कॉपी और गाईड की मांग की। कल ही दोनों बच्चों को उनकी जरूरत की चीजें पहुंच गई। धीरे धीरे करके हम सभी बच्चों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश करेंगे।
कब बुलबुल के साथ साथ माताओं और पालकों ने मिलकर 4 जामुन और आम के पौधे लगाए। पौधरोपण का यह सिलसिला अनवरत जारी है। जब तक बारिश का मौसम है इसी तरह पौधे लगते रहेंगे।। 🌳🙏❤️💪👌😊🤝👍
Shrikant Vlog
#अपना_आनंद_चौदस
किसी के त्यौहार में रंग भरने की कोशिश लगातार जारी है। कल केंद्र में बच्चे थे तो आज दादी काकी और कुछ असहाय लोग। चाहता हूं कि हर कोई त्यौहार मनाएं रोटियां बनाए और खाएं। उत्सव सबको अच्छा लगता है। गरीब हो या अमीर हर किसी को उत्सव का हक है।
लगातार 3 दिन हो गए हैं मैं लोगों से मिलने की कोशिश कर रहा हूं। पहले दिन सुनी बाई दुकान में मिली तो सीधे दुकान से ही समान दिलवा दिया। बिरसो काकी को स्कूल बुलाया और साड़ी के साथ अन्य सामग्री दी। कुछ के लिए बच्चों के हाथों भिजवाए। आज शुक्वारोऔर बूंद कुंवर स्कूल आई। दोनों को भी सामग्री प्रदान की। बूंद कुंवर ने जंगल में बकरी चराने की बात कह चप्पल मांगी। उन्हें तुरंत की नए चप्पल दिए।
सबको सामग्री देते हुए एक ही बात जरूर कहीं। घर में जैसा भी चल रहा हो, अलग रहते हो, छोटी छोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो। लेकिन त्यौहार में रोटी साथ मिलकर खाए। क्योंकि मुझे इस बात का एहसाह है कि परिवार का बिखरना क्या होता है। गलतफहमी में मनमुटाव होती और फिर दरारें बढ़ती चली जाती हैं और फिर बातचीत बंद और सब कुछ खत्म।
खैर उत्सव का माहौल है और यह हर किसी का हक है। बस ऐसे ही खुश हूं।
श्रीकांत
9926848192
1 day ago | [YT] | 11
View 0 replies
Shrikant Vlog
#त्यौहार_के_रंग_बच्चों_के_संग
दो दिन बाद अनंत चतुर्दशी का त्यौहार है। स्थानीय लोग इसे आनंद चौदस कहते हैं। जंगल गांवों में यह सबसे प्रमुख त्यौहार है। इस दिन सभी घरों में रोटी, भजिया, पूड़ी या अन्य पकवान बनते हैं। इस दिन हर घर में उत्सव सा माहौल होता है। इस उत्सव के अवसर पर कुछ अधूरा सा था। मेरे पास दो छोटी छोटी कहानियां हैं।
दीप्ति कक्षा 2 में पढ़ती है। उसके मम्मी पापा कुछ बच्चों को लेकर कमाने खाने दिल्ली गए हैं। दीप्ति अपनी बूढ़ी दादी के साथ घर में रहकर पढ़ाई करती है। पता नहीं उसके मम्मी पापा कब लौटेंगे। त्यौहार तो अपने ही समय पर आता है।
दूसरी ओर अन्नू और उसका छोटा भाई है। अन्नू कक्षा 4 में और उसका छोटा भाई आंगनबाड़ी में है। छोटा भाई महज 4 साल का है। इनकी मां 6 माह पहले इन्हें छोड़ मायके चली गई और फिर कभी नहीं लौटी। अब अन्नू की पढ़ाई अनियमित है। वह मां की भूमिका में भी है। जब देखा कि वह अपने भाई की देखभाल में व्यस्त है। तो उसे अपने साथ भाई को भी स्कूल लाने कहा। अब भाई भी आता है, साथ बैठता है, बीच बीच में चॉकलेट देकर उसे घर का अहसास कराते रहते है। अब वह पूरे समय स्कूल में रहता है, खेलता कूदता है।
मैं चाहता था ये तीनों बच्चे भी त्यौहार मनाएं, रोटी बनाए और खाएं। इसलिए इन्हें आटा, बेसन, गुड़ और तेल दिए गए हैं। दीप्ति अपनी दादी से रोटी बनवाएगी तो अन्नू के लिए उसकी भाभी को कह रखा है। मुझे यह भी पता है कि दी गई चीजें पर्याप्त नहीं है। पर यह एक कोशिश है कि कुछ नहीं से बेहतर कुछ तो सही। इसको लेकर मेरी आलोचनाएं भी होंगी लेकिन भावना एक है और सबका सम्मान है।
इन बच्चों की खुशियों में ही मेरी खुशी है। खूब मजे करो बच्चों। त्यौहार तुम लोगों के लिए आती हैं।
#inspiration #actofkindness #motivation #HumanityFirst #InspiringStories
श्रीकांत
9926848192
2 days ago | [YT] | 21
View 1 reply
Shrikant Vlog
वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
इस माह इस बार इस मुहीम से लाभान्वित हुए है प्राथमिक शाला अजगरबहार के कक्षा 1 और 2 के बच्चे। प्रिंसिपल मैम के कहे अनुसार प्रत्येक बच्चे को 3-3 कॉपियां मिली। इंग्लिश के लिए 4 लाइन, गणित के लिए डिब्बा और हिंदी के लिए नॉर्मल कॉपी। इस तरह अलग कॉपियां खरीदने मुझे अलग से समय निकलना पड़ा। कुल 17 बच्चों में 51 कॉपियों का वितरण किया गया। अब बच्चे इनमें अच्छे लेखन का आनंद ले सकेंगे।
बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। जल्दी ही हम पहाड़ी कोरवा बच्चो से मिलने जाएंगे। उन्हें कॉपियां देंगे। कुछ स्लेट भी दिया जा सकता है। जल्दी आता हूं बच्चों। हमारे टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद।
श्रीकांत
9926848192
1% salary initiative 📍
1 week ago | [YT] | 16
View 0 replies
Shrikant Vlog
वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
हाईस्कूल सतरेंगा के 5 बच्चियों के लिए जूते खरीदे गए। बहुत कम मौके ऐसे आते हैं जब बच्चे स्वयं कॉल करके अपनी जरूरतें बताते हैं। अदिति और उनकी सहेलियों ने करीब 2 महीने पहले कॉल करके जूते की मांग की थी। बारिश के कारण तब संभव नहीं हो पाया। अब जब बारिश रुकी तो एक चैनल बना। दुकान से जूते किरण मैम से होते हुए सविता मैम तक पहुंची और स्टाफ ने मिलकर बच्चों को जूते वितरित किए।
बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अब बारी अजगरबहार के नन्हें मुन्नों की है। जल्दी आता हूं बच्चों। हमारे टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद।
श्रीकांत
9926848192
1% salary initiative 📍
1 week ago | [YT] | 23
View 1 reply
Shrikant Vlog
वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
हमारी मुहीम पहुंच चुकी है छत्तीसगढ़ के एक और जिले दुर्ग में। पिछले माह सुनील बंछोर सर दुर्ग से हमारे साथ जुड़े हैं। उन्होंने दुर्ग जिले के जरूरतमंद बच्चों तक कॉपी पहुंचाने कहा था। उन्होंने ही प्राथमिक विद्यालय पथर्रा (ब्लॉक धमधा) का चयन किया। इस विद्यालय के 22 बच्चों को कॉपियां पेन पेंसिल आदि का वितरण बंछोर सर के माध्यम से किया गया।
बंछोर सर और हमारे टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। इसी माह से राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका वसुंधरा कुर्रे मैम भी हमारे साथ है। मैम जी का वॉर्म वेलकम है।
श्रीकांत
9926848192
1% salary initiative 📍
2 weeks ago | [YT] | 9
View 0 replies
Shrikant Vlog
हमारी इस छोटी से मुहीम को 2 वर्ष पूरे हो गए। 2 वर्षों में 20 से अधिक आदरणीय जुड़कर सहयोग कर रहे हैं। पहले तो केवल संकुल और आसपास के स्कूल होते थे। अब पूरे छत्तीसगढ़ में बच्चों की मदद करते हैं। जहां जहां से शिक्षकों की मांग आती है वहां के बच्चों तक मदद पहुंच जाती है। बच्चों को बैग, कॉपी किताबें, यूनिफॉर्म, जूते मोजे और स्कूल फीस भरने का काम इस मुहीम के तहत होता है। अब तक 45 स्कूल या छात्र समूह के 1254 बच्चों की मदद की जा चुकी है और मित्रो के सहयोग से यह सिलसिला अनवरत जारी है। हमें केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं राजस्थान और दिल्ली से भी मदद मिलती है। इससे प्रेरित होकर रसीदा मैम (पोड़ी उपरोड़ा) अपने बच्चों के लिए हर माह 1% लगाती हैं तो महाराष्ट्र के सर अपने क्षेत्र में लगाते हैं। और भी साथी हैं जो अपने स्तर पर पर प्रयास करते रहते हैं उन सबका प्रयास काबिलेतारीफ है। हमारी यह मुहीम डाइट कोरबा से निकल पत्रकार भाई तक पहुंची और फिर हमारे लिए एक उत्साहवर्धन का साधन बन गई। डाइट परिवार, सुरेश भैया और नई दुनिया का आभार और धन्यवाद। मेरे साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रहे मेरे तमाम साथियों का भी आभार।
दूर दराज के पिछड़े बच्चों के लिए हमसे किसी तरह की सहयोग की आवश्यकता होगी तो हमें जरूर बताएं। हम पूरी कोशिश करेंगे बच्चों की मदद करने की।
आभार...आभार...आभार...🙏🤝🙏
श्रीकांत
9926848192
2 weeks ago | [YT] | 16
View 0 replies
Shrikant Vlog
हर उत्सव बच्चों के संग
23 अगस्त को तनिषा का जन्मदिन था। इस खुशी के अवसर पर रोहित (तनिषा के पापा) ने अपने बच्चों को स्टेशनरी वितरण करने सहयोग किया था। बारिश और व्यस्तता के कारण समय आगे बढ़ता गया। मैंने इस सहयोग से अपने नहीं वरन छातासरई के पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए कॉपियां, पेंसिल और वेक्स कलर खरीदा। कल स्कूल के शिक्षक के माध्यम से सभी चीजें वितरित हो गई। कक्षानुसार सबको पर्याप्त कॉपियां मिली। थैंक यू रोहित और तनिषा को प्यार।
आप भी विभिन्न खुशियों के अवसर पर ऐसे जनजातीय बच्चों को शामिल कर सकते हैं। इन्हें बैग, कॉपियां, कपड़े, जूते मोजे या अन्य सामग्री वितरित कर सकते हैं। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना बेहद जरूरी है। हम आगे और भी बच्चों की मदद करेंगे।
❤️👌🙏👍😊🤝🤗
3 weeks ago | [YT] | 16
View 0 replies
Shrikant Vlog
अब तक 25 जी हां यह डेटा केवल इस वर्ष का है। ऐसे तो हमारे कॉरिडोर में 200 से ऊपर पौधे हैं। इस वर्ष इसमें 25 और जुड़ गए और यह संख्या लगातार बढ़ रहा है। आज हमारे कब बुलबुल ने बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच जामुन और कदम के दो पौधे लगाए। पौधे लगाने के साथ ही उसे ट्री गार्ड से सुरक्षित भी किया। रविशंकर गुप्ता सर से मिले ट्री गार्ड हमारे लिए वरदान से कम नहीं। थैंक यू गुप्ता सर और गुड जॉब बच्चा पार्टी।।
❤️💐😊🙏💪👍🤝👌🌳
श्रीकांत
9926848192
3 weeks ago | [YT] | 16
View 0 replies
Shrikant Vlog
वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
मंझवार जनजाति से आने वाले दो भाई बहन अनुराग और प्रियंका क्रमशः 6वी और नवमी में अध्ययन करते हैं। अनुराग को शुरुआत में ही कॉपियों का सेट दिया जा चुका था। इस बार उसने अपने लिए गाईड के साथ ही दीदी के लिए कॉपी और गाईड की मांग की। कल ही दोनों बच्चों को उनकी जरूरत की चीजें पहुंच गई। धीरे धीरे करके हम सभी बच्चों की जरूरतें पूरी करने की कोशिश करेंगे।
श्रीकांत
9926848192
4 weeks ago | [YT] | 20
View 0 replies
Shrikant Vlog
कब बुलबुल के साथ साथ माताओं और पालकों ने मिलकर 4 जामुन और आम के पौधे लगाए। पौधरोपण का यह सिलसिला अनवरत जारी है। जब तक बारिश का मौसम है इसी तरह पौधे लगते रहेंगे।।
🌳🙏❤️💪👌😊🤝👍
1 month ago | [YT] | 14
View 0 replies
Load more