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राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय राष्ट्र निर्माण का पूर्ण दर्शन:भजनलाल शर्मा
शिक्षक राष्ट्र निर्माता ,उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता


बांसवाड़ा। आज राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन के समारोप सत्र का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मुख्यआतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती, मां भारती के चित्रों पर माल्यार्पण , दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में श्रद्धेय महंत अच्युतानंद जी महाराज के आशीर्वचन प्राप्त हुए। बाबूलाल खराड़ी जनजातीय मंत्री , एवं महेंद्र कपूर राष्ट्रीय संगठन मंत्री अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री नारायण लाल गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ रहे।
अतिथि स्वागत के पश्चात बेणेश्वर धाम के महंत अच्युतानंद जी महाराज ने उपस्थित सभी शिक्षकोंकोआशीर्वचन देते मावजी महाराज द्वारा 300 वर्ष पूर्व की गई भविष्यवाणियों के सार्थक होने को बताते हुए कहा कि कलयुग में बेणेश्वर धाम में कल्कि अवतार निष्कलंक भगवान के रूप में अवतरित होंगे और पूरे विश्व का मार्गदर्शन करेंगे इस अवसर पर महंत जी द्वारा आगामी 3 जनवरी 2026 पौष पूर्णिमा को बेणेश्वर धाम में आयोजित होने वाली विशाल पदयात्रा में पधारने हेतु माननीय मुख्यमंत्री एवं सभी शिक्षकों को आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने वागड़ के सभी देवी देवताओं का जयकारा लगाते हुए सभी शिक्षकों को नमन एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि मैं आशीर्वाद देने नहीं वरन आप सभी गुरुजनों से आशीर्वाद लेने आया हूं। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता एवं राष्ट्र के भाग्य विधाता है वे इस समाज में दीपक की तरह कार्य करते हुए उसे दिशा प्रदान करने वाले हैं।
इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है जो पियेगा वह दहाड़ेंगा।उन्होंने कहा कि गरीब व वंचितों को मुख्य धारा में लाना है तो वह शिक्षा से ही संभवहै। उन्होंने स्वामी विवेकानंद( नरेंद्र )से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाली 21वीं सदी भारत की होगी, इसमें शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि होने वाली है,सही समय यही समय है,आज समूचा विश्व अपनी सुरक्षा, विकास और आर्थिक सुदृढ़ता के लिए भारत की ओर देख रहा है। उन्होंने चाणक्य को उद्धृत करते हुए कहा कि प्रलय एवं निर्माण दोनों शिक्षकों की गोद में ही पलते हैं। उन्होंने शिक्षक संघ राष्ट्रीय के शिक्षकों को बहुत-बहुत बधाई देते हुए कहा कि वह स्वयं से पहले संगठन तथा संगठन से पहले राष्ट्र को सर्वोपरि रखकर कार्य करते हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारी सरकार ने 2 वर्षों में ही 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया है जो विगत सरकार में 5 वर्षों में भी पूर्ण नहीं हो पाए थे।उन्होंने बताया कि युवाओं को 92000 नियुक्तियां प्रदान की गई एवं 20000 प्रक्रिया में है, एक भी पेपर लीक नही हुआ, 86000 टैबलेट का विद्यार्थियों में वितरण एवं 10 लाख साइकिलों का वितरण, 586 स्कूटी वितरण,65000 स्कूलों को मरम्मत राशि,राजस्थान कोचिंग सेंटर बिल, सभी पंचायत मुख्यालयों पर अटल लाइब्रेरी की स्थापना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य शिक्षा के क्षेत्र में हुए हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में नारायण लाल गुप्ता ने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर अब तक शिक्षक संघ की भूमिका एक आंदोलनरत कर्मचारी संघ के रूप में रही जिससे समाज में शिक्षकों की भूमिका व सम्मान में गिरावट आई है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र के पुनर्निर्माण का लक्ष्य लेकर महासंघ द्वारा राजस्थान में 360000 से अधिक शिक्षकों को जोड़कर समान विद्यालयों को तीर्थ के समान और अपना स्वाभिमान बनाने हेतु कार्यक्रम चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने के लिए, एवं युवा शक्ति को दिशा प्रदान करने के लिए शिक्षकों को महत्ती भूमिका निभानी पड़ेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में पहली बार कोई मुख्यमंत्री शिक्षक संघ सम्मेलन में पधारे हैं इसके लिए उन्होंने उनका आभार अभिनंदन व्यक्त किया ।उन्होंने बताया कि राज्य के 69000 विद्यालयों में 2,70,175 सदस्यों के साथ राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय सबसे बड़ा संगठन है जो राष्ट्र प्रथम को लेकर कार्य कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने सभी संवर्गों के स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध हटाने, सभी पदोन्नतियां एक अप्रैल 2026 से पूर्ण करने, TSP से नॉन टीएसपी क्षेत्र में स्थानांतरण करने, राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय को मान्यता प्रदान करने, गैर शैक्षणिक से मुक्त करने, शिक्षक कल्याण बोर्ड की स्थापना करने, संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण एवं ग्रामीण भत्ता देने की मांगों को प्रमुखता से रखा ।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, संगठन के संरक्षक प्रहलाद शर्मा, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के क्षेत्र प्रमुख उमराव लाल वर्मा, बजरंग प्रसाद ममेजी,सभा अध्यक्ष संपत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, प्रदेश अतिरिक्त मंत्री बसंत जिंदल, कार्यक्रम संयोजक ऋषिन चौबीसा, प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, प्रदेश महिला उपाध्यक्ष सुषमा बिश्नोई, प्रदेश महिला मंत्री गीता जैलिया, उपाध्यक्ष कैलाश सुथार उपाध्यक्ष बांसवाड़ा संभाग देवी लाल पाटीदार, दिलीप पाठक, आशीष उपाध्याय , शंकरलाल कटारा, देवीलाल निनामा, जयदीप पाटीदार, बलवंत बामणिया, रमेशचन्द्र पाटीदार, अनिल भट्ट, मीना टेलर, सुनीता शुक्ला सहित हजारों की संख्या में शिक्षक कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम का संचालन राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने किया एवं राजस्थान शिक्षक संघ बांसवाड़ा के अध्यक्ष दिनेश मईडा ने पधारे सभी अतिथियों, व्यवस्था में लगे एवं सहयोग करने वाले कार्यकर्ता बंधु, पधारे शिक्षकों का आभार व्यक्त किया एवं राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस कार्यक्रम से पूर्व प्रदेश सम्मेलन में दूसरे दिन प्रातः 9 से 11 बजे तक खुला एवं शैक्षिक सत्र आयोजित हुआ जिसमें चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए एवं शिक्षा नीति एवं शिक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में शिक्षकों की प्रभावी भूमिका पर चर्चा की गई।
प्रथम प्रस्ताव प्रदेश महिला उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा विश्नोई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शीघ्र एवं प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बन्ध मे रखा जिसका प्रदेश महिला मंत्री श्रीमती गीता जैलिया ने समर्थन किया।
द्वितीय प्रस्ताव प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ ने हमारी शिक्षा व्यवस्था एवं उसमें शिक्षकों की प्रभावी भूमिका का रखा जिसका वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री रवि आचार्य ने किया।
तृतीय प्रस्ताव प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री श्री बसंत जिंदल ने शिक्षा एवं शिक्षकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का रखा, जिसका समर्थन प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री कैलाश कच्छावा ने किया।
चतुर्थ प्रस्ताव प्रदेश महामंत्री श्री महेंद्र जी लखारा ने संगठन के नाम परिवर्तन का रखा, जिसके अनुसार अब संगठन का नाम अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) होगा,जिसका समर्थन प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र पुष्करणा ने किया।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री नारायण लाल जी गुप्ता ने नई शिक्षा नीति 2020 को अपनाने में शिक्षकों की भूमिका विषय पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति 2020 बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ साथ राष्ट्र व समाज के लिए भी जिम्मेदार बनाने का कार्य कर रही है। इसके माध्यम से बच्चों को 21 वी सदीं के तहत तैयार किया जाएगा। यह बच्चों की प्रतिभाओं और कौशल को निखारने, उनका सर्वांगीण विकास कर रचनात्मक रूप से मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षकों की मुख्य भूमिका है। NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम के भारत केंद्रित होने पर जोर दिया गया है। इसके तहत नया पाठ्यक्रम पाश्चात्य दृष्टिकोण से दूर भारतीय परिपेक्ष्य पर आधारित एवम् हमारी सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। इस नीति का उद्देश्य शिक्षा को छात्रों के लिए आनंददायक बनाना है, जिससे वे रटने की जगह रुचि लेकर समझने पर ध्यान केन्द्रित कर सके l
सत्र में संगठन के संरक्षक श्री प्रहलाद शर्मा ने संगठन की रीति नीति, उद्देश्यों का सांगोपांग परिचय कराते हुए कहा कि अपना संगठन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करने के साथ साथ विद्यार्थियों,समाज एवं वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपने कर्त्तव्यों का पालन करने में भी पीछे नहीं है।हमे अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता,आर्थिक एवम् चारित्रिक शुचिता रखते हुए अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।

3 weeks ago | [YT] | 17

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जिला परिषद बांसवाड़ा में बड़े प्रशासनिक फेरबदल — 12 कार्मिकों के पदस्थापन, 02 कार्मिक स्थायी; 07 आवेदन निरस्त


बांसवाड़ा, 09 दिसंबर 2025।
जिला परिषद कार्यालय में सोमवार को जिला प्रमुख श्रीमती रेशम मालवीय की अध्यक्षता में जिला स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2024–25 हेतु विभिन्न प्रशासनिक पदों पर महत्वपूर्ण पदस्थापन एवं नियुक्तियों पर निर्णय लिया गया।

बैठक में वरिष्ठ सहायक से सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर प्लेसमेंट के लिए प्राप्त कुल 05 आवेदनों का परीक्षण किया गया, जबकि कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक पद पर भी वर्ष 2023–24 की रिक्तियों के अनुसार आवश्यक प्लेसमेंट किए गए। इसके अतिरिक्त कनिष्ठ सहायक से वरिष्ठ सहायक पद पर, तथा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक अध्यापक भर्ती 2022 (लेवल-1) में चयनित कार्मिकों की वरिष्ठता के आधार पर पदस्थापना करते हुए आदेश जारी किए गए।

समीक्षा में 07 आवेदनों को निर्देशालय द्वारा आदेश निरस्त किए जाने के बाद अस्वीकार करते हुए नियुक्ति/पदस्थापन समाप्त करने का निर्णय भी लिया गया। वहीं, 02 कनिष्ठ सहायक कार्मिकों का दो वर्ष का परीवीक्षाकाल पूर्ण होने पर उन्हें स्थायीकरण का लाभ प्रदान किया गया।

बैठक में जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गोपाल लाल स्वर्णकार, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) श्री रामेश्वर बाबड़, लेखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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1 month ago | [YT] | 3

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राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष- 2 साल: नव उत्थान-नई पहचान, बढ़ता राजस्थान- हमारा राजस्थान —राजस्थान रोडवेज़ का काया कल्प: राज्य सरकार के सुशासन, दूरदर्शिता और जनसेवा की प्रतिबद्धता का परिचायक है रोडवेज —810 नई बसें और 352 अनुबंधित बसों ने बदली रोडवेज़ की तस्वीर

जयपुर, 9 दिसम्बर। परिवहन व्यवस्था किसी भी प्रदेश के आधारभूत ढांचे की आत्मा होती है जो वहाँ की प्रगति और जनजीवन की सुगमता का आधार होती है । यह केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने का माध्यम भर नहीं है बल्कि आर्थिक गतिविधियों की रीढ़, सामाजिक जुड़ाव का आधार और आमजन की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने वाला सबसे भरोसेमंद तंत्र होती है।

विशेषकर राजस्थान जैसे विशाल भूगोल वाले राज्य में जो क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ देश की कुल जनसंख्या का 5 प्रतिशत से अधिक लोग निवास करते हैं, वहाँ ऐसी विश्वसनीय और किफायती परिवहन सेवा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है क्योंकि स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों से लेकर नौकरीपेशा युवा, किसान, व्यापारी तथा सामान्य यात्री तक सभी के जीवन का एक बड़ा हिस्सा रोडवेज़ की सेवाओं से जुड़ा हुआ है।

पुनरुत्थान का नया अध्याय—

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि यदि रोडवेज़ को पूरी तरह आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना है तो इसके बेड़े का नवीनीकरण अनिवार्य है। यही कारण है कि वर्तमान सरकार के गठन के साथ ही लंबे समय से लगातार घाटे, पुरानी होती बसों और कम होती यात्रियों की संख्या जैसी चुनौतियों का सामना कर रही राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम लिमिटेड के रिवाइवल का कार्य शुरू किया गया ।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आमजन को किफायती और सुलभ परिवहन व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं। सबसे पहले संचालन व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए सुपरविजन को मजबूत किया गया। वर्षों से रोडवेज़ के घाटे का बड़ा कारण रही डीजल की छीजत पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया। इसके साथ ही रूट प्लानिंग, बस संचालन और संसाधनों के उपयोग को व्यवस्थित करते हुए यात्रियों की संख्या और बसों द्वारा प्रतिदिन तय किए जाने वाले औसत किलोमीटर में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। इन तमाम सुधारों ने रोडवेज़ के दैनिक संचालन को नई ऊर्जा और स्थिरता प्रदान की जिसने रोडवेज की वर्तमान नवीन तस्वीर सामने आई ।

इन समेकित प्रयासों का सबसे बड़ा परिणाम यह सामने आया कि संचालन घाटा, जो पहले लगभग एक हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष था, वह घटकर करीब तीन सौ करोड़ रुपये रह गया है। यह कमी राजस्थान रोडवेज़ के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में गिनी जा रही है और इसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों, सक्रिय नेतृत्व और सुधारवादी दृष्टिकोण का प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है।

810 नई बसें और 352 अनुबंधित बसें जिन्होंने बदली रोडवेज़ की तस्वीर—

यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध करवाने के लिए 810 नई बसों को खरीदा गया और 352 बसों को अनुबंध के आधार पर शामिल किया गया। नई बसों के जुड़ने से जहां जनता को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध यात्रा मिलने लगी, वहीं बढ़े हुए नेटवर्क और बेहतर सेवाओं ने रोडवेज़ की कमाई पर भी सकारात्मक प्रभाव डाला।

राज्य सरकार के द्वारा निरंतर लिए जा रहे लोककल्याणकारी निर्णय इस बात का परिचायक है कि लेकिन यह परिवर्तन केवल शुरुआत है। आने वाले समय में रोडवेज़ के बेड़े में 800 और नई बसें शामिल की जानी हैं। इससे न केवल प्रदेश के अधिक क्षेत्रों में बेहतर बस सुविधा उपलब्ध होगी बल्कि रोडवेज़ के तेजी से कम हो रहे घाटे को पूरी तरह समाप्त कर उसे लाभदायक इकाई बनाने का लक्ष्य भी पूरा होगा। सरकार की योजना है कि रोडवेज़ को आधुनिक तकनीक, सुरक्षित यात्रा और वित्तीय आत्मनिर्भरता के साथ ऐसे स्तर पर पहुंचाया जाए, जहां वह प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान जारी रख सके।

राजस्थान रोडवेज़ का यह काया कल्प राज्य में सुशासन, जवाबदेही और जन-केंद्रित नीतियों का उदाहरण बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक बार फिर नई दिशा और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है, और आने वाला समय इस बदलाव को और भी मजबूत किए जाने का संकेत देता है।
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1 month ago | [YT] | 4

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हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन कर की पूजा-अर्चना


बांसवाड़ा, 5 दिसंबर। हरियाणा प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय एवं नागरिक उड्डन कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल शुक्रवार को बांसवाड़ा दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
निर्धारित कार्यक्रम अनुसार श्री गोयल दोपहर 12.30 बजे उदयपुर से विमान द्वारा रवाना होकर दोपहर 1.00 बजे तलवाड़ा हवाई पट्टी पहुंचे तथा वहां से दोपहर 1.30 बजे मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शनार्थ पहुंचे जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की। माता की पूजा-अर्चना के पश्चात दोपहर 2.30 बजे वापस तलवाड़ा हवाई पट्टी आए तथा विमान द्वारा दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गये।
जिला कलक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल की बांसवाड़ा में प्रोटोकॉल, एस्कोर्ट एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने बांसवाड़ा तहसीलदार जसकिरण हुवोर को प्रोटोकॉल/लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त किया।

1 month ago | [YT] | 4

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"कोरोना के बाद जनता और सरकार दोनों ने आयुर्वेद को अंगीकार किया है - जिला प्रमुख

आज जिला मुख्यालय पर टीएडी सभागार में जिला स्तरीय दसवें आयुर्वेद दिवस एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपनिदेशक डाक्टर पीयूष जोशी ने बताया कि इस वर्ष विभाग में छः औषधालयों के नवीन भवन निर्माण के कार्य प्रगति पर है वहीं 30 आयुष्मान आरोग्यमंदिर (आयुष) के लिए भी विभिन्न जांचों के उपकरण, फर्नीचर एवं भवनों के सिविल ब्रांडिंग का काम रूडसिको के माध्यम से करवाया जा रहा है, इस वित्तीय वर्ष में माह जून में 1.40 करोड़ की औषधियों की सप्लाई हुई थी और अभी पुनः राजकीय रसायनशाला में निर्मित औषधियां भी इसी सप्ताह और प्राप्त होने से ओपीडी में संख्या बढ़ी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख रीशम मालवीय ने कहा कि उनका स्वयं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से नाता रहा है अतः आयुर्वेद विभाग से भलि भांति परिचित हैं, बांसवाड़ा आयुर्वेद विभाग ने पिछले कुछ समय से अपने कार्यक्रमों, चिकित्सा शिविरों आदि द्वारा जनता और प्रशासन दोनों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है, आज इस कार्यक्रम में 16 जनों को विभिन्न श्रेणियों में दिये गये सम्मान अन्यों को भी अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करेंगे, आज ही के दिन जयपुर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एवं उदयपुर संभाग स्तरीय कार्यक्रम में भी जिले के आयुर्वेद अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानित किये जाने को लेकर उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि दिनांक 25 सितंबर को मोदीजी भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री होंगे जो तीसरी बार बांसवाड़ा जैसे जनजाति बहुल जिले की धरती पर आकर अब करोड़ों रुपयों के विकास कार्यों की नींव रखेंगे, जो भविष्य में बांसवाड़ा में विकास एवं रोजगार का बड़ा आधार होगा, अतः सभी को 25 सितंबर को प्रधानमंत्री के स्वागत हेतु कार्यक्रम में उपस्थित होना चाहिए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पुर्व अतिरिक्त निदेशक डां राकेश पंड्या ने धन्वंतरि जयंती के स्थान पर 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाने के पीछे आयुर्वेद विज्ञान के स्वास्थ्य सूत्र सिद्धांत को आधार बनाकर अपनी बात कही।
इस अवसर पर अन्य मंचासीन अतिथियों में डां मणिलाल मईडा प्रमुख चिकित्साधिकारी जिला आयुर्वेद चिकित्सालय ने स्वागत उद्बोधन, डां संजय चरपोटा ने प्रधानमंत्री के आयुर्वेद दिवस पर दिये गये संदेश का वाचन, आयुर्वेद चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डाक्टर निलेश ताबियार व नर्सिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजेंद्र परमार ने भी संबोधित किया।
सर्वप्रथम कार्यक्रम में भगवान धन्वंतरि के पूजन पश्चात
अतिथियों का पगड़ी -उपरणा- शांल - तिलक से स्वागत करने वालों में डा अय्यूब, डाक्टर मोहम्मद सादिक खांन, डां विपिन बुनकर, डां संजय राय, डां अशोक जोशी, डां विशाल हगावनिया, डां रणजीत मेरावत, डाक्टर नरेश बसु, कम्पाउन्डर गंगाराम गरासिया खेमराज , संदीप निनामा, गोविन्द नट, मंत्रालयिक कर्मचारी प्रदीप सिंह, नरेश मईडा,दिनेश चरपोटा, नटवरलाल, लेखाकार दीपक खराड़ी परिचालक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद, सुरेश डिंडोर आदि द्वारा किया गया, कार्यक्रम का संचालन डाक्टर निखिल जैन वं डाक्टर नीलम पंड्या ने किया वहीं आभार वरिष्ठ कम्पाउन्डर गंगाराम गरासिया ने किया।

3 months ago | [YT] | 22

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हिंदी सप्ताह अंतर्गत उत्कर्ष टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

सज्जनगढ़, 18 सितंबर 2025। हिंदी सप्ताह के अवसर पर उत्कर्ष टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, सज्जनगढ़ में गुरुवार को आशु भाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हिंदी भाषा के महत्व पर अपने सारगर्भित वक्तव्यों के माध्यम से उत्कृष्ट अभिव्यक्ति की क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छात्र प्रतिनिधि नितेश मीणा रहे, जबकि अध्यक्षता भूपेंद्र मीणा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शीतल एवं सुषमा उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में इस प्रकार के आयोजनों को आवश्यक एवं प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राध्यापक रमेश चंद्र पटेल के संबोधन से हुआ। उन्होंने हिंदी सप्ताह की रूपरेखा, उद्देश्य एवं वर्तमान समय में इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभाषा हिंदी युवाओं को आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति प्रदान करती है। निर्णायक मंडल में विजय गायरी, संदीप सर एवं अंगना वैष्णव सम्मिलित रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की त्वरित चिंतन क्षमता एवं भाषण कौशल को निखारते हैं। प्रतियोगिता में अभिषेक गरासिया ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। मीनू गायरी द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि कशिश कलाल ने तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का संचालन भी कशिश कलाल ने ही किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अंगना वैष्णव ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कॉलेज प्रशासन द्वारा विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के साथ ही कॉलेज के समस्त स्टाफ की सक्रिय उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम को विशेष सफलता प्राप्त हुई।

3 months ago | [YT] | 6

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शोभायात्रा व पूर्णाहुति के साथ भागवत कथा का हुआ समापन

ललित गोलेछा, कुशलगढ़
कुशलगढ़: नई आबादी में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण का समापन किया गया। अंतिम दिवस पर गीता के 10वा अध्याय का प्रवचन किया गया। गुप्त दान हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान कथा में घोड़ादरा के महंत सीताराम महराज ओर एक दिन पूर्व मठ मंगलेश्वर मंदिर के महंत दिवाकर महराज ने उपस्थिति दी।इस कार्यक्रम का आयोजन बारोडिया परिवार द्वारा अनुष्ठान किया गया। समापन अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। जो नगर में भ्रमण किया। इसमें मध्य प्रदेश राजस्थान और गुजरात के आसपास के गावो के कई श्रद्धालुओ ने कथा का लाभ लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।कथा व्यास पीठ से कथा वाचक पंकज दवे ने प्रिंट मीडिया और सोसियाल मीडिया के माध्यम से कवरेज के लिए पत्रकार अरुण जोशी का आभार व्यक्त किया।इस धार्मिक अनुष्ठान पर एडवोकेट हरेंद्र पाठक ने कथा वाचक को संगीत में साथ देने वाले कथा वाचक के पिता नरेंद्र नंदन दवे और साथियों का आभार व्यक्त किया और सभी उपस्थित महेमानो का भी आभार व्यक किया।भूपेश शर्मा श्रवण दवे ढोलक पर मयंक शर्मा कि बार्ड पर अर्जुन शर्मा पेड़ पर कार्तिक राठौड़ और साउंड सिस्टम मे राहुल गौड़ आदिने कथा वाचक को साथ दिया।

3 months ago | [YT] | 5

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उत्कृष महाविद्यालय सज्जनगढ़ में हिंदी पखवाड़ा बड़े उत्साह और उमंग के साथ प्रारंभ

- महेश कुमार सोनी, सज्जनगढ़
सज्जनगढ़। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में उत्कृष महाविद्यालय सज्जनगढ़ में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर कॉलेज का वातावरण साहित्यिक और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हिंदी भाषा के महत्व, उसकी गरिमा तथा राष्ट्रीय एकता में उसकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। पखवाड़े के अंतर्गत भाषण और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसका विषय था – “हिंदी भाषा की राष्ट्रीय एकता में भूमिका।” प्रतिभागियों ने इस विषय पर गहन विचार प्रस्तुत करते हुए हिंदी को केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का प्रतीक बताया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों से यह स्पष्ट किया कि हिंदी भाषा भारत की विविधता में एकता का सूत्र है और यह जन-जन को जोड़ने वाली जीवनरेखा है।वक्ताओं ने हिंदी के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे जन-जन की भाषा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने दैनिक जीवन में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करेंगे तो यह भाषा विश्व पटल पर और अधिक सशक्त पहचान बना सकेगी। कॉलेज के प्राचार्य रामचंद्र जी ने अपने संबोधन में कहा – “हिंदी सिर्फ अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर का दर्पण है। हमें गर्व होना चाहिए कि हिंदी जैसी समृद्ध भाषा हमें मिली है, जो संपूर्ण भारत को जोड़ने का कार्य करती है।” इसी प्रकार कॉलेज के प्रोफेसर रमेशचंद्र पटेल सहित अन्य शिक्षकों व कर्मचारियों ने भी हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों ने साहित्यिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को भी उजागर किया। इससे छात्रों में न केवल हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और आत्मीयता का भाव जागृत हुआ, बल्कि उनमें राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की चेतना भी विकसित हुई।समापन अवसर पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अतिथियों ने एक स्वर में हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने तथा दैनिक जीवन में इसके अधिकतम प्रयोग का संकल्प लिया। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आगामी दिनों में कविता पाठ, वाद-विवाद प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण, नाटक एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति और सृजनशीलता को और अधिक अवसर मिल सके।

4 months ago | [YT] | 9

गांडीव 24 × 7

बीवीवी आनन्दपुरी में दिनभर रहा जश्न का माहौल, खिलाड़ियों ने मैदान में बहाया पसीना
चंकी कलाल, आनंदपुरी

बीवीवी साइंस एन्ड आर्ट्स स्कुल में आयोजित 69 वीं जिला स्तरीय छात्र छात्रा की खो खो प्रतियोगिता के दूसरे दिन उत्साह का माहौल रहा। ब्लॉक शिक्षधिकारी अमरचंद बुनकर एवं एबीईओ चंद्रकांत टेलर के सानिध्य में आयोजित प्रतियोगिता में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला जिसका दर्शकों ने भरपूर लुत्फ उठाते हुए नन्हीं-मुन्नी प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय निदेशक बाबूलाल गुरावा ने बताया की सुबह 9 बजते ही दूसरे दिन के खेल आरम्भ हुए!
छात्रा वर्ग मे उच्च प्राथमिक विद्यालय मुन्ना डूंगरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय पंडवाल ऊंकार, उच्च माध्यमिक भलेर डामोर, उच्च प्राथमिक विद्यालय चित्तौड़ा माफी, उच्च प्राथमिक विद्यालय खूंटा मुंदरी, उच्च माध्यमिक विद्यालय चौरड़ा बडा, उच्च प्राथमिक विद्यालय कूपडी, उच्च प्राथमिक विद्यालय पाड़ेल नाका, फातिमा रानी जाम्बूडी, उच्च प्राथमिक विद्यालय राजपुरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय तम्बोलिया, उच्च प्राथमिक विद्यालय माण्डली छोटी, उच्च प्राथमिक विद्यालय तारवा विजेता रही। छात्र वर्ग मे बीवीवी आनन्दपुरी, माण्डली छोटी, उच्च प्राथमिक विद्यालय छापड़ा, परि रानी सुवाला, उच्च माध्यमिक विद्यालय चोरा बड़ा, उच्च प्राथमिक विद्यालय भोगापुरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय तारवा, एसडीआरके बागीदौरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय राजपुरा, उच्च माध्यमिक विद्यालय कुण्डा, उच्च प्राथमिक विद्यालय कुपड़ी, उच्च प्राथमिक विद्यालय खुटा मुन्द्री, मातेश्वरी आमलीपाड़ा विजेता रही। आज विजेता टीम प्रभारी एवं खिलाड़ियों का शिक्षधिकारी, बीवीवी स्कूल संचालक बाबूलालाल गुरावा, रामस्वरूप भास्कर, चंदन स्वामी एवं जनरल रैफरी लाबूराम पटेल द्वारा धन्यवाद देने के साथ सम्पूर्ण निर्णायक मण्डल को निर्विवाद रूप से मैच करवाने पर आभार व्यक्त किया।

4 months ago | [YT] | 9

गांडीव 24 × 7

सज्जनगढ़ में संत सम्मेलन की तैयारी को लेकर बैठक आयोजित

महेश कुमार सोनी

सज्जनगढ़। भारतीय जनता पार्टी मंडल सज्जनगढ़ के बैनर तले आगामी 16 सितंबर को उत्कर्ष महाविद्यालय परिसर में होने वाले संत कोतवाल भगत सम्मेलन की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष रमणलाल गरासिया ने की, जबकि भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष प्रताप पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में आगामी सम्मेलन को ऐतिहासिक व सफल बनाने के लिए पंचायतवार जिम्मेदारियां तय की गईं। प्रत्येक पंचायत के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए गए, जिन्हें अधिक से अधिक संख्या में संत सम्मेलन में भागीदारी सुनिश्चित कराने का दायित्व सौंपा गया। तय किया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से कम से कम 100 से अधिक कार्यकर्ता व ग्रामीणों की उपस्थिति दर्ज हो, ताकि सम्मेलन को भव्य रूप दिया जा सके।मंडल महामंत्री नरसिंह निनामा, मयूर कलाल, प्रदीप भूरिया, हकर चंद भूरिया, हिमांशु पंचाल, खूंटाचतरा सरपंच सोमेश्वर गरासिया, टांडामंगला सरपंच लवजी भाई सहित सैकड़ों कार्यकर्ता इस बैठक में शामिल हुए और सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन की सफलता के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संत सम्मेलन न केवल सामाजिक व सांस्कृतिक एकजुटता का परिचायक होगा, बल्कि यह नई पीढ़ी को संतों की शिक्षाओं से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।

4 months ago | [YT] | 9