Anuvistar अनुविस्तार

"अनुविस्तार में आपका स्वागत है!
यह चैनल मेरे विचारों को साझा करने, नई चीज़ों को समझने और आध्यात्म, दर्शन, राजनीति और धर्म पर गहराई से चर्चा करने का एक प्रयास है।
मैं सीखने और खुद को बेहतर बनाने की यात्रा पर हूँ और आपको भी आमंत्रित करता हूँ।
आइए, मिलकर विचार करें, चर्चा करें और आगे बढ़ें।
आपके विचारों और दृष्टिकोणों का यहाँ सदैव स्वागत है!"

अगर कोई बदलाव या और सुझाव चाहिए तो बताइए!


"ज्ञान यात्रा में अकेले नहीं हो, हम सब यात्री हैं!"

"क्या जो हम जानते हैं, वही सत्य है? या सत्य वह है जो हमें जानने नहीं दिया गया?


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अधूरी नास्तिकता और सेकुलरिज्म

8 months ago | [YT] | 1

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महानता और अपराध दोनों ही व्यक्तिगत होते हैं।
जाति से जोड़ोगे तो समाज हमेशा उलझा ही रहेगा।
महानता में अभिमान करोगे की मेरी जाति का था
वही अपराध में ग़लत को छुपाने की कोशिस|
यदि संघर्ष किया, तो वो व्यक्ति महान हुआ
और अपराध किया, तो वही व्यक्ति दोषी है
इसका जाति से क्या लेना-देना?

10 months ago | [YT] | 1

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आज के इस विशेष दिन पर आशा करता हूँ आप अपने जीवन में हनुमान जी के गुणों को अपनाएंगे, केवल ताकतवर शरीर ही नहीं बल्कि निश्वार्थ सेवा, शांत मन्न व ज्ञान भी इनके गुण हैं। यदि इनके गुणों को अपनाएं बिना बस भक्ति पूजा पाठ ही करलिया | फिर इससे न तुम्हारे जीवन में कोई बदलाव आएगा न समाज में फिर ऐसे में आज का दिन एक अर्थहीन दिखावे की परंपरा बनकर रह जाएगी |

10 months ago | [YT] | 2

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"रानी का चुनाव भी सोच-समझकर करें!"

एक आदमी ने अपनी मेहनत से एक सम्राज्य खड़ा किया, लेकिन जब रानी चुनने की बारी आई, तो केवल सुंदरता देखकर शादी कर ली। परिणाम? धोखा, विश्वासघात, और अंततः बर्बादी।

आजकल ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं, जहाँ पत्नियाँ अपने पति को धोखा दे रही हैं, और कई बार यह विश्वासघात हत्या तक पहुँच जाता है। लेकिन इसका असली कारण क्या है?

समाज ने शादी को एक सौदा बना दिया है।

माता-पिता सिर्फ पैसा और नौकरी देखकर बेटी की शादी कर देते हैं, बिना यह जाँचे कि वह व्यक्ति और उसका परिवार कैसा है।

लड़के भी केवल सुंदरता देखकर शादी कर लेते हैं, यह सोचे बिना कि लड़की के विचार, नैतिकता और व्यक्तित्व कैसा है।


अगर शादी को सिर्फ एक व्यवसायिक लेन-देन बना दिया जाए, तो उसका परिणाम भी वैसा ही होगा—अनिश्चित और खतरनाक।

जब तक हम सही जीवनसाथी चुनने की ज़िम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक ऐसे धोखे और अपराध होते रहेंगे। दोष सिर्फ महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था का है, जहाँ रिश्तों को सिर्फ धन और रूप से तौला जाता है।

शादी कोई जुआ नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय होना चाहिए। वरना, इसके परिणाम बहुत भयावह हो सकते हैं!

11 months ago | [YT] | 2

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**इस युग में भ्रष्ट हो जाना ही कलयुग का गुण है, और सत्य के मार्ग पर चलना नारायण का गुण।**
जो भ्रष्ट हो गया, समझ लो वह कलयुग का अंश बन गया। वहीँ, जो संघर्ष करते हुए भी सत्य के मार्ग पर अडिग रहता है, वह नारायण का अंश है।

**बुद्ध को नारायण अवतार कहा जाता है, और इसके पीछे की वजह यही है।**
उन्होंने मनुष्य को अपने भीतर के नारायण को जगाने का संदेश दिया। उन्होंने हमें अपने अंदर के अंधकार से परिचित कराया और सिखाया कि मुक्ति का मार्ग हमारे भीतर ही है। यही कारण है कि बुद्ध नारायण अवतार हैं।

**जिस प्रकार आत्मा परमात्मा का अंश है, उसी तरह जब तुम जागृत हो जाते हो, बुद्ध हो जाते हो, या फिर सत्य का आभास कर लेते हो, तो तुम अंतरात्मा से जुड़ जाते हो।**
और अंतरात्मा ही परमात्मा का अंश है। परमात्मा ही नारायण हैं। इसलिए, जब मैं कहता हूँ कि तुम्हारे भीतर ही नारायण हैं, तो इसका अर्थ है कि तुम्हें उन्हें जागृत करना है।

**इसकी आध्यात्मिक गहराई को समझो।**
भौतिक स्तर पर नारायण का अंश होने का मतलब यह नहीं कि तुम श्रीराम या श्रीकृष्ण जैसे ईश्वरीय गुणों से तुलना करो। यह एक आंतरिक जागृति है, एक दिव्यता का बोध है।

**कलयुग भी तुम्हारे भीतर है, और नारायण भी।**
कोई भी भ्रष्ट हो सकता है, उसके अंदर का अंधकार बाहर आ सकता है—यही कलयुग का गुण है। वहीँ, हर कोई आत्मज्ञान पाकर, अपने भीतर के नारायण को जगाकर, उनका अंश बन सकता है।

**यही इस युग का सत्य है।**
तुम्हारे भीतर ही कलयुग और नारायण दोनों विद्यमान हैं। चुनाव तुम्हारा है—अंधकार में डूबना है या प्रकाश बनना है। जागो, अपने भीतर के नारायण को पहचानो, और इस कलयुग में धर्म के मार्ग का प्रकाश फैलाओ।

11 months ago | [YT] | 2