Harkara हरकारा

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हरकारा एक देशज शब्द है संदेशवाहक के लिए. हमारी तरफ से एक छोटी सी कोशिश उन जरूरी ख़बरों को आप तक पहुँचाने की, जो ध्यान में आने से रह जाती हैं, या छिपा दी जाती या फिर इतनी तोड़-मरोड़ दी जाती हैं जो हम में से बहुत से लोगों को भ्रमित करती हैं. हरकारा की छोटी सी टीम हर चौबीस घंटे में आपके लिए उन खबरों को संजो कर आपके पास ले कर आएगी एक सूची की शक्ल में उनका मर्म बताते हुए, ताकि आप मीडिया उद्योग के शोर और चिल्लपों में गुम हो रही ख़बरों को पढ़ सकें. हरकारा एक न्यूज़ लेटर है, आपके ईमेल और दूसरी जगहों पर आप तक रोज पहुँचेगा. यहां हमारे न्यूजलेटर का ऑडियो आप सुन सकेंगे..


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Harkara हरकारा

दिल्ली क्राइम सीजन 3 कैसे लिखा गया.
हरकारा डीप डाइव में लेखिका अनु सिंह चौधरी से बातचीत.
पत्रकारिता से फिक्शन तक का सफर, राइटर्स रूम की सच्चाई, चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर रिसर्च और यह सवाल कि क्या आज फिक्शन सच कहने की ज़्यादा आज़ादी देता है.
पूरा इंटरव्यू देखें: https://youtu.be/Yxp_j9Z_ktQ

1 week ago | [YT] | 34

Harkara हरकारा

आज 7 बजे हरकारा डीप डाइव पर एक बेहद अहम बातचीत.

इस इंटरव्यू में अर्थशास्त्री और नीति विशेषज्ञ डॉ. परकाला प्रभाकर बताते हैं कि SIR के नाम पर मतदाता सूचियों से लाखों नाम हटाए जाने का क्या मतलब है, और यह प्रक्रिया भारत के लोकतंत्र को किस दिशा में ले जा रही है.

बात होगी वोट के अधिकार, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, चुनाव आयोग की भूमिका और उस ख़ामोश राजनीतिक जनसंहार की, जिसमें खून नहीं बहता लेकिन नागरिक अधिकार मिटा दिए जाते हैं।

यह इंटरव्यू उन सभी के लिए ज़रूरी है जो
लोकतंत्र को समझना चाहते हैं,
चुनावों पर उठते सवालों से जूझ रहे हैं,
और नागरिक अधिकारों को सिर्फ आंकड़ा नहीं मानते

पूरा इंटरव्यू हरकारा के यूट्यूब चैनल पर आने वाला है.

2 weeks ago | [YT] | 98

Harkara हरकारा

हरकारा डीप डाइव के इस सबसे अधिक देखे गए एपिसोड में निधीश त्यागी ने लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल से बातचीत की. चर्चा की शुरुआत उनकी किताब "प्राइस ऑफ मोदी इयर्स" से होती है और आगे बात उन वैश्विक सूचकों तक जाती है जिन पर 2014 के बाद भारत या तो रुका रहा या नीचे खिसकता गया.

मानव विकास सूचकांक, भुखमरी, भ्रष्टाचार, प्रेस स्वतंत्रता, एशिया पावर इंडेक्स, पासपोर्ट ताकत – हर पैमाने पर भारत की गिरती स्थिति पर साफ और डेटा आधारित बात होती है. आकार पटेल बताते हैं कि जब सुधार नहीं हुए, तो सरकार ने इन इंडेक्स पर टिप्पणी करना तक छोड़ दिया.

सिविक स्पेस के सिकुड़ने, विरोध की जगह खत्म होने, आरटीआई पर हमले और संस्थाओं से बढ़ते डर पर भी खुलकर चर्चा है. उत्तर भारत के मानव विकास सूचकों को वे सब-सहारन अफ्रीका से तुलना करते हैं और बताते हैं कि यह देश के चुनावी विमर्श में कभी सवाल ही नहीं बन पाता.

इलेक्टोरल बॉन्ड, असीमित चुनावी धन, प्रचार बनाम डेटा और दक्षिण एशियाई राजनीति में भारत के व्यवहार पर भी यह बातचीत रोशनी डालती है.

यह वीडियो इसलिए साझा कर रहे हैं क्योंकि इसे दर्शकों ने सबसे अधिक सुना और देखा – और शायद इसलिए कि इसमें कुछ ऐसे सवाल उठते हैं जिनसे बचना अब मुश्किल है.

पूरा एपिसोड देखें और खुद तय करें कि भारत विश्व गुरु की ओर बढ़ रहा है या वैश्विक सूचकों में लगातार पीछे जाता एक थका हुआ लोकतंत्र बनता जा रहा है: https://www.youtube.com/watch?v=2llyG...

1 month ago | [YT] | 111

Harkara हरकारा

आज शाम छह बजे तक बिहार चुनाव 2025 के नतीजे काफी हद तक साफ हो चुके हैं. ताज़ा रुझानों के अनुसार एनडीए ने बड़ी बढ़त बना ली है और लगभग 200 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है. शुरुआती दौर में ही एनडीए ने स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली थी, जबकि महागठबंधन लगातार पीछे होता दिख रहा है. अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है.

इन्हीं नतीजों और रुझानों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए हम आज लाइव आ रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग जी के साथ. वे बिहार की राजनीति, मीडिया के दृष्टिकोण और जनता के फैसले को गहराई से समझाते हैं. चर्चा में यह भी बात होगी कि इस चुनाव में किन मुद्दों ने असर डाला, विकास, जातीय समीकरण या नेतृत्व का सवाल।

हम इस लाइव में ताज़ा आंकड़े, विश्वसनीय स्रोतों से आए नतीजे और ज़मीनी हकीकतें साझा करेंगे.
बिहार की राजनीति के इस निर्णायक मोड़ को समझने के लिए हमारे साथ बने रहिए ,
"हरकारा" से जुड़े रहिए, आज शाम 6 बजे लाइव.

1 month ago | [YT] | 18