Jay poghe motivational speaker

“बड़ा सोचने के लिए बड़ा उम्र होना ज़रूरी नहीं है; छोटी उम्र में भी बड़ा सोचना संभव है, लेकिन बड़ा साहस होना ज़रूरी है।”

जिसका जीता-जागता उदाहरण हैं जय पोघे।
जय पोघे ने अपनी यात्रा वर्ष 2017 में शुरू की, जब वे केवल 8 वर्ष के थे। इतनी छोटी उम्र में एक छोटा लड़का सामान्यतः खेल-कूद, दोस्तों के साथ मस्ती और मौज-मस्ती के बारे में सोचता है।

लेकिन जय पोघे ने अलग सोचा।
आठ साल की उम्र में उन्होंने कुछ ऊँचा और अलग करने का संकल्प लिया — एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनना और लाखों लोगों को प्रेरित कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना।

और इसी लक्ष्य के साथ, जय पोघे ने 2017 में सबसे कम उम्र के प्रेरक वक्ता बनने की दिशा में अपना पहला कदम रखा और आज़ तक ये सफ़र जारी है।

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