-बदलती दुनियाँ मे बिखरते लम्हों को समेटने की एक कोशिश ।
दूध का सार है मलाई में और जिंदगी का सार है भलाई में
- हंसी खेली रहणु ।
ततुक नी लगा उदेख घुनन मुनइ नि टेक जैंता एक दिन तो आलो उ दिन यो दुनी में।
जै दिन कठुलि रात ब्यालि पौ फाटला, को कड़ा जैंता एक दिन तो आलो उ दिन यो दुनी में।
( नेगी जी का ग्रुप म फुल मसलू मिलोलु कोई डिस्काउंट नीच)
In future
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